26/08/2026
इस बार हमारे साहित्य सुमन मंच पर लेखन का विषय अथवा शीर्षक है "सावन". इस विषय पर आज की रचना मैं मंच की सम्मानित व लोकप्रिय रचनाकार रश्मि पाठक जी की लिखी हुई प्रेषित कर रही हूं। आशा है आप सब को भी रश्मि जी की लिखी हुई रचना अवश्य अच्छी लगेगी 🙏😊🌹
सावन हर बार
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बूंदों की रिमझिम में गिरते मन की व्यथा के कोरे पारदर्शी तत्व
गिरते धारा पर उकेरते लकीरों पर अड़े - तिरछे जैसे शांत लेकिन शोर के बीच के पल
आक्रामक बादलों के शोर और बिजली की चमकती ज्वाला के बीच झरता सावन
शायद उम्मीदों और एकांत का एक मिलाजुला असर
शायद तेज़ बहती धारा के बीच खड़े रहने का जुनून
और एक लहलहाती धरती का सवेरा जो समय के साथ आएगा
प्रकृति बदलते सावन का एक विस्तार मन के भीतर सूखे समतल जमीन को सींचेगी
हरियाली के गीतों में झूलों का सावन याद आएगा
सखियाँ शोर करेंगी और गीतों में सावन फिर से याद किया जाएगा
सावन हर साल आएगा और अतीत
में लौट जाने की एक और याद दे जाएगा
-रश्मि पाठक✍️