Chhattisgarh Udhyog Chember of Comerce and Industries

Chhattisgarh Udhyog Chember of Comerce and Industries Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Chhattisgarh Udhyog Chember of Comerce and Industries, Community Organization, Raipur.

01/02/2026

कौशल से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से राष्ट्र समृद्धि।

आईटीआई से इंडस्ट्री तक – स्वावलंबी युवा, सशक्त भारत।

सीखें आधुनिक तकनीक, बनें उद्योग-तैयार, गढ़ें आत्मनिर्भर भारत।

स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत कौशल विकास का सशक्त अभियान

शासकीय आईटीआई के इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में अध्ययनरत युवाओं को स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि यह युवा अपनी पढ़ाई पूर्ण करने के उपरांत किसी भी प्रकार की स्टील, पावर, सीमेंट, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग या प्रोसेस इंडस्ट्री में तत्काल कार्य करने के लिए सक्षम बन सकें और आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन के सपनों को साकार कर सकें।

यह 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर थ्योरी, प्रैक्टिकल एवं इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र का संतुलित समावेश है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से परिचित कराने हेतु प्लांट विज़िट भी कराई जाएगी, जिससे वे मशीनों, पैनलों एवं ऑटोमेशन सिस्टम को नज़दीक से समझ सकें।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को Industry 4.0, Artificial Intelligence (AI), IIoT (Industrial Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों की बुनियादी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभिन्न प्रकार के सेंसर, उनके औद्योगिक उपयोग, लॉजिक कंट्रोलर (PLC), पावर सप्लाई सिस्टम, CCTV इंस्टॉलेशन, इंडस्ट्रियल वायरिंग, कंट्रोल पैनल, तथा इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम के वास्तविक अनुप्रयोगों को विस्तार से समझाया जाएगा।

यह संपूर्ण प्रशिक्षण संजय चौबे, प्रांत सह समन्वयक – स्वावलंबी भारत अभियान, छत्तीसगढ़ प्रांत के मार्गदर्शन में एवं संजय चौबे की अनुभवी तकनीकी टीम द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी योग्य ही नहीं, बल्कि समस्या-समाधान में दक्ष, आत्मविश्वासी एवं उद्योग-तैयार बनाना है। संजय चौबे द्वारा यह प्रयास युवाओं को रोजगार के लिए भटकने की बजाय रोजगार देने योग्य बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी प्रतिभागियों को स्वावलंबी भारत अभियान, छत्तीसगढ़ प्रांत की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके कौशल, प्रशिक्षण एवं औद्योगिक समझ का प्रमाण होगा। इस प्रकार संजय चौबे के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह कौशल विकास अभियान न केवल युवाओं को स्वावलंबी बना रहा है, बल्कि राष्ट्र निर्माण एवं आर्थिक समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

#स्वदेशी

#स्वावलंबी
#हरयुवाउधमी
#लघुउधोग
स्वदेशी जागरण मंच छत्तीसगढ़
स्वदेशी जागरण मंच कुरुक्षेत्र
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
लघु उद्योग भारती
लघु उद्योग भारती भारती
लघु उद्योग भारती
LUB MP - लघु उद्योग भारती , मध्यप्रदेश
लघु उद्योग भारती छिन्दवाड़ा
लोचन राम पटेल
स्वावलंबी भारत अभियान
Sba Chhattishgarh
सहकार भारती दुर्ग
सेवा भारती सूरतगढ़
भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग
BMcollege Durg
भारतीय किसान संघ
Bodhi Ram Nishad
MP Khadi Gramodhyog Board

कौशल से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से राष्ट्र समृद्धि।आईटीआई से इंडस्ट्री तक – स्वावलंबी युवा, सशक्त भारत।सीखें आधुनिक त...
01/02/2026

कौशल से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से राष्ट्र समृद्धि।

आईटीआई से इंडस्ट्री तक – स्वावलंबी युवा, सशक्त भारत।

सीखें आधुनिक तकनीक, बनें उद्योग-तैयार, गढ़ें आत्मनिर्भर भारत।

स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत कौशल विकास का सशक्त अभियान

