03/08/2026
किताबों से आगे, रोजगार तक! भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) की ऐतिहासिक पहल
परम पूज्य स्वामी रामदेव जी की गरिमामयी उपस्थिति में भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) ने कौशल शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं!
कौशल-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा उद्योग और शिक्षा जगत के मध्य सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (NSQF) के अनुरूप, अब स्कूलों में ही प्रैक्टिकल और जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा दी जाएगी।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गरिमामयी व्यक्तित्व:
इस ऐतिहासिक समारोह की अध्यक्षता बीएसबी के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव जी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एन. पी. सिंह (सेवानिवृत्त IAS), बीएसबी सचिव श्री आर. पी. सिंह (सेवानिवृत्त IPS), और डॉ. निधि गुसाईं (वरिष्ठ शोधकर्ता एवं प्रमुख, व्यावसायिक एवं कौशल विकास) ने की।
समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहे:
प्रो. मदन मोहन त्रिपाठी (महानिदेशक, नीलिट - NIELIT)
श्री अर्पित शर्मा (सीईओ, स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स)
श्री किशन कुमार (सीईओ, हैंडीक्राफ्ट्स एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल)
श्री रंजन बहादुर (सीईओ, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल)
मुख्य समझौते और साझेदारियां:
पर्यटन एवं आतिथ्य (Tourism & Hospitality): THSC के साथ नया समझौता ज्ञापन।
हस्तशिल्प (Handicrafts): HCSSC के साथ पारंपरिक कला और कौशल का समावेश।
हरित ऊर्जा (Green Energy): SCGJ के साथ भविष्य की ग्रीन जॉब्स की तैयारी।
डिजिटल & आईटी (NIELIT): नीलिट के साथ चल रही साझेदारी को भी सम्मानित किया गया तथा इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
छात्रों को क्या नया सीखने को मिलेगा?
🔹 21वीं सदी के आधुनिक कौशल: AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिसिस और वेब डिजाइनिंग
🔹 पर्यावरण और हरित ऊर्जा: सौर ऊर्जा और अल्टरनेटिव एनर्जी टेक्नोलॉजी
🔹 पारंपरिक हुनर: स्थानीय कारीगरों से सीधे हस्तशिल्प और कला सीखना
🔹 प्रैक्टिकल अनुभव: पतंजलि इंडस्ट्रीज में 15 दिनों की इंटर्नशिप और खुद का बिजनेस/स्टार्टअप शुरू करने के अवसर
अब पढ़ाई सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि एक सफल, कुशल और आत्मनिर्भर भविष्य बनाने के लिए होगी!
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