*जिंदगी की आस व त्याग की पराकाष्ठा- नेकी की दीवार*
पूरनपुर, पीलीभीत;- वर्तमान अधुनिक काल में जिंदगी की भागदौड़ में, जहाँ गलाकाट प्रतिस्पर्धा हो, नैतिक मूल्यों का जहाँ पतन हो रहा हो, अराजकता जैसी स्थिति यदाकदा परिलक्षित हो, जहाँ मानवता और मानवीय मूल्यों का ह्रास अक्सर दिखाई पड़ जातें हो। वहाँ शोषित समाज का, गरीब - निर्धनों का, गंभीर बिमारी से जुझ रहे गरीब रोगीयों का, बेरोजगारों का, बेसहारा अनाथों का,
विधवाओं का, गरीब अशिक्षितों की जिंदगी की एक अनमोल आस व त्याग की पराकाष्ठा के रूप में पिछले कई वर्षों से नेकी की दीवार संस्था ने अनगिनत इबादतें लिखी हैं। संस्था द्वारा सभ्य समाज की स्थापना के लियें, नैतिक संस्कारों के लियें, सबके चहरों पर मुस्कुराहट लाने के लिए नेकी की दीवार की जितनी प्रशंसा की जायें वो कम है। नेकी की दीवार संस्था के कार्यों को भारतवर्ष से लेकर सात समुंदर पार भी इनके कार्यों की चर्चा व प्रशंसा अक्सर न्यूज पेपर्स व सोशल मीडिया पर देखनें को मिल जातीं हैं।
आज हम आपको परिचित करा रहे हैं नेकी की दीवार संस्था से जिसें 2017 में नववर्ष के दिन पूरनपुर शहर निवासी गुरमेल सिंह, स्व: सुखदेव सिंह, पवन कसाना, मुकेश बाबू आदि ने अपने नजदीकी मित्रों, परिजनों और समाज के प्रबुद्धजनों को साथ लेकर नेकी की दीवार संस्था बनाकर उसके माध्यम से गरीबों, असहायों, जरूरतमंदों, समाज में आर्थिक व समाजिक रूप से दबें - कुचलें लोगों की मदद कर उनके समाजिक व आर्थिक उत्थान का कार्य किया। सभ्य समाज में फैलीं बहुत सी बुराइयों व कुरितियों एव अन्य गंभीर मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।