15/02/2026
मामले का नाम:
प्रमोद कुमार नवरत्ना बनाम छत्तीसगढ़ राज्य एवं अन्य, 2026 (एसएलपी (आपराधिक) संख्या 4452/2025) ⚖️
न्यायालय:
माननीय सर्वोच्च न्यायालय 🏛️
न्यायालय का निर्णय:
“यदि पीड़िता पहले से विवाहित है, तो विवाह का वादा कानूनी रूप से लागू नहीं”: सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार मामला रद्द किया ❌👩⚖️
सुप्रीम कोर्ट ने एक अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज बलात्कार का मामला रद्द करते हुए कहा कि जब पीड़िता स्वयं पहले से विवाहित थी और विवाह के लिए कानूनी रूप से पात्र नहीं थी, तब विवाह के वादे को “झूठा वादा” नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने यह भी कहा कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से प्रतीत होता है, जो बाद में विवादपूर्ण हो गया, जिसके कारण आपराधिक कानून का दुरुपयोग किया गया। ⚠️🤝
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