विश्व हिंदू परिषद झारखंड

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विश्व हिंदू परिषद झारखंड विश्व हिंदू परिषद एक हिंदू धार्मिक समाजिक संगठन है जिसका नारा "धर्मो रक्षति रक्षिता:" है

पूज्य अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष में हर घर तक पहुंचेगा बजरंग दल​गुमला (20 सितंबर):  बजरंग दल की दो दिवसीय प्रांत...
20/09/2026

पूज्य अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष में हर घर तक पहुंचेगा बजरंग दल

​गुमला (20 सितंबर): बजरंग दल की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक माननीय किशन प्रजापत रहे।
​समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और राम मंदिर आंदोलन को गति देने वाले पूज्य अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ होने वाला है। इस पावन अवसर पर बजरंग दल का संकल्प है कि संगठन का विस्तार हर घर तक हो और 'हर घर से बजरंगी' निकले।
​देश की वर्तमान समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विधर्मी विभिन्न रूपों में लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी गंभीर चुनौतियों को जन्म दे रहे हैं। इनसे निपटने के लिए बजरंग दल गांव-गांव में मिलन केंद्र चलाकर युवाओं की शक्ति को जागृत करेगा, ताकि किसी भी गांव, प्रखंड या जिले में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो सके। उन्होंने रेखांकित किया कि अपनी स्थापना काल से ही बजरंग दल विधर्मियों के लिए चुनौती बना रहा है। राम मंदिर आंदोलन, रामसेतु आंदोलन आंदोलन जैसे ऐतिहासिक अभियानों में बजरंग दल ने नए जोश और ऊर्जा के साथ देश के हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है।
​बैठक के दौरान आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार की गई। इसके तहत बजरंग दल का विस्तार हर स्थान पर किया जाएगा। नए-नए 'बालोपासना केंद्र' और 'मिलन केंद्र' प्रारंभ किए जाएंगे, जिनके माध्यम से युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास किया जाएगा ताकि वे राष्ट्र के समक्ष आने वाली हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

मंच पर बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत जी के साथ क्षेत्र संयोजक जनमेजय जी,स्वामी कृष्ण चैतन्य जी, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर जी, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन जी, प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो जी तथा विहिप के जिलाध्यक्ष अजय राणा जी उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांत सह-संयोजक जनार्दन जी ने किया।
​बैठक में प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित, प्रांत सह-विद्यार्थी प्रमुख अमर प्रसाद, गुमला विभाग संयोजक मुकेश, पलामू विभाग संयोजक सूरज, रांची विभाग संयोजक अंकित सहित प्रांत, विभाग व जिलों के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

गुमला में बजरंग दल झारखंड प्रांत की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक प्रारम्भ।​गुमला (झारखंड), 19 सितंबर: लोहरदगा रोड स्थित महेश्...
19/09/2026

गुमला में बजरंग दल झारखंड प्रांत की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक प्रारम्भ।

​गुमला (झारखंड), 19 सितंबर: लोहरदगा रोड स्थित महेश्वरी धर्मशाला, गुमला में आज बजरंग दल झारखंड प्रांत की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक श्री किशन प्रजापत, क्षेत्र संयोजक श्री जन्मेजय कुमार, विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रताप, विहिप प्रांत संगठन मंत्री श्री चितरंजन एवं बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की गई।
​बैठक का प्रारंभ तीन बार 'ॐ' के उच्चारण, एकात्मता श्लोक और विजय महामंत्र के साथ किया गया।

