10/08/2026
समंदर से हु मुखातिब,
मुझे जीना आता है ,
मैं कश्ति हूं,
मुझे अपना सफ़र सिना आता है ...
हवाएं रुख बदल देगी ,
लहरे हिला देगी बादबान
मेरा मस्तूल जब तलक मजबूत है
मुझे संभलना आता है ...
( बादबान - जहाज का पाल, मस्तूल - पाल जिससे बंधा होता है वो दण्डा )
TheBlackMirrorV
10/8/26
Marine Drive ,Mumbai