Vridh Seva Ashram

Vridh Seva Ashram Committed to the Well-being of our Senior Citizens.

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"हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का वादा, वृद्ध सेवा आश्रम का सच्चा इरादा।"

🚩 मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🚩आज के पावन दिन राम नवमी पर हम सब प्रभु श्री राम ...
27/03/2026

🚩 मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🚩

आज के पावन दिन राम नवमी पर हम सब प्रभु श्री राम के आदर्शों—सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

श्री राम केवल एक देवता नहीं, बल्कि आदर्श जीवन का मार्ग हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

आइए, इस शुभ अवसर पर हम एक सशक्त, संस्कारित और धर्मनिष्ठ समाज के निर्माण का संकल्प लें।

🙏 जय श्री राम 🙏
#रामनवमी

“सदी के महानायक” Amitabh Bachchan का “वृद्ध सेवा आश्रम” द्वारा आयोजित श्रेष्ठ पुत्र सम्मान समारोह 2026 में आने का मार्ग ...
16/03/2026

“सदी के महानायक” Amitabh Bachchan का “वृद्ध सेवा आश्रम” द्वारा आयोजित श्रेष्ठ पुत्र सम्मान समारोह 2026 में आने का मार्ग लगभग प्रशस्त हो गया है।
यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा, तो यह हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण होगा।
यह कार्यक्रम उन लोगों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है जो अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा को अपना कर्तव्य और संस्कार मानते हैं।
सदी के महानायक की संभावित उपस्थिति से न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ेगी, बल्कि पूरे देश में माता-पिता की सेवा और सम्मान का संदेश भी मजबूत होगा।
हम आशा करते हैं कि यह आयोजन समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।
— डॉ. मनीष वैद्य
संस्थापक, वृद्ध सेवा आश्रम 🙏

03/03/2026

गरीबी की नई परिभाषा: राष्ट्रीय पुनः सर्वेक्षण की अनिवार्यता
डॉ. मनीष वैद्य
(समाजसेवी, “वृद्ध सेवा आश्रम” के संस्थापक)
भारत आज विकास और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के एक महत्वपूर्ण दौर में है। गाँव-गाँव तक सड़क, बिजली, गैस, शौचालय और डिजिटल सेवाएँ पहुँची हैं। यह परिवर्तन स्वागतयोग्य है। किंतु इसी परिवर्तन के बीच एक गंभीर प्रश्न उठ खड़ा हुआ है—देश में वास्तविक गरीब कौन है?
जनवितरण प्रणाली की दुकानों पर 5 किलो अनाज लेने के लिए खड़ी कतारों को देखकर मन में कई बार यह विचार आता है कि क्या वर्तमान पात्रता सूची आज की सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती है? क्या हम उन तक पहुँच पा रहे हैं, जिन्हें वास्तव में सहायता की आवश्यकता है?
झारखंड की जमीनी सच्चाई
झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ एक ओर खनिज संपदा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में आर्थिक असमानता स्पष्ट दिखाई देती है। शहरों में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, परंतु दूरस्थ गाँवों में आज भी कई वृद्धजन, विधवाएँ और दिव्यांग व्यक्ति न्यूनतम सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मेरे संगठन “वृद्ध सेवा आश्रम” के माध्यम से वर्षों से बुजुर्गों के बीच कार्य करते हुए मैंने देखा है कि अनेक ऐसे वृद्ध हैं जो वास्तव में सरकारी सहायता के पात्र हैं, परंतु या तो उनका नाम सूची में नहीं है या वे जानकारी के अभाव में वंचित रह जाते हैं। दूसरी ओर, कुछ अपेक्षाकृत सक्षम परिवार योजनाओं का लाभ लेते रहते हैं।
यह स्थिति केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न है।
योजनाओं का महत्व और पुनर्मूल्यांकन
देश में गरीबों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित हैं—
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
आयुष्मान भारत योजना
इन योजनाओं ने लाखों-करोड़ों परिवारों को राहत दी है। विशेषकर महामारी के समय इनका प्रभाव अत्यंत सकारात्मक रहा। परंतु समय के साथ सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियाँ बदलती हैं। ऐसे में पात्रता की सूची का अद्यतन न होना अनेक विसंगतियों को जन्म देता है।
गरीबी की बहुआयामी परिभाषा
आज गरीबी को केवल आय के आधार पर नहीं मापा जा सकता।
हमें निम्नलिखित पहलुओं पर भी विचार करना होगा—
शिक्षा और कौशल की उपलब्धता
स्वास्थ्य सुरक्षा
सामाजिक सुरक्षा
संपत्ति और आय का वास्तविक स्रोत
परिवार की निर्भरता स्थिति
एक व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण, जो डिजिटल सत्यापन और स्थानीय स्तर की सामाजिक भागीदारी से जुड़ा हो, इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
सर्वेक्षण क्यों अनिवार्य है?
वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए
योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए
संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के लिए
स्थायी निर्भरता के बजाय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए
यदि हम समय-समय पर सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण नहीं करेंगे, तो कल्याणकारी योजनाएँ अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती हैं।
सहायता से सशक्तिकरण की ओर
मेरा स्पष्ट मत है कि सहायता आवश्यक है, परंतु उसका अंतिम लक्ष्य सशक्तिकरण होना चाहिए।
अनाज वितरण तात्कालिक राहत देता है, किंतु कौशल विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा स्थायी समाधान प्रदान करते हैं।
हमें ऐसे भारत का निर्माण करना है जहाँ लोग जीवनभर “लाभार्थी” न रहें, बल्कि अवसर मिलने पर “योगदानकर्ता” बनें।
सामाजिक नैतिकता की भूमिका
यह केवल सरकार का दायित्व नहीं है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है कि वह अनावश्यक रूप से सरकारी सहायता का लाभ न ले।
यदि हम सक्षम होते हुए भी योजनाओं का लाभ लेते हैं, तो हम किसी अधिक जरूरतमंद के अधिकार में हस्तक्षेप करते हैं।

