07/03/2026
🙋♀️🙋♂️अकेलापन दूर करने पुनर्विवाह की चाह में 472 महिला, पुरुष परिचय देने राजधानी पहुंचे..
🌷💐सहारे के लिए बुजुर्गों के साथ युवा भी मंच पर आये..
🤝🤝82 प्रतिभागियों के बीच रिश्तों की बातचीत आगे बढ़ी..
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रायपुर/ अंधकारमय व एकाकीपन का जीवन व्यतीत कर रहे दुखी लोगों की उजड़ी हुई गृहस्थी को दोबारा बसाने तथा उनके अंधकार जीवन में फिर से उजाला लाने रविवार को शहर की बहुत चर्चित सामाजिक संस्था "रायपुर ब्राइट फाउंडेशन" की ओर से पुरानी बस्ती महामाया मंदिर स्थित "सत्संग भवन हाल"में सभी जाति व समाज की विधवा, विधुर व वैध तलाकशुदा प्राप्त महिला, पुरुषों के पुनर्विवाह के लिए 9 वें वर्ष का परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें हमसफर की तलाश में महिलाओं के साथ बुजुर्गों और युवाओं ने भी मंच पर जाकर अपना परिचय दिया। सम्मेलन में दिव्यांगजनों की भी भागीदारी रही।
🌸कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भवन सन्निर्माण कर्मकार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल थे उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शादी फिर से हो पाती है या नहीं यह नसीब पर निर्भर है लेकिन जिस संस्था ने आपको यह मौका दिया है सही मायने में वे नि:स्वार्थ सेवा कर रहे है। पति-पत्नी के बिना जीवन अधूरा है ,उम्मीद है आज निराश चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटेगी।
🌺अध्यक्षता कर रहे विवेकानंद सदर बाजार वार्ड के पार्षद तथा जोन 4 के अध्यक्ष मुरली शर्मा ने कहा कि विवाह के बाद कम समय में युवाओं का तलाक होना आज समाज और परिवार के लिए चिंता का विषय है, इस पर परिजनों को ध्यान देने की आवश्यकता है।
💥सम्मेलन को गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष के.पी.खण्डे, डॉ.जे.आर.सोनी, उत्तम गर्ग, सुरेश रोचलानी, आशुतोष श्रीवास, चंद्रकांत शितूत आदि ने भी संबोधित किया तत्पश्चात अतिथियों को साल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह व मोतीमाला भेंटकर सम्मानित किया गया।
🌹फाउंडेशन के प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि आज खचाखच भरे हाल में छ.ग. सहित विभिन्न प्रांतो से आये कुल 472 प्रतिभागियों की भागीदारी रही जिसने मंच पर अपनी परेशानी व दुखड़ा सुनाते हुए पूर्व के वैवाहिक स्थिति व पारिवारिक पृष्ठभूमि को मंच पर साझा कर सहयोग मांगा।
🧣संस्था द्वारा गठित कानूनविदों तथा शिक्षा जगत से जुड़ी महिलाओं की टीम द्वारा कराए गए काउंसलिंग व परस्पर पसंद आने के बाद 82 प्रतिभागियों के बीच रिश्तों की बातचीत आगे बढ़ गई है। भविष्य में दोनों परिवारों की रजामंदी पर संस्था द्वारा विवाह का कार्यक्रम भी संपन्न कराया जाएगा।
सम्मेलन में प्रतिभागियों ने सुनाई अपनी व्यथा
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परिचय देते समय कई महिलाएं भावुक होकर रूंधे गले में अपनी दांस्तान सुनाई कि विधवा व तलाकशुदा हो जाने के बाद अनेकों कठिनाईयां महसूस होती है। परिवार वालों की सहानुभूति मिलती है लेकिन जीवन भर माता-पिता, भाई पर निर्भर नहीं रहना चाहती इसलिए फिर से दांपत्य जीवन शुरू करना चाहती है।
वही उम्रदराज पुरुषों ने कहा कि वह बुढ़ापे में सहारे को लेकर चिंतित है। बिना पत्नी घर सुना सा लगता है, आगे का जीवन हंसी खुशी कट जाए इसलिए वे परिचय देने आए है।
कई कुंवारों ने जाति बंधन को तोड़कर तलाकशुदा महिलाओं का हाथ थामने की पेशकश की
👉इस पुरे आयोजन में अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत , कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मनोज ठाकुर, महासचिव अनघा करकशे, प्रवक्ता चेतन चंदेल, श्रीमती राधा राजपाल, दमयंती देशपांडे, लक्ष्मी नारायण लाहोटी, बिहारीलाल शर्मा, हितेश रायचूरा, नरेंद्र ठाकुर, अनघा करकशे, अन्नपूर्णा शर्मा, सुषमा ध्रुव , अंजली शितूत, ज्योति हिरणवार, राजेंद्र सरवैया, चंपालाल साहू, नारायण सेन, रामभरोसा अग्रवाल, संजय मोंहदीवाले,मांडवी कौशिक, शुभ्रा बनर्जी, दीपाली धर, माधुरी बोरकर, सीमा कटंकार ,अरुणा यादव, सुषमा तिवारी, दीपिका वैष्णव अजंता चौधरी, सुचित्रा वर्धन, खुशबू शर्मा, आरती यादव, पूजा दीप, दुर्गा गेंदले, मोनू बंजारे, घासीदास कोसले, आशाराम लहरे , प्रदीप देशपांडे, दिनकर करकशे,आलोक शर्मा, प्रकाश गिरधर ,श्याम सुंदर खंगन सहित सैकड़ो प्रतिभागियों व उनके परिजनों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम आयोजन समिति
रायपुर ब्राइट फाउंडेशन
मो.9424202244