26/08/2026
कंगना के समाज देशसेवा में योगदान -
भारत का युवा तो गटर नहीं है लेकिन कंगना रनौत जैसी चलती फिरती स्तरहीन महिलाओं ने पूरी नारी जाति का अपमान किया है....
कंगना का योगदान आखिर क्या है आईए देखते हैं.... उसके व्यक्तिगत जीवन में शादी से पहले कई-कई मर्दों से संबंध बनाना ...टोना टोटका करना.... तंत्र-मंत्र करके खून का प्रयोग करना...विवाहित मनुष्य के पीछे पड़कर .....ऋत्विक रोशन की वैवाहिक जिंदगी खराब करना..... 17- 18 साल की उम्र में घर छोड़कर भाग जाना.... माता-पिता की इज्जत के ऊपर बट्टा लगाना..... एक नहीं कई कई पुरुषों के साथ मुंबई में लिविंग रिलेशनशिप में रहना.…..., यह तो इस महान महिला का व्यक्तिगत जीवन का योगदान है......
और यदि इसके सार्वजनिक जीवन के योगदान की बात करें .....तो जितनी फिल्में इसने की है उसमे नशा, हिंसा, वासना, स्वच्छंदता एक रात में किसी से मिले .....उसी से संबंध बनाना ....जैसी चीजों को बढ़ावा दिया है......
आज यदि कुछ युवा भ्रमित भी है...... तो भी उसके पीछे सही मायने में कंगन जैसी फिल्मी भाँडो का योगदान है....युवा गटर नही है ....कंगना जैसी औरते नारी जाति के नाम पर गटर है......
कंगना के भारत मे क्या योगदान है .....देखते है...
2006 में कंगना की एक फिल्म आई थी गैंगस्टर .....एक लव स्टोरी जिसमें उसने सिमरन नाम की लड़की का किरदार निभाया ....तथा वह लड़की दिखती है प्यार यदि करना है..... तो अपराधी से करो अपराध को ग्लैमराइज करने का अपराधियों को... ग्लैमराइज करने का .......और अपराधियों को ही लड़कियां पसंद करती हैं …....इस फ़िल्म के।माध्यम से ऐसा स्थापित करके पूरी नारी जाति का अपमान करने के लिए.... कंगना को माफी मांगनी चाहिये....
खतरनाक और नियम तोड़ने वाला व्यक्ति ज्यादा रोमांटिक और आकर्षक होता है............ मतलब गुंडे, मवाली, क्रिमिनल, माफिया लोग... अच्छे प्रेमी होते हैं तुम्हारी मां बहन बेटियां ऐसे लोगों से प्रेम करें....
प्रेम में सही-गलत की सीमा धीरे-धीरे कमजोर दिखाई देने लगती है............ मतलब शरीर के प्रेम के लिए... वासना के कीड़े बनकर ....कोई भी अपराध करो.... हिंसा करो ...किसी को मारो.... उसको ग्लोरिफाई किया है.... कंगना राणावत में....... आज जो कुछ नारियां अपने पतियों की हिंसा कर रही है उनको प्रेरणा देने का काम इनका सिमरन जैसा किरदार करता है.........
यहाँ “YOLO” जैसी सोच युवाओं को देने व जोखिम, अपराध और परिणामों की चिंता किए बिना सब कुछ आजमाना चाहिए............जीवन एक बार मिला है सब कुछ हिंसा नशा जरूर करना चहिये....
इसी प्रकार 2006 में
Woh Lamhe... फिल्म आयी जिसमे कंगना ने सना नामकी लड़की का किरदार किया,....
सना नाम की लड़की के किरदार ने समाज की... लड़कियों को क्या सिखाया???
इसके लिए कंगना को चौराहे पर खड़े करके जूते मारने चाहिए.....
प्रेम, जुनून और निजी संघर्ष उसके जीवन को प्रभावित करते हैं............
बिना जिम्मेदारी के केवल शरीर के आकर्षण के लिए किसी भी हद तक जाकर केवल भोग वासना करना....
कंगना का यह किरदार सीखाता है.......
तथा यह किरदार यह भी दुषप्रेरणा देता है, शरीर के आकर्षण में समाज की परवाह न करो... केवल और केवल जो मिले उसके साथ संबंध बनाओ.....
ऐसे में “Love Is Pain” या “Life Is for Fun” जैसी सतही धारणाएँ रिश्तों की परिवार की जिम्मेदारी को पीछे धकेल सकती हैं............
एक और फ़िल्म को देख ले
Life in a... Metro 2007 नेहा का किरदार-
यह किरदार सबसे ज्यादा बहस पैदा कर सकता है............ इस फिल्म में कंगना ने ऐसा किरदार निभाया है जिसमें चाय समोसे की तरह.... अपने पति को छोड़कर जो मिले उसके साथ संबंध बनाओ.....
एक युवा के लिए इसका गलत संदेश यह है.... कि अगर रिश्ते में मन नहीं लग रहा तो commitment निभाने के बजाय दूसरा रिश्ता तलाश लेना... भी आधुनिक जीवन का सामान्य तरीका है............जस्ट नार्मल..
तलाक लो पशुओं की तरह संबंध पार्टनर बदल लो....
आज सिखाया है कंगना ने देश के युवाओं को ...... करोड रुपए की अपनी फिल्मों से कमाई करके....
यहीं से casual relationship और “जो मन करे करो” वाली सोच को ग्लैमर देकर कंगना ने देश के युवाओं को सिखाया है...........
