05/03/2025
नमस्कार साथियों ,पिछले वर्ष, हमारी संवेदना पहल के तहत, हमने 1 लाख यूनिट रक्त संग्रह कर हजारों दानदाताओं को एकजुट किया और मानवीय सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस वर्ष, हम संवेदना 2.0 के माध्यम से एक और बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं—हम पूरे देश में 1.5 लाख यूनिट रक्त एकत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हर वर्ष, 23 मार्च, शहीद दिवस के अवसर पर, NIFAA इस अभियान को देश के वीर शहीदों को समर्पित करता है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता और सम्मान का जीवन दिया। उनकी इस अमर शहादत का सम्मान करने का सबसे महान तरीका है—रक्तदान कर किसी जरूरतमंद को जीवनदान देना। जब आप रक्तदान करते हैं, तो आप सिर्फ रक्त नहीं देते, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का अवसर प्रदान करते हैं। हम पूरे देश के व्यक्तियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों, NGO, रक्तदान समूहों, और संस्थानों से आग्रह करते हैं कि वे अपने शहरों और गांवों में रक्तदान शिविरों का आयोजन करें।चाहे आप व्यक्तिगत रूप से रक्तदान करना चाहते हों या किसी समूह का हिस्सा हों—हर एक प्रयास की गिनती होगी। यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक आंदोलन है—जो हर राज्य, हर जिले, हर गाँव और हर शहर में जीवन बचाने की एक लहर लेकर आएगा। हमारा लक्ष्य :अभियान की तिथियाँ: 21 से 23 मार्च 2025राष्ट्रव्यापी अभियान: 1 देश | 28 राज्य | 8 केंद्र शासित प्रदेश | 800 जिले | 2400 रक्तदान शिविरलक्ष्य: 1,50,000 यूनिट रक्त संग्रहसम्मान और पुरस्कार :हर वह संगठन, संस्था या आयोजक जो संवेदना 2.0 में भाग लेगा, उसे विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। आपके इस समर्पण को सम्मानित करने के लिए, NIFAA विशेष पुरस्कार प्रदान करेगा:• विश्व उत्कृष्टता पुरस्कार – लंदन प्रमाणपत्र: यदि कोई आयोजक 30 से अधिक रक्तदान यूनिट का शिविर आयोजित करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।• NIFAA द्वारा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार: हर शिविर आयोजक और संगठन को राज्य स्तरीय समारोह में विशेष सम्मान दिया जाएगा। तो आइए, एकजुट होकर रक्तदान करें और संवेदना को भारत का सबसे बड़ा मानवीय अभियान बनाएं! रजिस्ट्रेशन करने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करेंhttps://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWeefleacu0PSRjkDH_hwkmIF3aO6FMIWR0Wdy0AAWOi5VkQ/viewform?usp=headerआज ही भागीदारी के लिए संपर्क करें +91 9315880888 Singh PannuNIFAA-In the Service of Nation and Humanity