निष्कर्ष
आज आवश्यकता है एक पारदर्शी, वैज्ञानिक और समयबद्ध राष्ट्रीय गरीबी सर्वेक्षण की, जो वर्तमान सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप हो।
गरीबी उन्मूलन की दिशा में अगला चरण केवल योजनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि उनकी सटीक लक्ष्य-निर्धारण प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है।
जब सहायता सही हाथों तक पहुँचेगी और सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठेंगे, तभी हम एक न्यायपूर्ण, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण कर सकेंगे।

“परंपरा की जड़ें और तकनीक के पंख” 🙏मेरे पिताजी का AI के प्रति उत्साह देखकर मन गर्व से भर जाता है।एक ओर बाबा बैद्यनाथ धाम...
19/02/2026

“परंपरा की जड़ें और तकनीक के पंख” 🙏
मेरे पिताजी का AI के प्रति उत्साह देखकर मन गर्व से भर जाता है।
एक ओर बाबा बैद्यनाथ धाम की आस्था, दूसरी ओर आधुनिक तकनीक का प्रयोग — यही तो है नए भारत की तस्वीर।
उम्र केवल एक संख्या है, सीखने की कोई सीमा नहीं।
पिताजी ने सिखाया है कि अगर मन युवा हो तो हर नई चीज को अपनाया जा सकता है।
आपका आशीर्वाद और प्रेरणा हमेशा हमारा मार्गदर्शन करती रहे। 🙏❤️

कल एक 90 वर्षीय मातृशक्ति से आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला। 🙏उनके चरणों में बैठकर महसूस हुआ कि समाज की असली पूंजी हमारे ...
19/02/2026

कल एक 90 वर्षीय मातृशक्ति से आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला। 🙏
उनके चरणों में बैठकर महसूस हुआ कि समाज की असली पूंजी हमारे बुजुर्ग हैं — उनका अनुभव, उनका संघर्ष और उनका आशीर्वाद ही हमारी ताकत है।
मैं हमेशा से वृद्धों के मान–सम्मान और अधिकारों के लिए कार्य करता आया हूँ, और आज भी मेरा हर प्रयास इसी संकल्प से जुड़ा है। जब मैंने उनसे रांची की मेयर प्रत्याशी श्रीमती Roshni Khalkho जी के समर्थन में वोट देने का आग्रह किया, तो यह केवल राजनीति नहीं थी — यह उस विश्वास की बात थी कि आने वाला नेतृत्व हमारे बुजुर्गों की गरिमा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।
हमारा कर्तव्य है कि जिन हाथों ने हमें संभाला, आज हम उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करें।
आइए, ऐसा नेतृत्व चुनें जो हर वृद्ध की मुस्कान और सम्मान की गारंटी बने।
वृद्धों का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। 🙏❤️
Nitin Nabin Narendra Modi Amit Shah Rajnath Singh Nishikant Dubey Aditya Sahu Aditya Prasad Karmveer Singh Babulal Marandi Roshni khalkho
#वृद्ध_सम्मान

18/02/2026
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं...गणतंत्र दिवस हमें न केवल हमारे संविधान की महत्ता का एहसास कराता है, बल्कि यह भी प्र...
26/01/2026

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं...

गणतंत्र दिवस हमें न केवल हमारे संविधान की महत्ता का एहसास कराता है, बल्कि यह भी प्रेरणा देता है कि हम एकजुट होकर देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएं। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। आइए, हमसब इस अवसर पर यह संकल्प लें कि हम अपने देश को और भी मजबूत और सशक्त बनाएंगे।

डॉ मनीष वैद्य
सचिव
"वृद्ध सेवा आश्रम",रांची

राष्ट्रीय बालिका दिवस...बेटी कोई बोझ नहीं,वह तो संस्कारों की जननी है,परिवार की मुस्कान है,और समाज के उज्ज्वल भविष्य की प...
24/01/2026

राष्ट्रीय बालिका दिवस...