झारखंड के सभी जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रताप ने कहा कि बजरंग दल माँ भारती की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाला देश के समर्पित हिंदू युवाओं का संगठन है। उन्होंने कहा, "कार्यकर्ता का विकास ही संगठन का विकास है। प्रभु श्री राम और हनुमान जी की पावन जन्मस्थली गुमला में यह बैठक होना ईश्वर की विशेष अनुकंपा है।"
​ देश में किसी भी विपत्ति या संकट के समय बजरंग दल सदैव सबसे पहले आगे आकर समाज को संगठित करता है।
​ गौ-माता की रक्षा, अवैध धर्मांतरण पर रोक और लव जिहाद जैसी कुरीतियों के खिलाफ बजरंग दल निरंतर सजगता से कार्य कर रहा है।
​कार्यकर्ताओं को अहंकार और द्वेष भाव से दूर रहने का परामर्श देते हुए उन्होंने कहा कि सभी हिंदू आपस में भाई-भाई हैं। संगठित समाज ही देश के बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकता है।
​कार्यक्रम के दौरान "जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई" का नारा गूंजायमान रहा।
​बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति:
इस प्रांतीय बैठक में बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक जनार्दन जी,अमर प्रसाद जी, अमित जी,कुमार गौरव जी,रवि वर्मा जी साथ ही गुमला जिला विहिप अध्यक्ष अजय सिंह राणा, विहिप जिला मंत्री मनीष बाबू, गुमला विभाग संगठन मंत्री विजय यादव, विभाग संयोजक मुकेश सिंह, जिला संगठन मंत्री केशव चंद्र साय, बजरंग दल जिला संयोजक संतोष यादव, जिला सह-संयोजक अरविंद लोहरा, विहिप जिला सह-मंत्री सकल दीप नाथ सहदेव एवं जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख अमित कुमार सहित कई गणमान्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व हिंदू परिषद  का स्थापना दिवस हजारों स्थानों पर उत्साह पूर्वक सम्पन्न हुआ , जिसमें संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और ...
13/09/2026

विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस हजारों स्थानों पर उत्साह पूर्वक सम्पन्न हुआ , जिसमें संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रमुख वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष श्री चन्द्रकान्त रायपत, प्रांत मंत्री श्री मिथिलेश्वर मिश्र, सहमंत्री मनोज पोद्दार, रामनरेश जी, उपाध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद यादव जी, बजरंग दल के प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो, मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती अणिमा पांडेय, तथा दुर्गावाहिनी संयोजिका सुश्री कीर्ति सहित कई अन्य प्रांत अधिकारियों ने वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए और संगठन के उद्देश्यों तथा कार्य विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए सभी को प्रेरित किया।

श्रीगंगा गौशाला कतरास में विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा विभाग द्वारा किसान सम्मेलन आयोजित​कतरास (धनबाद) 13 सितम्बरविश्व हिंद...
13/09/2026

श्रीगंगा गौशाला कतरास में विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा विभाग द्वारा किसान सम्मेलन आयोजित

​कतरास (धनबाद) 13 सितम्बर
विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा विभाग के तत्वावधान में श्रीगंगा गौशाला, कतरास (धनबाद) में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जैविक कृषि अपनाने का संकल्प लिया।

​कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया।
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विहिप के गौरक्षा विभाग के प्रान्त प्रमुख कमलेश जी ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए रासायनिक खेती और यूरिया-कीटनाशकों से होने वाली गंभीर हानियों व उससे उत्पन्न होने वाली घातक बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में हर हिंदू परिवार के घर में देशी गाय अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि देशी गाय भारतीय संस्कृति और कृषि की रीढ़ है।
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प्रान्त संगठन मंत्री चितरंजन जी ने गौरक्षा विभाग की दृष्टि से 'आदर्श प्रखण्ड' और 'आदर्श ग्राम' की संकल्पना के बारे में उपस्थित किसानों को बताया। उन्होंने कहा कि आज रासायनिक खाद्य पदार्थों का हमारी जीवनशैली और परितंत्र के अंदर स्थापित होना बेहद चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने किसानों को पूरी तरह से जैविक रीति से कृषि करने के लिए प्रेरित किया ताकि किसान स्वयं जैविक पद्धति से सिंचित शुद्ध अनाज और सब्जियों का उपयोग कर रोगमुक्त जीवन जी सकें।
​उन्होंने किसानों को जागरूक करने के लिए प्रखण्ड टोली और ग्राम टोली का गठन करने का विशेष आग्रह किया। साथ ही प्रखण्ड स्तर पर औषधि और घरेलू उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
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बैठक में गौरक्षा विभाग के 9 वार्षिक कार्यक्रमों को हर स्तर पर मनाने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही, 'गौसम्मान हस्ताक्षर अभियान' में भी तेजी लाने और जन-जन तक इसे पहुँचाने की अपील की गई।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में मंटू जी, संजय जी, विजय अग्रवाल,सतीश जी, विपिन जी सहित सैकड़ों प्रगतिशील किसान और विहिप के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिंदुओं में घटती जन्मदर देश के लिए गंभीर चिंता का विषय, मानसिकता में बदलाव आवश्यक: विहिप केंद्रीय मंत्री​जमशेदपुर:विश्व ...
10/09/2026

