14/12/2025
धन्यवाद करिए उन शेरदिल कायस्थों का जिन्होंने विरोध का बिगुल बजाया ।
जो भी 10-20% कायस्थों ने संघर्ष का रास्ता चुना उसी का परिणाम है कि नितिन नवीन या रितुराज सिन्हा जैसे युवा कायस्थों को अब बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है।
एकजुट रहना सीखिए और फिर देखिए हमारी ताकत अच्छे अच्छों को कैसे जगह पर लाती है।
सुभाष चँद्र बोस, डा. राजेंद्र प्रसाद, लालबहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण जैसे कायस्थों ने हाँ में हाँ नहीं मिलाई थी किसी की बल्कि क्रांति का झंडा उठाया था । आज के सोए हुए कायस्थों को समझने की आवश्यकता है।
जय चित्रगुप्त जी महाराज 🙏
जय चित्रांश 🙏