शासकीय आईटीआई के इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में अध्ययनरत युवाओं को स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि यह युवा अपनी पढ़ाई पूर्ण करने के उपरांत किसी भी प्रकार की स्टील, पावर, सीमेंट, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग या प्रोसेस इंडस्ट्री में तत्काल कार्य करने के लिए सक्षम बन सकें और आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन के सपनों को साकार कर सकें।

यह 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर थ्योरी, प्रैक्टिकल एवं इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र का संतुलित समावेश है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से परिचित कराने हेतु प्लांट विज़िट भी कराई जाएगी, जिससे वे मशीनों, पैनलों एवं ऑटोमेशन सिस्टम को नज़दीक से समझ सकें।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को Industry 4.0, Artificial Intelligence (AI), IIoT (Industrial Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों की बुनियादी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभिन्न प्रकार के सेंसर, उनके औद्योगिक उपयोग, लॉजिक कंट्रोलर (PLC), पावर सप्लाई सिस्टम, CCTV इंस्टॉलेशन, इंडस्ट्रियल वायरिंग, कंट्रोल पैनल, तथा इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम के वास्तविक अनुप्रयोगों को विस्तार से समझाया जाएगा।

यह संपूर्ण प्रशिक्षण संजय चौबे, प्रांत सह समन्वयक – स्वावलंबी भारत अभियान, छत्तीसगढ़ प्रांत के मार्गदर्शन में एवं संजय चौबे की अनुभवी तकनीकी टीम द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी योग्य ही नहीं, बल्कि समस्या-समाधान में दक्ष, आत्मविश्वासी एवं उद्योग-तैयार बनाना है। संजय चौबे द्वारा यह प्रयास युवाओं को रोजगार के लिए भटकने की बजाय रोजगार देने योग्य बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी प्रतिभागियों को स्वावलंबी भारत अभियान, छत्तीसगढ़ प्रांत की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके कौशल, प्रशिक्षण एवं औद्योगिक समझ का प्रमाण होगा। इस प्रकार संजय चौबे के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह कौशल विकास अभियान न केवल युवाओं को स्वावलंबी बना रहा है, बल्कि राष्ट्र निर्माण एवं आर्थिक समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

#स्वदेशी

#स्वावलंबी
#हरयुवाउधमी
#लघुउधोग
स्वदेशी जागरण मंच छत्तीसगढ़
स्वदेशी जागरण मंच कुरुक्षेत्र
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लघु उद्योग भारती
लघु उद्योग भारती भारती
लघु उद्योग भारती
LUB MP - लघु उद्योग भारती , मध्यप्रदेश
लघु उद्योग भारती छिन्दवाड़ा
लोचन राम पटेल
स्वावलंबी भारत अभियान
Sba Chhattishgarh
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भारतीय किसान संघ
Bodhi Ram Nishad
MP Khadi Gramodhyog Board

21/04/2025

इंदौर में ट्रैफिक सिग्नल पर,गाना महिला पुलिस द्वारा 👆

26/09/2024
30/08/2024

"अपने आध्यात्मिक उपहारों को उजागर करें" का मतलब है कि आप अपने अंदर छुपी हुई आध्यात्मिक क्षमताओं और गुणों को पहचानें और उन्हें विकसित करें। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हो सकते हैं:

आत्म-जागरूकता: अपने भीतर झांकने का समय निकालें। ध्यान, योग, या प्रार्थना के माध्यम से अपनी आंतरिक आवाज और अंतर्ज्ञान को सुनने का प्रयास करें। आत्म-जागरूकता आपके उपहारों को पहचानने में सहायक होती है।

ध्यान और एकाग्रता: नियमित रूप से ध्यान और एकाग्रता का अभ्यास करें। यह आपके मन को शांत करता है और आपको अपने आध्यात्मिक उपहारों को समझने और विकसित करने में मदद करता है।