हिंदुओं में घटती जन्मदर देश के लिए गंभीर चिंता का विषय, मानसिकता में बदलाव आवश्यक: विहिप केंद्रीय मंत्री

​जमशेदपुर:
विश्व हिंदू परिषद जमशेदपुर महानगर द्वारा बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में संगठन का 62वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ।

​समारोह में मुख्य रूप से विहिप के केंद्रीय मंत्री एवं विशेष संपर्क प्रमुख माननीय अम्बरीष जी, झारखंड प्रांत अध्यक्ष माननीय चंद्रकांत रायपत जी, भारत सेवाश्रम संघ के पूजनीय स्वामी जी, विभाग मंत्री अरुण सिंह जी, जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता जी, विभाग संगठन मंत्री गणेश विद्यार्थी जी एवं प्रांत मातृशक्ति बाल संस्कार केंद्र प्रमुख सविता सिंह जी मंचासीन रहे।

​सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री माननीय अम्बरीष जी ने 1964 में साधु-संतों के आह्वान पर हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से हुई विहिप की स्थापना के संदर्भ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की अजेय हिंदू शक्ति आज विश्व के कोने-कोने में अपनी पहचान बना रही है।

​अम्बरीष जी ने हिंदू समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जातियों में बंटते हिंदू समाज को एकजुट कर सामाजिक समरसता लाना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने समाज में देर से विवाह करने और कम संतान उत्पन्न करने के नए प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदुओं की घटती जन्मदर देश के लिए विचारणीय विषय है। इस दिशा में सकारात्मक बदलाव के लिए हिंदू समाज की मानसिकता को बदलना आवश्यक है।

​उन्होंने आगे कहा कि विभाजन के समय पाकिस्तान में रह गए हिंदू अपनी भौतिक संपत्ति के बल पर नहीं, बल्कि अपने साथ ले गए धर्मग्रंथों और सांस्कृतिक शक्ति के बल पर आज भी अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं।
​
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन जी, बजरंग दल सहसंयोजक जनार्दन पांडेय, गौ रक्षण एवं संवर्धन परिषद प्रमुख सुजीत साहू, धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अवतार सिंह गांधी, प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख संजय चौरसिया, बजरंग दल संयोजक मुन्ना दुबे, जिला मंत्री चंद्रिका भगत, सहमंत्री उत्तम कुमार दास, सहमंत्री भोला लोहार, महानगर कार्यसमिति सदस्य जितेंद्र प्रमाणिक, दुर्गावाहिनी संयोजिका मनु जी, मातृशक्ति एम भवानी, सेवा प्रमुख मनीष सिंह, धर्म प्रसार प्रमुख विवेक सिंह, सामाजिक समरसता प्रमुख दिलीप श्रीवास्तव, एम साई दीदी सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता एवं सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।

10/09/2026

विश्व हिंदू परिषद,स्थापना दिवस, जमशेदपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री माननीय अम्बरीष जी

हिंदू समाज को एकजुट कर अजेय शक्ति खड़ी करना विहिप का लक्ष्य: अम्बरीष सिंह​​रामगढ़, 9 सितंबर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) क...
09/09/2026

