27/05/2026
सोलापुर में MVPM’s KirtiShree Kabra Vidyalaya का भव्य उद्घाटन
आधुनिक शिक्षा, संस्कार एवं उत्कृष्ट सुविधाओं से युक्त विद्यालय बनेगा महाराष्ट्र का मॉडल स्कूल
माहेश्वरी विद्या प्रचारक मंडल द्वारा शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए MVPM’s KirtiShree Kabra Vidyalaya का भव्य उद्घाटन समारोह रविवार, 24 मई 2026 को श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर एजुकेशनल कैंपस, निराळे वस्ती, सोलापुर में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
विद्यालय का उद्घाटन समाज के प्रतिष्ठित उद्योगपति, शिक्षाप्रेमी एवं CA Gold Medalist आदरणीय श्री आनंदजी राठी के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर माहेश्वरी विद्या प्रचारक मंडल के पदाधिकारी, ट्रस्टीगण, शिक्षाविद, समाजबंधु एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
विद्यालय के निर्माण एवं स्थापना में मुख्य दानदाता किर्तीश्री काबरा परिवार का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से यह आधुनिक एवं भव्य शैक्षणिक संकुल साकार हो पाया।
उपस्थित अतिथियों ने इस योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
समारोह का प्रारंभ स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें ओमप्रकाश जी सोमानी ने विद्यालय की स्थापना, उसकी आवश्यकता तथा भावी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इसके पश्चात आपने सोलापुर स्थित MVPM की वर्तमान स्कूलों एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक उपलब्धियों, उनके सामाजिक महत्व तथा शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि KirtiShree Kabra Vidyalaya में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल लर्निंग एवं नवाचार आधारित अध्ययन व्यवस्था को विशेष रूप से शामिल किया गया है। साथ ही विद्यालय के दीर्घकालीन विज़न को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।
मुख्य दानदाता परिवार की ओर से किर्तीजी काबरा ने अपने प्रेरणास्रोतों एवं अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह विद्यालय आने वाले समय में एक आदर्श एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली संस्था बनेगा। उन्होंने MVPM एवं संपूर्ण सोलापुर टीम का अल्प समय में इस स्वप्न को साकार करने हेतु आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्या के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि MVPM जैसी प्रतिष्ठित संस्था एवं सोलापुर टीम के साथ उनके परिवार का जुड़ना सौभाग्य की बात है।
श्रीगोपालजी काबरा ने कहा कि माहेश्वरी समाज समाज सदैव शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है तथा यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित होगा।
आदरणीय रंगनाथजी बंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यह केवल सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि शिक्षा का मंदिर है,” जो आने वाली पीढ़ियों के निर्माण का केंद्र बनेगा।
नासिक से पधारे सुमितजी केला एवं संजीवजी केला ने केला परिवार के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान का उल्लेख करते हुए इस परियोजना की सराहना की।
श्रीकांतजी करवा ने अपनी माताजी ताई करवा को स्मरण करते हुए समाज एवं शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं समाजोत्थान में उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका योगदान आज भी प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
Mvpm के ट्रस्टी एवं परियोजना प्रभारी अतुलजी लाहोटी ने कहा कि आज पूरे भारतवर्ष के माहेश्वरी परिवार का एक सपना पूरा हुआ है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना MVPM के लिए एक बड़ी चुनौती थी, किंतु सभी के सहयोग एवं संकल्प से इसे सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। उन्होंने विशेष रूप से श्री आनंदजी राठी का आभार व्यक्त किया कि वे अपने अत्यंत व्यस्त समय में भी सोलापुर पधारे और संस्था को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
उन्होंने विद्यालय के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी तथा उनमें गुणवत्ता, नेतृत्व क्षमता एवं नैतिक मूल्यों का विकास करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह विद्यालय MVPM के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है तथा महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से लोग इस विद्यालय का अध्ययन एवं अवलोकन करने आ रहे हैं।
Mvpm के वर्तमान अध्यक्ष श्री शेखरजी मुंदड़ा ने अपने मार्गदर्शन में संस्था संचालन के लिए “10-T” सिद्धांतों का महत्व बताया तथा कहा कि MVPM के 97 वर्षों के इतिहास में “No Election, Only Selection” की परंपरा संस्था की विशिष्टता एवं एकता को दर्शाती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आनंदजी राठी, जो भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित एवं अग्रणी नाम हैं, ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि MVPM अपने आप में एक अनूठी संस्था है, जिसमें सभी कर्मठ कार्यकर्ता समर्पित भाव से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे जब-जब MVPM के कार्यक्रमों में आते हैं, उन्हें संस्था के बारे में नई-नई प्रेरणादायी जानकारियाँ प्राप्त होती हैं।
उन्होंने कहा कि “KirtiShree” नाम के अनुरूप यह विद्यालय अपनी कीर्ति पूरे देश में फैलाएगा।
उन्होंने माहेश्वरी समाज की उद्योग, सफलता, परिश्रम एवं उच्च आकांक्षाओं की परंपरा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम एवं बड़े लक्ष्य रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विद्यालय भविष्य में एक आदर्श “मॉडल स्कूल” के रूप में स्थापित होगा।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उद्घाटन समारोह में उत्साह, गौरव एवं सामाजिक एकता का विशेष वातावरण देखने को मिला।