आत्म-विश्लेषण: अपने विचारों, भावनाओं और क्रियाओं का निरीक्षण करें। यह जानने का प्रयास करें कि आपके जीवन में कौन-से अनुभव आपको गहराई से प्रभावित करते हैं, और कौन-सी बातें आपके मन में गहरी छाप छोड़ती हैं।

आध्यात्मिक अध्ययन: धार्मिक ग्रंथों, आध्यात्मिक पुस्तकों, या गुरुओं के विचारों का अध्ययन करें। यह आपको विभिन्न आध्यात्मिक मार्गों और उपहारों को समझने में मदद कर सकता है।

सेवा और करुणा: सेवा और करुणा की भावना को अपने जीवन में अपनाएं। दूसरों की सहायता करना और उनके प्रति करुणा दिखाना आपके आध्यात्मिक उपहारों को उजागर कर सकता है।

आध्यात्मिक गुरु या मार्गदर्शक: किसी अनुभवी गुरु या मार्गदर्शक की सहायता लें जो आपके आध्यात्मिक पथ पर आपको मार्गदर्शन कर सके।

समर्पण और धैर्य: अपने आध्यात्मिक उपहारों को उजागर करने में समय और धैर्य की आवश्यकता होती है। अपने प्रयासों को निरंतर बनाए रखें और समर्पण के साथ अपने आध्यात्मिक विकास की ओर आगे बढ़ें।

ध्यान दें और ग्रहण करें: उन संकेतों और संयोगों पर ध्यान दें जो आपकी आध्यात्मिक यात्रा में आपको मार्गदर्शन दे रहे हैं। जीवन के अनुभवों से सीखें और उन्हें अपनी आध्यात्मिक प्रगति के रूप में स्वीकार करें।

इन बिंदुओं को अपनाकर, आप अपने आध्यात्मिक उपहारों को पहचान सकते हैं और उन्हें विकसित कर सकते हैं।

आज लघु उद्योग दिवस के अवसर पर, हम सभी सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। यह दिन उन उद्यमिय...
30/08/2024

आज लघु उद्योग दिवस के अवसर पर, हम सभी सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। यह दिन उन उद्यमियों को समर्पित है जो अपने अथक परिश्रम, नवाचार, और समर्पण से न केवल अपने व्यवसाय को सशक्त बनाते हैं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

लघु उद्योग क्षेत्र हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। लघु और सूक्ष्म उद्योगों का योगदान केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी है। यह क्षेत्र आत्मनिर्भरता, स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग, और स्थायी विकास को बढ़ावा देता है।

आज के इस विशेष दिन पर, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम लघु उद्योगों के विकास और विस्तार में अपनी पूरी शक्ति लगाएंगे। सरकार, बड़े उद्योग, और समाज के सभी वर्गों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि लघु उद्यमियों को वह समुचित समर्थन और सुविधाएं मिलें, जिनकी उन्हें आवश्यकता है।

सभी लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को इस अवसर पर मेरी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आपके साहस, समर्पण, और दूरदर्शिता ने हमारे समाज को एक नई दिशा दी है। आइए, हम सब मिलकर लघु उद्योगों के माध्यम से एक समृद्ध, सशक्त, और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।

जय हिंद!

1945 में एमर्सन में रेडियो बनाती महिलाएँ उस समय की अत्यधिक कुशल तकनीशियनों के रूप में जानी जाती थीं, जैसे आज के समय में ...
09/07/2024

1945 में एमर्सन में रेडियो बनाती महिलाएँ उस समय की अत्यधिक कुशल तकनीशियनों के रूप में जानी जाती थीं, जैसे आज के समय में सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं। उस दौर में रेडियो निर्माण एक जटिल और महत्वपूर्ण कार्य था, और इन महिलाओं ने अपने कौशल और मेहनत से इस उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी तकनीकी दक्षता और समर्पण ने उन्हें उस समय की अग्रणी पेशेवरों में शामिल किया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

 # # ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाने के उपाय:**मन को शांत करना:*** **ध्यान और योग:** ध्यान और योग अभ्यास मन को शांत करने और व...
09/07/2024

# # ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाने के उपाय:

**मन को शांत करना:**

* **ध्यान और योग:** ध्यान और योग अभ्यास मन को शांत करने और वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं, जिससे ओवरथिंकिंग कम होती है।
* **गहरी सांस लेना:** जब आप घबराए हुए या चिंतित महसूस कर रहे हों, तो गहरी सांस लेने की तकनीक का उपयोग करें। यह आपके शरीर और दिमाग को शांत करने में मदद करेगा।
* **मंत्रमुग्धता:** ध्यान या योग के दौरान मंत्रों का जाप करना या प्रकृति की आवाज़ों को सुनना भी मन को शांत करने में मददगार हो सकता है।

**सोच पैटर्न को बदलना:**

* **नकारात्मक विचारों को चुनौती दें:** जब आप नकारात्मक विचारों में फंसे हों, तो उन पर सवाल उठाएं। पूछें कि क्या वे विचार यथार्थवादी और सहायक हैं।
* **यथार्थवादी सोच विकसित करें:** सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों पर विचार करके अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास करें।
* **कल्पना को सीमित करें:** भविष्य के बारे में या ऐसी परिस्थितियों के बारे में चिंता करना बंद करें जो आपके नियंत्रण से बाहर हैं।
* **कृतज्ञता व्यक्त करें:** उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें जिनके लिए आप कृतज्ञ हैं, इससे नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद मिल सकती है।

**व्यवहार में बदलाव:**

* **व्यस्त रहें:** ऐसी गतिविधियों में व्यस्त रहें जो आपको पसंद हों और आपको वर्तमान क्षण में लाएं।
* **मदद मांगें:** यदि आप अकेले ओवरथिंकिंग से जूझ रहे हैं, तो दोस्तों, परिवार, चिकित्सक या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करें।
* **स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं:** पर्याप्त नींद लें, स्वस्थ भोजन खाएं, और नियमित रूप से व्यायाम करें। इससे तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलेगी, जो अक्सर ओवरथिंकिंग का कारण बनते हैं।

**यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ओवरथिंकिंग एक आम समस्या है।** इन रणनीतियों का अभ्यास करके, आप धीरे-धीरे अपने विचारों को नियंत्रित करना सीख सकते हैं और अधिक शांतिपूर्ण और वर्तमान जीवन जी सकते हैं।

*स्वावलंबन की दिशा में दुर्ग में आचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं महिलाएं !* *बेरोजगार को स्वरो...
07/04/2024

*स्वावलंबन की दिशा में दुर्ग में आचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं महिलाएं !*



*बेरोजगार को स्वरोजगारी बनाने के लिए कई तरह के प्रशिक्षण स्ववालंबी भारत अभियान के तहत् दिया जा रहा है !*



*अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार से प्रेरित करना है ताकि वे स्वयं का रोजागार शुरू कर सके – सुनील पटेल जिला कार्यवाह (रा.स्व.से.संघ)*



एमएसएमई टूल रूम के सहयोग से स्वावलंबी भारत अभियान को गति प्रदान के दृष्टी से सम्पूर्ण प्रान्त के कई जिलों में विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन युवाओं को प्रशिक्षत करने हेतु किया जा रहा है ! स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत सह संयोजक संजय चौबे ने बताया की इसी कड़ी में दुर्ग के ग्राम उरला में आचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला बनाने का 10 दिवसीय प्रशिक्षण महिलाओं को दिया जारहा है।



सभी महिलाओं को 13 प्रकार के खट्टे-मी ठे विभिन्न तरह के आचार, आम, नीम्बू, आवला , लहसुन, कटहल, पका लाल मिर्च, हरी मिर्च, काबुली चना, आम का मीठा आचार, मिक्स आचार बनाने की विधि बता ई जा रही है। एमएसएमई टूल रूम के वरिष्ठ प्रबंधक जे.मोहंती ने कहा कि महिलाओं को सक्षम एवं सशक्त बना ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आगे स्वावलंबी भारत अभियान के संजय चौबे ने बताया की इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण मे महिलाएं आचार बनाने के साथ ही पापड़, बड़ी एवं मसाला बनाने की विधि भी सीख रही है। इस प्रशि क्षण के दौरान उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही मार्केटिंगटिं , पैंकेजिंगजिं एवं उद्यमिता विकास तथा प्रभावी संचार का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वावलंबी भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य नवयुवक और नवयुवतियों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाकर स्वाबलंबी बनाना है। इस प्रशिक्षण में वर्तमान समय में बाजार में प्रचलित विभिन्न तरह के अचार, पापड़ व मसाला पाउडर मेंकिग प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों के बारे में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है !



