The Yogi Monk

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11/05/2026

❗बार-बार थकान और सुस्ती आना; शरीर के अंदर की चेतावनी भी हो सकती है!
👉 ये योगिक मुद्रा करो, नहीं तो शरीर धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जाएगा⚠️

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[yoga, energy, laziness, body power]

Energise your pranic channels
09/05/2026

Energise your pranic channels

06/05/2026

❗कानों में ये घंटी बजना बंद नहीं हुआ; तो दिमाग तक असर पहुंच सकता है!
👉 हथेली का ये पॉइंट दबाओ, नहीं तो टिनिटस बढ़ता जाएगा🔔

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[tinnitus, ear ringing, ear acupressure, acupressure point]

03/05/2026

⚠️चेहरा अचानक बूढ़ा दिखने लगे; उससे पहले सच जान लो!
👉 जॉ मसल स्ट्रेच करो, नहीं तो झुर्रियां और ढीलापन बढ़ता जाएगा😨

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[jaw muscle, face yoga, face glow, glowing skin, wrinkles free skin]

Jay maa🙏💕
01/05/2026

Jay maa🙏💕

30/04/2026

⚠️गर्दन और कंधे का दर्द बढ़ता गया; तो स्ट्रेस पूरे शरीर को जकड़ लेगा!
👉 ये आसान योगिक प्रैक्टिस करो, नहीं तो दर्द और तनाव कंट्रोल से बाहर😨

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[neck pain, shoulder pain, stress release, anxiety, yoga]

28/04/2026

⚠️ सिरदर्द को हल्के में लिया, तो ये माइग्रेन बनकर जिंदगी रोक देगा!
👉 शंख मर्म दबाओ, नहीं तो दर्द और तनाव काबू से बाहर हो जाएगा😨

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[headache, migraine, shankha marma, acupressure point]

25/04/2026

⚠️ “नाक बंद रहना छोटा संकेत नहीं… आगे सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है!”
👉 नाक के नीचे दबाओ, नहीं तो साइनस और ब्लॉकेज बढ़ता जाएगा… 😨

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[sinus, nose block, nostril blockage, nose acupressure]

Ukhimath से Kedarnath Temple तक की यह doli यात्रा पैरों से कम, प्राणों से ज्यादा पूरी हुई। पहाड़ों के कठोर और शांत रास्त...
23/04/2026

Ukhimath से Kedarnath Temple तक की यह doli यात्रा पैरों से कम, प्राणों से ज्यादा पूरी हुई। पहाड़ों के कठोर और शांत रास्तों पर चलते-चलते शरीर जैसे पीछे छूटता गया और चेतना आगे बढ़ती गई। हर दिन 20 किलोमीटर चलने के बाद भी थकान नहीं, बल्कि भीतर एक नई ऊर्जा का उदय होता था। तब महसूस हुआ कि यह मेरा प्रयास नहीं, यह शिव की शक्ति है जो हर कदम पर साथ है।

गांवों की सादगी, पहाड़ों की स्थिरता और हवा की निस्पंदता में एक ही अनुभव बार-बार उभरता रहा कि शिव कहीं बाहर नहीं हैं, वे हर कण में व्याप्त हैं। और आज जब बाबा केदारनाथ के दर्शन हुए और शिवलिंग को स्पर्श किया, तो भीतर जैसे सब कुछ शांत हो गया। अहंकार, विचार और थकान सब शून्य में विलीन हो गए, और एक गहरी, स्थिर ऊर्जा का अनुभव हुआ जो शब्दों से परे है।

उस क्षण ऐसा लगा कि मैं शिव को नहीं छू रहा, बल्कि शिव मुझे स्पर्श कर रहे हैं। आंखें बंद थीं पर एक अलग ही प्रकाश भीतर प्रकट हो रहा था। तब समझ आया कि यात्रा मंदिर तक पहुंचने की नहीं होती, बल्कि स्वयं के भीतर शिव को जागृत करने की होती है। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है जहां साधक धीरे-धीरे स्वयं को मिटाकर उसी अनंत में विलीन हो जाता है। 🕉️

[kedarnath, shiva, yoga, doli yatra]

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