हिंदू समाज को एकजुट कर अजेय शक्ति खड़ी करना विहिप का लक्ष्य: अम्बरीष सिंह
​
​रामगढ़, 9 सितंबर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस रामगढ़ स्थित लायंस क्लब में अत्यंत धूमधाम और गरिमामयी वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विहिप के केंद्रीय मंत्री व अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीष जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विहिप प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, कार्यकारी अध्यक्ष तिलक राज मंगलम, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, आरएसएस जिला सह संघचालक चंद्र बहादुर एवं विहिप जिला अध्यक्ष संतु भाई मानिक शामिल थे।

​समारोह का शुभारंभ राम दरबार एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि के साथ हुआ। तत्पश्चात, छोटे बच्चों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अम्बरीष जी ने कहा कि विश्व कल्याण के उद्देश्य से 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन अजेय हिंदू शक्ति के निर्माण हेतु विहिप की स्थापना की गई थी। उन्होंने 1969 के कर्नाटक संत सम्मेलन का स्मरण कराते हुए कहा कि संतों ने समाज से छुआछूत जैसी कुरीतियों को नकारते हुए समानता का संदेश दिया था—"हिंदवः सोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत" अर्थात् जन्म के आधार पर कोई बड़ा-छोटा नहीं है, हम सभी भारत माता की संतानें और सहोदर भाई हैं।
​अम्बरीष जी ने हिंदू परिवारों से अपने घरों में श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण व महाभारत जैसे ग्रंथों का नियमित अध्ययन करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लव जिहाद, जनसंख्या असंतुलन एवं सामाजिक विघटन जैसे गंभीर मुद्दों पर सचेत रहने तथा युवाओं को समाज हित में संगठित होकर आगे बढ़ने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि विहिप निरंतर मठ-मंदिरों, तीर्थों, अर्चक-पुरोहितों और संस्कृत भाषा की पुनर्प्रतिष्ठा एवं जनसेवा के कार्यों में संलग्न है।

​इस अवसर पर दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका कीर्ति गौरव, जिला मंत्री छोटू वर्मा, सहमंत्री अमित जी, सहमंत्री भागीरथ पोद्दार, बजरंग दल जिला संयोजक महेंद्र ठाकुर, सह संयोजक नंदकिशोर राम, दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका अनामिका श्रीवास्तव, सह संयोजिका प्रियंका कुमारी, अर्चना महतो, सत्संग प्रमुख संतोष सिंह, जगत नारायण शाह, विनय शर्मा और अंजली कुमारी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस समारोह डोरंडा में अत्यंत गर...
08/09/2026

रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस समारोह डोरंडा में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन के गौरवशाली इतिहास, उद्देश्यों और समाज सेवा के संकल्पों पर प्रकाश डाला।
​समारोह को संबोधित करते हुए विहिप के पटना व गुवाहाटी क्षेत्र धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री वीरेंद्र विमल ने कहा कि हिंदू जीवन मूल्यों के प्रति आस्था रखने वाली और विश्व के कल्याणार्थ 'अजेय हिंदू शक्ति' खड़ी करने के पावन लक्ष्य के साथ आज ही के दिन 1964 में स्वामी चिन्मयानंद जी के पवई (मुंबई) स्थित आश्रम में परिषद की स्थापना हुई थी।
​उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्रीगुरुजी की प्रेरणा, वरिष्ठ प्रचारक श्री शिवरामशंकर आप्टे के संयोजन और स्वामी चिन्मयानंद जी की अध्यक्षता में इस संगठन की नींव रखी गई। स्थापना के समय मास्टर तारा सिंह, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, जैन संत पूज्य सुशील मुनि, पूज्य कुशक बकुला और श्री के.एम. मुंशी जैसे देश के शीर्ष मनीषियों की गरिमामयी उपस्थिति रही थी।
​श्री विमल ने आगे कहा कि विश्व भर में निवास कर रहे हिंदू समाज को संगठित करने, हिंदू मान-बिंदुओं की पुनर्प्रतिष्ठा, समाज में समरसता व समता स्थापित करने तथा वनवासी व अभावग्रस्त बंधुओं की सेवा के लिए विहिप निरंतर कार्य कर रही है। पराधीनता के लंबे कालखंड में मंदिर, मठ, तीर्थ, संत-महात्मा और हिंदू कुटुंब व्यवस्था ने समाज को सुरक्षित रखा, उनकी भूमिका को पुनः स्थापित करना ही परिषद का मूल ध्येय है।
​कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष श्री चंद्रकांत रायपत ने की। इस अवसर पर मातृशक्ति प्रांत संयोजिका श्रीमती अनिमा पांडेय एवं महानगर अध्यक्ष श्री कैलाश जी सहित परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सिमडेगा में विश्व हिंदू परिषद  का स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ।​कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रत...
08/09/2026