इसी दौरान प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं का हौसला बढाने राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के दुर्ग जिला कार्यवाह श्री सुनील पटेल एवं अन्य स्वयं सेवक भी पहुचें एवं उपस्थित महिलाओं का उत्साह बढाया आगे श्री सुनील पटेल ने उपस्थित महिलाओं को अपने उद्बोधन में बताया की इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार से प्रेरित करना है, आप सभी को सही निर्णय लेना , स्वयं पर भरोसा करना, क्षमता के अनुसार कार्य करना , आत्मनिर्भर हो कर आत्मविश्वास के साथ कार्य करना है। एवं नवयुवक और नवयुवतियों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाकर स्वाबलंबी बनाना है। इस प्रशिक्षण में वर्तमान समय में बाजार में प्रचलित विभिन्न तरह के अचार, पापड़ व मसाला पाउडर मेंकिग प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों के बारे विस्तार से जानकारी प्रदान की इस शानदार कार्यक्रम की प्रशिक्षक मोनिका निषाद धमतरी से आई थी !



उपस्थित महिलाओं में सिन्धु सिंघाड़े ने बताया की प्रशिक्षण के दौरान सुविचार में हमें यह सिखाया गया है कि हिम्मत न खोना , आगे जाना है। जिन्हों ने कहा था तेरे वश का नहीं है, उन्हें भी कार्य करके दिखाना है। यहां

प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला आगे रिंकी सिन्हा ने कहा की हमें , आत्मनिर्भर हो कर आत्मविश्वास के साथ कार्य करना है, यहां 20 प्रकार के उत्पादों को निर्माण करना सिखा है जिसमें क्रमश: आचार बनाने की विधि , साबुदाना पापड़, मूंग पापड़, बड़ी, सांभर मसाला, गरम मसाला, बिरयानी मसाला,चाय मसाला, अलसी की चटनी, सहित अन्य सामग्री बनाना सीख रहे है और हमारा संकोच दूर हुआ है, इस प्रशिक्षण के लिए घर का सहयोग मिला है और यहां आकर वह बहुत कुछ सीख सकीं । इस अवसर सिन्धु सिंघाड़े, रिंकी सिन्हा, गीता बारमाटे, अनीता, संगीता अड्काने, छाया वासनिक सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थीं ।

प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल को, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री समीर मुंडरा जी, म...
16/12/2022

प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल को, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री समीर मुंडरा जी, मध्यप्रदेश लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेश गुप्ता जी, ने कटनी में 16 से 18 दिसंबर तक MSME विभाग और लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में आयोजित हो रहे स्वयं सिद्धा स्वावलंबी भारत ट्रेड फेयर में हमारे स्टाल में आगमन हुआ।

लोकल हुआ ग्लोबल साथियों 21-22 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 400 अरब डालर का निर्यात कर एक रिकार्ड बनाया है आप इसे लोकल...
10/08/2022

लोकल हुआ ग्लोबल

साथियों
21-22 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 400 अरब डालर का निर्यात कर एक रिकार्ड बनाया है आप इसे लोकल हुआ ग्लोबल कह सकते है !

रिकॉर्ड बनाने के लिए किसान, बुनकर, सूक्ष्म ,लघु एवं मध्यम उधोग, उत्पाद निर्यातकों सभी को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज परिवार की तरफ से सभी को बधाई यह आत्मनिर्भर भारत बनाने की हमारी यात्रा में यह मिल का पत्थर साबित होगा !

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