Raniganj Gaushala श्री सेन्ट्रल गोरक्षणी रानीगंज, गया,बिहार

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Raniganj Gaushala श्री सेन्ट्रल गोरक्षणी रानीगंज, गया,बिहार ’सर्वे देवा गवामड्गे तीर्थानि तत्पदेषु च’

1-गोवंश की उन्नति तथा वृद्धि करना।
2-गौओं की साधारण अवस्था का सुधार करना तथा उनके स्वास्थ्य एवं जीवन की समुन्नति के लिए समुचित उपाय करना।
3-पशुओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकना और उनका भरण-पोषण करना।
4-अकाल पीड़ित एवं रोगी गौओं के भोजन और चिकित्सा का प्रबन्ध करना।
5-गोरक्षा के लिए पशु-चिकित्सालय, गोसदन, चर्मालय, गोबर गैस प्लान्ट तथा समयानुसार उपयुक्त इसी प्रकार के अन्य उपायो को काम में लाना।

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07/01/2026

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🚨श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, जन्मोत्सव मुहूर्त रात 12 बजे से:जानिए पूजा की आसान विधि, मंत्र और व्रत के दौरान ध्यान रखने वाल...
16/08/2025

🚨श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, जन्मोत्सव मुहूर्त रात 12 बजे से:जानिए पूजा की आसान विधि, मंत्र और व्रत के दौरान ध्यान रखने वाली बातें

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। सूर्योदय से रात तक श्रीकृष्ण की जन्म तिथि रहेगा। उदया तिथि में व्रत-पर्व मनाने की परंपरा के मुताबिक मथुरा, वृंदावन, द्वारका, पुरी और ज्यादातर मंदिरों में आज ही जन्माष्टमी मनाई जा रही है।

कृष्ण जन्मोत्सव रात में मनाने की परंपरा है, क्योंकि श्रीकृष्ण का जन्म रात के आठवें मुहूर्त में हुआ था। ये मुहूर्त रात 12 बजे से 12.48 तक रहेगा।

कुछ लोग रात में भगवान की पूजा नहीं कर पाते हैं। जिसके चलते दिनभर अष्टमी तिथि के दौरान किसी भी समय कृष्ण पूजा कर सकते हैं।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत की विधि, नियम और महत्व

विधि : ब्रह्म मुहूर्त से अगले दिन तक
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू कर अगले दिन सूर्योदय तक व्रत करने का विधान है। अगले दिन नहाकर पूजा करने के बाद भगवान को भोग लगाकर प्रसाद खाकर व्रत का पारण किया जाता है। यानी व्रत पूरा किया जाता है। बच्चे, बूढ़े और रोगियों के लिए नियम नहीं है। श्रद्धा से किसी भी तरह व्रत कर सकते हैं।

नियम : सूखे मेवे, फल खाएं

इस व्रत में अन्न नहीं खाया जाता। सिर्फ फल और दूध ही ले सकते हैं। सेहत और स्थिति के अनुसार सूखे मेवे, थोड़ी मात्रा में फलाहार या ज्यूस ले सकते हैं। रात में आरती के बाद फलाहार न करें, जरूरत हो तो दोबारा दूध पी सकते हैं।

महत्व : कष्ट दूर होते हैं, जीत मिलती है

व्रत-उपवास इसलिए ताकि भगवान की पूजा में मन, शरीर और विचार शुद्ध रहें। ग्रंथों में इसे जयंती व्रत कहा है, इससे सुख और समृद्धि मिलती है। मान्यता है कि अष्टमी जया तिथि है। इस तिथि पर व्रत करने से जीत मिलती है

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रानीगंज गौशाला श्री सेंट्रल गौरक्षणी
Raniganj
824206

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09431467313

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