सिमडेगा में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ।
​कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रताप जी का मुख्य बौद्धिक प्राप्त हुआ, जिसमें संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक समरसता और धर्म रक्षा पर विचार व्यक्त किए गए।
कार्यक्रम में मार्गदर्शक मंडल प्रांत संयोजक पूज्य कृष्ण चैतन्य जी,बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो,जिला अध्यक्ष श्री कौशल जी, जिला मंत्री कृष्ण तथा विभाग संगठन मंत्री श्री विजय यादव सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं            विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस की                        हार्दिक शुभकामना          ...
04/09/2026

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं
विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस की
हार्दिक शुभकामना



आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर विश्व हिन्दू परिषद के स्थापना के 62 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।

हिन्दू जीवनमूल्यों के प्रति आस्था रखने वाली विश्व के कल्याणार्थ "अजेय हिन्दू शक्ति" खड़ी करेंगे, इस पावन लक्ष्य के लिये आज ही के दिन 1964 को स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम पवई मुम्बई में परिषद की स्थापना हुई।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्रीगुरुजी की प्रेरणा तथा संघ के वरिष्ठ प्रचारक कालान्तर परिषद के प्रथम महामन्त्री श्री शिवरामशंकर आप्टे के कुशल संयोजन,
चिन्मय मिशन के संस्थापक पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी महाराज की अध्यक्षता में मास्टर तारा सिंह,राष्टसंत तूकड़ो जी महाराज, जैन संत पूज्य सुशील मुनि, पूज्य कुशक बकुला, श्री के.एम. मुनशी जैसे देश के गणमान्य मनीषियों की गरिमामई उपस्थिति में
विश्व भर में निवास कर रहे हिन्दू समाज को संगठित करने,हिन्दू जीवनमूल्यों और मानबिन्दुओं की पुनर्प्रतिष्ठा करने, पूज्य संतों के मार्गदर्शन में हिन्दू समाज के युगानुकूल मार्गदर्शन,समतायुक्त और समरस सशक्त हिन्दू खड़ा करने,गिरीवासी वनवासी अभावग्रस्त समाज की सेवा ,मंदिर मठ,तीर्थ,तीर्थयात्रा,तीर्थपुरोहित,संत महात्मा,हिन्दू कुटुंब जिनके कारण पराधीनता के लम्बे कालखंड
में हिंदू समाज अपनी परंपराओं और जीवन मूल्यों के साथ तमाम चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर सुरक्षित रहा उनकी भूमिका के पुनर्स्थापन के लिए परिषद की स्थापना हुई।

1966 तीर्थराज प्रयागराज में महाकुम्भ में परिषद द्वारा आयोजित प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन संभवतः महाराज हर्ष के बाद हिन्दू का हिन्दू जीवनमूल्यों की रक्षा के संकल्प के उद्देश्य से महाकुम्भ में सबसे विराट एकत्रीकरण था,प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन के विराट सभास्थल पर उपस्थित समस्त हिन्दू समुदाय को सभी मत पन्थों के पूज्य आचार्यों ने संबोधित किया,
सबकी वाक्य रचना भिन्न रही होगी ,
भाषा विलग रही होगी लेकिन भाव एक ही था
"मैं इस विराट हिन्दू समाज का अंगभूत घटक हूं,
मेरे प्रथम पुरुष ने इस समाज के संगठन और परिष्कार के लिये हमारे पंथ की स्थापना की भविष्य में भी हमारा पंथ इसी कार्य को करता रहेगा। "

हिंदवः सोदराः सर्वे,न हिन्दू पतितो भवेत।
मम दीक्षा हिन्दू रक्षा,मम मन्त्र समानता।।