बेटी कोई बोझ नहीं,
वह तो संस्कारों की जननी है,
परिवार की मुस्कान है,
और समाज के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है।
जिस घर में बेटी हँसती है,
वहाँ जीवन में कभी अंधेरा नहीं रहता।
आइए, संकल्प लें —
बेटी बचाएँ, बेटी पढ़ाएँ, बेटी को सम्मान दिलाएँ।
💖 बेटी है तो कल है 💖
#राष्ट्रीय_बालिका_दिवस

#सम्मान_बेटी_का

आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती नफरत, अंधविश्वास और कट्टर सोच है। इसका समाधान टकराव में नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता, ...
17/01/2026

आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती नफरत, अंधविश्वास और कट्टर सोच है। इसका समाधान टकराव में नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता, कानून और मानवता में है।
हमारा NGO "वृद्ध सेवा आश्रम" VSA मानता है कि किसी भी धर्म या समुदाय को दोषी ठहराना समाधान नहीं है। अपराध अपराध होता है और उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई भी करे।
युवाओं को सकारात्मक दिशा, बुजुर्गों को सम्मान और समाज को संवैधानिक मूल्य देना ही एक शांत, सुरक्षित और सशक्त भारत की नींव है।
इसी उद्देश्य से हम निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और सामाजिक पहल और सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

समाज में बदलाव की शुरुआत जागरूक नागरिक से...
शिक्षा सबसे बड़ा समाधान
हर समुदाय में वैज्ञानिक सोच, संविधान, मानवता और तर्क आधारित शिक्षा जरूरी है
अंधविश्वास, नफरत और “हम बनाम वे” वाली सोच अशिक्षा से पनपती है
स्कूल–कॉलेज में संविधानिक मूल्य और नागरिक कर्तव्य पढ़ाए जाएँ

1. शिक्षा सबसे बड़ा समाधान
हर समुदाय में वैज्ञानिक सोच, संविधान, मानवता और तर्क आधारित शिक्षा जरूरी है
अंधविश्वास, नफरत और “हम बनाम वे” वाली सोच अशिक्षा से पनपती है
स्कूल–कॉलेज में संविधानिक मूल्य और नागरिक कर्तव्य पढ़ाए जाएँ
2. धर्म नहीं, अपराध को निशाना बनाइए
समाज को यह स्पष्ट संदेश देना जरूरी है कि
धर्म के नाम पर अपराध बर्दाश्त नहीं
कानून सबके लिए समान
अपराधी चाहे किसी भी धर्म का हो — सख्त कार्रवाई हो
3. कट्टर सोच का सामाजिक बहिष्कार
जो लोग नफरत, हिंसा या देश-विरोधी बातें फैलाते हैं:
उन्हें सामाजिक मंच न मिले
समाज, मोहल्ला, परिवार स्तर पर उनका समर्थन न हो
चुप रहना भी कई बार गलत का समर्थन बन जाता है
4. युवाओं को रोजगार और दिशा
बेरोजगारी + गुस्सा = कट्टरता का ईंधन
युवाओं को:
रोजगार
कौशल प्रशिक्षण
खेल, कला, सामाजिक कार्य
से जोड़ना बहुत जरूरी है
5. धार्मिक नेताओं की जिम्मेदारी
हर धर्म के जिम्मेदार धर्मगुरुओं को:
हिंसा के खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए
संविधान और कानून का सम्मान सिखाना चाहिए
जो नफरत फैलाएँ, उन पर कानूनी कार्रवाई हो
6. मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका
फेक न्यूज और भड़काऊ वीडियो:
समाज को जहर देते हैं
जरूरी है:
तथ्य-जांच
अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
जिम्मेदार नागरिक बनना
सबसे महत्वपूर्ण बात
देश और समाज धर्म से नहीं,
नागरिकों के व्यवहार से सुरक्षित या असुरक्षित बनता है।
नफरत से देश कमजोर होता है,
कानून, शिक्षा और एकता से देश मजबूत होता है।

हमारे देश का भविष्य हमारे युवाओं के हाथों में है। उनके जोश, ऊर्जा और सृजनात्मकता में वह शक्ति है, जो समाज को नई दिशा दे ...
12/01/2026

हमारे देश का भविष्य हमारे युवाओं के हाथों में है। उनके जोश, ऊर्जा और सृजनात्मकता में वह शक्ति है, जो समाज को नई दिशा दे सकती है।

इस युवा दिवस पर, आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने अंदर छिपे सामर्थ्य को पहचानेंगे और समाज की भलाई में योगदान देंगे।
स्वामी विवेकानंद के विचार हमें प्रेरित करते हैं कि "उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"

"वृद्ध सेवा आश्रम" युवा शक्ति को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ, और कौशल विकास के माध्यम से हम युवाओं को उनकी संभावनाओं तक पहुँचने में सहयोग दे रहे हैं।

आइए, मिलकर इस युवा दिवस को उनके सपनों को साकार करने का अवसर बनाएं।

धन्यवाद!
डाॅ मनीष वैद्य
सचिव "वृद्ध सेवा आश्रम" राँची, झारखंड

07/01/2026

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