“Open Relationship” और “My Life, My Choice” मतलब माता-पिता समाज कुछ नहीं जो कुछ करना है केवल मनमर्जी करना है....
एक और फ़िल्म -
Fashion 2008 शोनाली
शोनाली ग्लैमर की दुनिया में पहुंचती है और धीरे-धीरे पार्टी, शराब, नशे और अनियंत्रित जीवनशैली में फंसती जाती है............
युवा दर्शक अगर केवल ग्लैमर वाला हिस्सा देखे तो उसके मन में यह तस्वीर बन सकती है कि success, modelling, parties, alcohol और wild lifestyle एक ही package हैं............ यह देश के युवाओं को कंगना ने सिखाया है ।।.।।नारी जाति का अपमान किसने किया है??... इस फिल्म को देखकर जाना जा सकता है.... नारी को केवल मॉडलिंग की भोग बाजार की वस्तु बनाया है...
यानी जिस चीज से दूरी बनानी चाहिए, वही शराब नग्नता नशा ड्रग्स fashionable दिखाई देने लगती है............
“Party Harder”, “Life Is for Fun” और “No Responsibility” जैसे संदेश कंगना ने दिए है, खासकर तब जब पार्टी, नशे और देर रात की घर से बाहर रहकर व्यभिचार करना ही सफलता और लोकप्रियता के प्रतीक की तरह दिखा कर ग्लैमरस किये है............
Katti Batti फ़िल्म 2015 की पायल का रोल- इस फिल्म में पायल विवाह नाम की घोर विरोधी है....... कंगना ने देश के युवाओं को लिव इन रिलेशनशिप में रहना सिखाया है...... इस फिल्म के माध्यम से...
विवाह और स्थायी commitment जरूरी नहीं............
यही वह जगह है जहाँ live-in relationship मतलब आधुनिक ग्लेमर, केवल “freedom” और जिम्मेदारी कोई नही न माता पिता ने बच्चे की जिम्मेदारी केवल संबंध भोग करना ही जीवन का उद्देश्य है ............ जो भारतीय संस्कृति व सनातन के बिल्कुल विपरीत है.....
“Open Relationship”, “No Commitment” और “One-Night Stand” जैसे विचार कंगना ने फिल्मों के माध्यम से ग्लैमराइज ग्लोरीफाई किए हैं तथा युवाओं को लगता है कि यही आदर्श जीवन है,
यहीं सवाल उठता है—क्या freedom का मतलब responsibility से छुट्टी है............
बाबा रामदेव ने गेरुआ वस्त्र पहनकर घर-घर तक योग पहुंचाया है लाखों लोगों को रोगमुक्त, नशामुक्त बनाया है योगी, संयमी, सदाचारी तथा राम जैसा बनने के लिए प्रेरणा दी है।।।।।।
आज यदि कंगना एक सांसद है.... तो ऊपर जितने भी किरदार कंगना ने निभाई हैं... और उससे जो गंदगी समाज में पैदा हुई है....... उसके लिए कंगना को पूरे भारत की नारी जाति के साथ माफी मांगनी चाहिए....
अगर कंगना या किसी भी अभिनेत्री ने पैसे कमाने के... लिए सेक्स, शराब, नशे..... की कंपनियों के व्यापार को बढ़ाने के लिए फिल्म में शराब, ....casual relationship, live-in, hook-up या one-night stand को देखकर युवा उसे आधुनिकता, आजादी और coolness से जोड़ने लगे.......
तो हमें कम से कम यह सवाल जरूर पूछना चाहिए और माफी मांगने के लिए मजबूर करना चाहिए.......
और यदि कोई कहे—“भाई, यह तो सिर्फ फिल्म है।” आज जो फिल्म दिखाई जाता है वही कल बच्चे सीखते हैं और बच्चे करते हैं........
इसलिए आज जो पाप है उसकी जिम्मेदार यह है फिल्मी भांड है...... यह हमारे आदर्श नहीं .....यह बदमाश और अपराधी......ढोंगी..... किस्म के लोग हर जगह इनका बहिष्कार जब तक नहीं होगा......
तब तक हमारा भारत राम के आदर्शों पर चलने वाला भारत नहीं बन सकता...
युवा मन बहुत कुछ देखकर सीखता है—फैशन, भाषा, व्यवहार, रिश्तों का तरीका और यहां तक कि यह भी कि समाज में क्या “cool” है और क्या “old fashioned”..... फैशन व्लैमर के नाम पर अंगना में जो देश के युवाओं को गटर बनाया है इसके लिए उसे माफी मांगी चाहिए.......
और हां एमपी बनने के लिए ....राजनीति चमकाने के लिए.....इमरजेंसी विरानी लक्ष्मीबाई के नाम पर कुछ ड्रामा करके छवि बदलने की कोशिश की..... लेकिन जिसने इतनी अश्लीलता की हो .....वह रानी लक्ष्मीबाई का रोल भी करने के लायक नहीं है...... रानी लक्ष्मी बाई आदर्श चरित्रवान महिला थी उसका रोल यदि ऐसी महिलाएं निभाएंगे तो वह भी उनका अपमान है.......
मैं पूज्य स्वामी बाबा रामदेव का समर्थन करता हूं तथा ऐसे सभी लोगों का जो समाज को कुछ अच्छा सीखते हैं..... और ऐसे भांड चरित्रहीन कंगना जैसे लोगों का खान गैंग जैसे लोगों का जिन्होंने समाज में केवल गंदगी फैलाई है हमारी बहन बेटियों को लव जिहाद में धकेल है उन सबका हमें बहिष्कार करना ही होगा.....
Rakesh Bharat