Ahimsa welfare society

Ahimsa welfare society Ahimsa is NGO working for Rights of the children, Education, Youth and Community development. Our Values: We practice all the universal human values.

Ahimsa welfare society is a group of young committed volunteers, working for significant contribution in overall community development. After getting formally registered with Registrar of firms and society Madhya Pradesh in 2005-06, progressing towards its aim Ahimsa is continuously engaged in doing, learning, achieving, expanding and innovating for social development. Our inspiration comes from G

andhian teachings & principles of development. Our organization is working to create significant change in lives of children, women and communities living in deprived conditions. With this we also focus on emergency response and advocacy initiatives that are grass-root based. Ahimsa welfare society is open to philanthropic partnership with individuals, national and international organizations and corporates. Our Vision: At Ahimsa our vision is the state of swaraj where everyone lives in peace, happiness, best of health, dignity and prosperity. Our Mission: Our mission is to ensure having tools for accomplishing our visionary ends. We do this work by convening, engaging, mobilizing and supporting the sector, to ensure we all have the means to make our world an amazing place to live-in. Our "Core Values" are the fundamental principles that determine our commitment to each other and to the community.

1) We are committed to peace and humanity.
2) We honor the local wisdom, cultural practices, traditions and regional values where we work in.
3) We give priority to people before money, structure, and systems.
4) We are equal human being above race, cast, gender and any other discrimination.
5) We are faithful to the purpose for which resources are mobilized and manage them in a manner that brings maximum benefit to the community.
6) We are responsive to all the emergencies where our involvement is needed and appropriate.
7) We remain independent of any religious, and party-politics.

बदलाव का साझा प्रयास....नशा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध बच्चों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और...
19/06/2026

बदलाव का साझा प्रयास....नशा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध बच्चों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन की संयुक्त भागीदारी निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशे और बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया तथा बाल संरक्षण के महत्व और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। यह पहल समाज को संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। Ahimsa Rajgarh #बालविवाहमुक्तभारत #नशामुक्तभारत


बाल विवाह के खिलाफ बच्चों का नुक्कड़ नाटक, दिया जागरूकता का संदेश-राजगढ़ परायण चौक स्थित जनकल्याणकारी शिविर में अहिंसा व...
19/06/2026

बाल विवाह के खिलाफ बच्चों का नुक्कड़ नाटक, दिया जागरूकता का संदेश-
राजगढ़ परायण चौक स्थित जनकल्याणकारी शिविर में अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की बनानिया टीम से जुड़े बालकों ने बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
बाल कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को दर्शाते हुए समाज से बाल विवाह न करने और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा एवं उनके अधिकार उपलब्ध कराने का आह्वान किया। प्रस्तुति में बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
बच्चों की सशक्त प्रस्तुति ने उपस्थित नागरिकों को बाल संरक्षण के प्रति जागरूक किया तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी आमजन, वालेंटियर, महिला-पुरुष एवं बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।

Ahimsa Rajgarh JustRights

नशे के खिलाफ बाल कलाकारों का प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक, दिया जनजागरूकता का संदेश-राजगढ़ के परायण चौक परिसर में आयोजित जनकल...
19/06/2026

नशे के खिलाफ बाल कलाकारों का प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक, दिया जनजागरूकता का संदेश-
राजगढ़ के परायण चौक परिसर में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर के दौरान बांसवाड़ा मोहल्ले के बाल कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के खिलाफ प्रभावशाली संदेश दिया। अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के समर कैंप से जुड़े बांसवाड़ा मोहल्ले के बच्चों ने अपने सशक्त अभिनय और संवादों के जरिए नशे के दुष्परिणामों को प्रस्तुत किया तथा बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है।
नाटक में बच्चों ने यह संदेश दिया कि नशे की लत से अपराध, घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा मिलता है। वहीं शिक्षा, संस्कार और जागरूकता के माध्यम से एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। बाल कलाकारों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
यह प्रस्तुति जनकल्याणकारी शिविर के दौरान परायण चौक परिसर में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा दिए गए संदेश ने लोगों को नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। Ahimsa Rajgarh #नशामुक्ति

बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अहिंसा टीम का सतत प्रयास-अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की टीम बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक ...
17/06/2026

बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अहिंसा टीम का सतत प्रयास-अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की टीम बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकारपूर्ण बचपन के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अहिंसा वेलफेयर सोसायटी का उद्देश्य केवल बाल विवाह और बाल सगाई जैसी कुरीतियों की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि बाल तस्करी, बाल श्रम और बच्चों के शोषण के अन्य रूपों को समाप्त करने के लिए भी व्यापक स्तर पर जागरूकता और जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।
इसी क्रम में रीवा और मऊगंज जिलों में टीम द्वारा शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, समुदायों और लोगों के बीच पहुँचकर जागरूकता संवाद आयोजित किए गए। इन संवादों के माध्यम से आमजन को बच्चों के अधिकारों, शिक्षा के महत्व तथा बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसे अपराधों के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई।
संवाद के दौरान लोगों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर प्राप्त होना उसका अधिकार है। जब कोई बच्चा बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी का शिकार होता है, तो उसका बचपन, शिक्षा और भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है। इसलिए ऐसे मामलों की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
अहिंसा टीम ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह, बाल सगाई, बाल श्रम या बाल तस्करी जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले, तो वे तत्काल प्रशासन या अहिंसा टीम को सूचित करें तथा बच्चों के हितों की रक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
जागरूकता के ये प्रयास केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में ऐसी सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास हैं, जहाँ हर बच्चा भय, शोषण और भेदभाव से मुक्त होकर शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ अपना जीवन जी सके।
अहिंसा टीम का विश्वास है कि जब समाज, समुदाय, प्रशासन और युवा मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएँगे, तब बाल विवाह, बाल सगाई, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाना संभव होगा और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सकेगा। Ahimsa Rajgarh JustRights

समाज में परिवर्तन की बयार स्पष्ट दिखाई दे रही है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध अब बच्चे, युवा, महिलाएँ और ग्रामीण...
17/06/2026

समाज में परिवर्तन की बयार स्पष्ट दिखाई दे रही है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध अब बच्चे, युवा, महिलाएँ और ग्रामीण समुदाय स्वयं आगे आकर जागरूकता और बदलाव के वाहक बन रहे हैं। बच्चे शिक्षा और अपने सपनों को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं, वहीं महिलाएँ भी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। यह बदलती सोच एक जागरूक, संवेदनशील और प्रगतिशील समाज के निर्माण की मजबूत नींव रख रही है।
बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर आघात है। यह बचपन की मुस्कान, सपनों की उड़ान और विकास की संभावनाओं को सीमित कर देता है। यही कारण है कि शासन, प्रशासन, कानून और समाज सभी इसे समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इसी उद्देश्य से आयोजित जागरूकता शिविर में बाल सगाई और बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बच्चों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया तथा अभिभावकों को यह समझाया गया कि शिक्षित बच्चे ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और बेहतर भविष्य की आधारशिला होते हैं।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगे और न ही होने देंगे। साथ ही, हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, उसके सपनों को उड़ान देने और सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
यह केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति समाज की जिम्मेदारी का जीवंत प्रमाण है। विश्वास है कि जागरूकता, जनभागीदारी और निरंतर सामूहिक प्रयासों के बल पर हम बाल विवाह जैसी कुरीति पर अवश्य विजय प्राप्त करेंगे और ऐसा समाज बनाएँगे जहाँ हर बच्चा शिक्षित, सुरक्षित, सम्मानित और अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हो।
Ahimsa Rajgarh

युवाओं की सोच सकारात्मक और दूरदर्शी है। वे केवल अपने बेहतर भविष्य की नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास की कल्पना कर रहे हैं...
17/06/2026

