03/06/2026
धनबाद में कोयला माफियाओं का खौफनाक खेल: जब मौत की सुरंगों पर चला प्रशासन का बुलडोजर!
यह किसी बॉलीवुड फिल्म का कोई सनसनीखेज सीन नहीं है, बल्कि धनबाद के कोयला माफियाओं के उस काले साम्राज्य की हकीकत है जो रसूखदारों की नाक के नीचे फल-फूल रहा था। बाघमारा अनुमंडल के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में बीसीसीएल एरिया-3 के बाहयरडीह स्थित बंद पड़ी खदान में जब सैकड़ों सीआईएसएफ जवानों के साथ बीसीसीएल की टीम पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। इस बड़ी कार्रवाई में लगभग 5 हाइवा अवैध कोयला जब्त किया गया है और प्रशासन का साफ संदेश है कि यह कार्रवाई अभी लगातार जारी रहेगी।
हैरानी की बात यह है कि जहां यह पूरा अवैध खेल चल रहा था, वहां से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और रसूखदार नेताओं के आवास महज कुछ ही दूरी पर हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से आक्रोशित थे कि उनके घरों के ठीक नीचे मौत की सुरंगें खोदी जा रही हैं और कोई ठोस आवाज उठाने वाला नहीं है। यहां तक कि झरिया विधायक रागिनी सिंह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री के बेटे सहित कई लोग पहले भी इस काले कारोबार का खुलासा कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संगठित तरीके से खनन का यह धंधा बदस्तूर जारी था।
माफियाओं की हिम्मत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गांव की ओर जाने वाले जोरिया यानी जल निकासी मार्ग को भी करकट और सीमेंट डालकर पूरी तरह बंद कर दिया था ताकि उनके इस काले धंधे में कोई रुकावट न आए। पूरे बाहयरडीह खदान क्षेत्र में सैकड़ों अवैध मुहाने खोल दिए गए थे, जो धीरे-धीरे रेंगते हुए स्थानीय बस्ती और ऐतिहासिक राम मंदिर क्षेत्र तक पहुंच चुके हैं। हजारों की आबादी आज संभावित भू-धंसान और किसी बड़ी अनहोनी के साये में जीने को मजबूर है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु और आम लोग आते-जाते हैं।
इस खौफ के खिलाफ सबसे पहले ग्रामीण महिलाओं ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा खोला था। महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अवैध कोयले की बोरियों और ट्रकों से हो रही तस्करी को सरेआम उजागर किया था। महिलाओं के इस भारी विरोध और किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए आखिरकार बीसीसीएल और सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने यह तगड़ा एक्शन लिया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके के कोयला चोरों और उनके आकाओं में हड़कंप मच गया है।
लेकिन अब भी सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि आखिर इतने लंबे समय से यह सब किसके संरक्षण में हो रहा था? वो कौन से सफेदपोश चेहरे हैं जो इन माफियाओं की पीठ थपथपा रहे थे और जिनका नाम अभी तक सामने नहीं आ पाया है? फिलहाल बीसीसीएल की इस कार्रवाई से लोगों को थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन धनबाद की जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस जानलेवा सिंडिकेट की जड़ों को हमेशा के लिए उखाड़ फेंका जाएगा या फिर कुछ दिनों की शांति के बाद यह काला साम्राज्य दोबारा जिंदा हो जाएगा।
Hemant Soren Amit Shah Narendra Modi President of India Raghubar Das CP Radhakrishnan