1969 उडूपी कर्नाटक,हिन्दू सम्मेलन,मंच पर प्रमुख पूज्य संतगण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्री गुरुजी की गरिमामयी उपस्थिति में पूज्य संतों द्वारा हिन्दू समाज में पराधीनता के लम्बे कालखण्ड के दुष्परिणाम से व्याप्त अश्पृश्यता के विरुद्ध प्रस्ताव स्वीकार किया यह हिन्दू समाज के लिये ऐतिहासिक क्षण था पूज्य संतो ने घोषणा की छुआछूत शास्त्रसम्मत नहीं है जन्म के आधार पर कोई बड़ा नहीं कोई छोटा नहीं,कोई पावन नहीं कोई अपवित्र नहीं,हम सब भारतमाता की
सन्तान हैं सहोदर भाई हैं।
परिषद की ध्येययात्रा सतत चलती रही गिरीवासी वनवासी अभावग्रस्त क्षेत्रों में छात्रावास शिक्षा और चिकित्सा के प्रकल्प परिषद ने खड़े किये आज देश भर में सेवा कार्यों की अपनी एक मजबूत श्रृंखला है। हिन्दू समाज से बिछुड़े बंधुओं की घरवापसी और तथा धर्मांतरण के कुत्सित षड्यंत्र के विरुद्ध
परावर्तन के क्षेत्र में परिषद का एक एक पग मजबूती से बढ़ रहा है। गोरक्षा के लिये परिषद ने अपने जन्म के कुछ वर्षों बाद ही एक विराट आंदोलन खड़ा किया इस क्षेत्र में आज देशी गऊ की संवर्धन
गऊ रक्षा तथा गऊ आधारित कृषि के क्षेत्र में परिषद का गोरक्षा विभाग सतत प्रयत्नशील है।
1979 में तीर्थराज प्रयाग में संगम के पावन तट पर आयोजित द्वितीय विश्व हिन्दू सम्मेलन में देश विदेश के प्रतिनिधियों
की सहभागिता हुई। 1981तमिलनाडु प्रदेश के रामनाथपुरम जिले में मीनाक्षीपुरम गांव में 1345 अपने वंचित समाज के हिन्दू बन्धुओं ने सामूहिक रूप से इस्लाम मत को अपना लिया,स्वाधीन भारत में यह अपने तरह की पहली दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी,विश्व हिन्दू परिषद ने पूज्य संतों के आदेश से,देश में एक व्यापक जागरण का अभियान लिया "संस्कृति रक्षा निधि अभियान"
हिन्दू समाज में व्यापक जागरण के महायज्ञ का श्रीगणेश हुआ,
दिग दिगंत से ललकार उठी"धोखा लालच पेट्रो डालर नहीं चलेगा नहीं चलेगा" देश भर के हिन्दू समाज से उसके पसीने की कमाई का कुछ अंश प्राप्त कर, एक सेवा निधि एकत्रित की गयी जिसके माध्यम से देश के गिरिवासी और वनवासी क्षेत्र में सेवकार्यों की एक लंबी श्रृंखला आरम्भ हुई।
1983 परिषद द्वारा "एकात्मता यात्रा "के नाम से एक अभिनव कार्यक्रम किया। उत्तर से दक्षिण,पूर्व से पश्चिम सम्पूर्ण देश की श्रद्धाकेन्द्र भारतमाता के विग्रह तथा विशाल कुम्भों में अवस्थित पवित्र गंगामाता रथारूढ़ निकल पड़ीं,अपने सुप्त, आपस में संघर्षरत तथा आत्मगौरव को विस्मृत कर चुके अपने कोटि कोटि पुत्रों को जागृत करने हेतु एकात्मता के सूत्र में आबद्ध करने के हेतु तीन मुख्य यात्राएं तथा देश के सभी विकासखंडों को स्पर्श करती हुई लघु यात्राएं निकालीं गईं पूरा देश अपने द्वार पर स्वयं चल कर आईं अपनी दोनों माताओं के दर्शन कर कृतार्थ हो गया।
7 अक्टूबर 1984 को श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा का 77वां संघर्ष पूज्य संतों के आदेश से परिषद ने आरंभ किया कालांतर यह संघर्ष सहस्त्राब्दी का सबसे विराट जनांदोलन बन गया आज उस संकल्प की सिद्धि हुई रामलला अपने जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजमान हैं।