युवाओं की सोच सकारात्मक और दूरदर्शी है। वे केवल अपने बेहतर भविष्य की नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास की कल्पना कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि समाज का हर व्यक्ति आगे बढ़े, हर युवा अपनी क्षमता को पहचाने और हर बच्चा शिक्षा से जुड़कर अपने सपनों को साकार करे।
ये युवा सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव, नशे और उन सभी गलत प्रथाओं को समाप्त करने के लिए प्रयासरत हैं, जो व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति में बाधक बनती हैं। उनका विश्वास है कि जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से एक बेहतर, सुरक्षित और समतामूलक समाज का निर्माण संभव है। Ahimsa Rajgarh

यह तस्वीरें बदलाव की नहीं, जागरूक समाज के निर्माण की है-गाँवों की चौपालों में बैठकर जब लोग अपने जीवन, समाज और भविष्य से ...
17/06/2026

यह तस्वीरें बदलाव की नहीं, जागरूक समाज के निर्माण की है-गाँवों की चौपालों में बैठकर जब लोग अपने जीवन, समाज और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करते हैं, तब केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं होता, बल्कि एक नई सामाजिक चेतना का जन्म होता है। आज ऐसी ही चेतना की अलख अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के पीस वॉलेंटियर युवा 20 गाँवों में जगा रहे हैं।
इन संवादों में युवा हैं, महिलाएँ हैं, पुरुष हैं, बच्चे हैं और समाज के हर वर्ग व समुदाय के लोग शामिल हैं। सभी मिलकर उन विषयों पर विचार कर रहे हैं जो सीधे तौर पर उनके जीवन और समाज को प्रभावित करते हैं। स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, नशे की समस्या, सामाजिक कुरीतियाँ, भेदभाव, बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषय इन चर्चाओं के केंद्र में हैं।
इन बैठकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ केवल समस्याओं की बात नहीं होती, बल्कि उनके समाधान की संभावनाओं पर भी विचार किया जाता है। लोग एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हैं, अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और समाज के प्रति अपनी भूमिका को पहचानने का प्रयास करते हैं।
इन सतत संवादों का प्रभाव युवाओं की सोच में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वे अब केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य के बारे में नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर जीवन के बारे में भी सोच रहे हैं। उनमें शिक्षा के महत्व, समानता के मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ विकसित हो रही है।
जब समाज का हर वर्ग एक साथ बैठकर विचार करता है, संवाद करता है और सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लेता है, तब परिवर्तन की नींव मजबूत होती है। यह प्रयास उसी नींव को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
आज जो विचार गाँवों की चौपालों में जन्म ले रहे हैं, वही कल एक अधिक जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का आधार बनेंगे। यदि यह जनसंवाद और सामूहिक सहभागिता निरंतर बनी रही, तो निश्चित रूप से आने वाला समय अधिक शिक्षित, स्वस्थ, समतामूलक और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण समाज का होगा।
यह केवल चर्चा नहीं, बल्कि बेहतर समाज की दिशा में सामूहिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने की एक सतत प्रक्रिया है।
Ahimsa Rajgarh

अहिंसा की चौपाल.....एक ऐसा खुला और आत्मीय मंच, जहाँ सीखने और सिखाने की पहल मिलकर आगे बढ़ती है। यहाँ बच्चों को केवल सुनाय...
15/06/2026

अहिंसा की चौपाल.....एक ऐसा खुला और आत्मीय मंच, जहाँ सीखने और सिखाने की पहल मिलकर आगे बढ़ती है। यहाँ बच्चों को केवल सुनाया नहीं जाता, बल्कि उनकी बातों को भी ध्यान से सुना और समझा जाता है। बच्चे अपने विचार, अनुभव, सपने और मन की बातें खुलकर साझा कर सकें, इसके लिए एक सकारात्मक और सहज वातावरण बनाया जाता है।

