07/08/2026
आज हमारी टीम ने झारखंड के गुमला जिले में स्थित नीति आयोग के PVTG मॉडल गाँव 'औरापाठ' का दौरा किया। कोरवा समुदाय के साथ मिलकर काम करते हुए, हमारा लक्ष्य केवल तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाना है।
हमारी चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रोजेक्ट की समयावधि समाप्त होने के बाद भी प्रभावी रहने वाली 'ग्रेजुएशन रणनीति' (Graduation Strategy) तैयार करना था। गरीबी से स्थायी मुक्ति का अर्थ समुदाय को केवल आर्थिक स्थिरता देना नहीं, बल्कि उनका क्षमता निर्माण करना और उन्हें बाजारों से जोड़ना है।
वास्तविक आत्मनिर्भरता तभी संभव है जब उसकी कमान खुद गाँव के लोगों के हाथों में हो। इसी सोच के तहत, ग्रामीणों के बीच से ही एक 'कॉमन फैसिलिटी सेंटर' (CFC) टीम का चयन किया गया ताकि वे इन आजीविका पहलों की जिम्मेदारी खुद संभाल सकें।
यह समर्पित टीम अब उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के लिए पॉलीहाउस नर्सरी का प्रबंधन करेगी और छोटे मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए वैक्सीनेशन कोल्ड चेन का संचालन करेगी। ये प्रयास आवश्यक पशुधन की रक्षा करेंगे और ग्रामीण परिवारों की आय को मजबूती देंगे।
जब स्थानीय लोग खुद अपने विकास का नेतृत्व करते हैं, तो बाहरी सहयोग स्थायी आत्मनिर्भरता में बदल जाता है। औरापाठ को अपने उज्ज्वल भविष्य की कमान खुद संभालते देखना प्रेरणादायक है।