पूज्य श्री गुरुजी की प्रेरणा से स्थापित विश्व हिन्दू परिषद जिसे दादा साहब आप्टे,श्रद्धेय मोरोपन्त पिंगले,हिन्दू हृदय सम्राट माननीय अशोक जी,माननीय सूर्यनारायण राव, पूज्य आचार्य गिरिराज किशोर,श्रद्धेय सदानन्द काकड़े,स्वर्गीय ओंकार भावे मा.रामफल सिंह जी,मा.मोहन जोशी,आचार्य रामनाथ जी सुमन,बहन मन्दाकिनी दाड़ी, श्री सीताराम जी अग्रवाल जैसे अनेकानेक महापुरुषों ने अपनी श्रम साधना से पुष्पित और पल्लवित किया , जो परिषद पूज्य संत महात्माओं के आशीर्वाद से प्रभु की योजना का वाहक है आगे आने वाले दिनों में सात्विक शक्तियों के पुनरोदय का कारक भी है।

हिन्दू समाज के सम्मान के प्रत्येक संघर्ष में परिषद का अनूठा योगदान रहा ,अमरनाथ यात्रा का पुनर्जीवन,रामसेतु आन्दोलन,गऊ रक्षा हिन्दू समाज की श्रद्धा के बल पर परिषद ने अग्रणी भूमिका निभायी ।

- महर्षि देवल, परशुरामाचर्य,स्वामी रामानन्द तथा स्वामी दयानन्द की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए परिषद अपने स्थापना काल से ही धर्मान्तरित बंधुओं के घर वापसी के सत्कार्य में लगा है।

- मठ मंदिर,अर्चक पुरोहित ,तीर्थ और संस्कृत की पुनर्प्रतिष्ठा का कार्य भी परिषद् सफलता पूर्वक कर रहा है।

-गिरिवासी वनवासी अञ्चल में अपने बंधुओं के बीच सेवा कार्यों के माध्यम से परिषद समाज देवता की साधना में निरन्तर लगा हुआ है।

-संगठन बढ़ा कार्य बढ़ा लेकिन 62 वर्ष में हिन्दु समाज और देश के समक्ष चुनोतियाँ भी बढ़ी हैं -

- गऊ माँ के देश में उसका बहता हुआ रक्त , अपने ही देश में शरणार्थी हिन्दू, बांग्लादेशी घुसपैठिये,जेहादी आतंकवाद,लव जेहाद, नक्सलवाद, विदेशी धन से ईसाईकरण, सिमटती पतितपावनी गंगा तथा पर्यटन केंद्र में बदल रहा देवतात्मा हिमालय ,राष्ट्रहित की भी कीमत पर मुस्लिम तुष्टिकरण तथा एक ही देश में दो विधान जनसंख्या का असंतुलन,हिन्दू घरों में वैभव का विस्तार लेकिन संस्कारों का क्षरण,युवा वर्ग में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति आज हिन्दू समाज के सामने बड़ी चुनौतियां है।


इन चुनौतियों का सामना करने के लिये हमें अनथक श्रम कर गिरिवासी वनवासी,नगरवासी,ग्राम वासी हिन्दू समाज में से लक्षाधिक कार्यकर्त्ता खड़ा कर गांव गांव तक संगठन के तंत्र को फैला देने का परिषद ने संकल्प लिया है आज परिषद अपने तंत्र और विभिन्न अभियान और कार्यक्रमों के माध्यम से अपने
ध्येयपथ पर निरंतर अग्रसर है।

हमारा लक्ष्य संगठित ,आग्रही, सक्रिय, जागरूक श्रद्धालु और आक्रामक हिन्दू।

हम सफल ही होंगे हमारी ध्येयनिष्ठा और श्रम के साथ हमारे रामजी की कृपा हमारे साथ है ।

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