इस चौपाल का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि बच्चों की सोच को समझना, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना और उन्हें जीवन से जुड़ी छोटी-बड़ी बातों से परिचित कराना भी है। बातचीत, खेल, कहानियों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चे नई बातें सीखते हैं, वहीं बड़ों को भी बच्चों के नजरिए को समझने और उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है।
चौपाल में बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं, रुचियों और क्षमताओं को पहचानने का प्रयास किया जाता है, ताकि उन्हें आगे बढ़ने का उचित अवसर मिल सके। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ हर बच्चे को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, उसका सम्मान किया जाता है और उसे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
दरअसल, चौपाल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि बच्चों के साथ संवाद, समझ, सीख और विकास की एक सतत प्रक्रिया है, जो उन्हें बेहतर इंसान, जागरूक नागरिक और अपने सपनों को पूरा करने वाला आत्मविश्वासी व्यक्ति बनने की दिशा में प्रेरित करती है। #चौपाल

बदलाव के प्रयास.....साझा सोच, साझा सहयोग और खुशहाल गांव निर्माण का संकल्प- गांवों में बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं अहिं...
14/06/2026

बदलाव के प्रयास.....साझा सोच, साझा सहयोग और खुशहाल गांव निर्माण का संकल्प- गांवों में बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं अहिंसा के पीस वॉलेंटियर।
जब गांव का हर व्यक्ति बदलाव की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेता है, तब विकास केवल एक सपना नहीं रहता, बल्कि एक साकार होती हुई हकीकत बन जाता है।
अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के पीस वॉलेंटियर इसी विश्वास के साथ गांवों में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रहे हैं। साझा सोच, सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से वे संवैधानिक मूल्यों पर आधारित जागरूक, समतामूलक और खुशहाल गांवों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। Ahimsa Rajgarh

गांवों में बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं युवा....राजगढ़ जिले के 20 गांवों में 20 पीस वॉलेंटियर युवा अपने-अपने स्तर पर पर...
12/06/2026

गांवों में बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं युवा....राजगढ़ जिले के 20 गांवों में 20 पीस वॉलेंटियर युवा अपने-अपने स्तर पर परिवर्तन के छोटे-छोटे लेकिन सार्थक प्रयास कर रहे हैं। ये प्रयास केवल गतिविधियां नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे बेहतर भविष्य की नींव हैं, जहां गांव केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार समुदाय के रूप में विकसित हों।
इन युवाओं के मन में एक नई सोच आकार ले रही है-"मेरा गांव सबसे अच्छा, स्वच्छ, स्वस्थ और खुशहाल बने।" एक ऐसा गांव जहां हर बच्चा सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में आगे बढ़ सके, हर युवा अपनी सकारात्मक भूमिका को पहचान सके, महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले, तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत हो।
इसी परिवर्तनकारी सोच को आगे बढ़ा रही हैं पीस वॉलेंटियर रानू, जो हीरनखेड़ा (घोघड़िया) गांव में युवाओं को संगठित कर बदलाव की एक सुंदर पहल कर रही हैं। रानू ने गांव के युवाओं की टोली तैयार की है, जो नियमित रूप से गांव के विकास, सामाजिक मुद्दों, स्वच्छता, शिक्षा, नशामुक्ति, बच्चों की सुरक्षा और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा कर रही है। यह टोली केवल समस्याओं की बात नहीं करती, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी सामूहिक प्रयास कर रही है।
रानू का मानना है कि किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत लोगों के विचारों में बदलाव से होती है। यही कारण है कि वे सादगी, प्रेम, संवाद और भाईचारे को अपने प्रयासों का आधार बना रही हैं। उनके नेतृत्व में युवा एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं कि गांव का विकास केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
आज हीरनखेड़ा (घोघड़िया) में जो चर्चा शुरू हुई है, वह केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी गांवों के लिए प्रेरणा है जो अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देख रहे हैं। जब युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे आते हैं, तो बदलाव केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि स्थायी रूप से समाज का हिस्सा बन जाता है।
सचमुच, परिवर्तन की यह छोटी-छोटी पहलें ही कल के स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल गांवों की मजबूत नींव बन रही हैं।

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Ahimsa Welfare Scoiety, , 6 Maharastrian Colony
Rajgarh
465661

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