13/03/2026
मेरी गुरु माँ 😭😭💐💐🙏🙏
**परमपूज्या संत करुणामयी गुरु माँ जी की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि**
परमपूज्या संत करुणामयी गुरु माँ जी केवल एक संत नहीं थीं, वे करुणा, प्रेम और दिव्य आशीर्वाद की साक्षात मूर्ति थीं। उनका स्नेह और मार्गदर्शन हम सभी शिष्यों के जीवन का अमूल्य धन है। गुरु माँ ने अपने जीवन से हमें यह सिखाया कि सच्चा आध्यात्म वही है जो प्रेम, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलना सिखाए।
आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि के पावन अवसर पर हृदय भावुक हो उठता है। गुरु माँ का स्मरण आते ही उनके मधुर वचन, उनका स्नेहमय स्वरूप और उनकी दिव्य मुस्कान आँखों के सामने सजीव हो उठती है। उन्होंने अपने शिष्यों को केवल उपदेश ही नहीं दिए, बल्कि अपने जीवन के आचरण से धर्म, भक्ति और मानवता का मार्ग दिखाया।
गुरु माँ का आशीर्वाद मेरे जीवन की सबसे बड़ी शक्ति रहा है। जब-जब जीवन के मार्ग में कठिनाइयाँ आईं, उनके दिए हुए संस्कार और उनके शब्द मार्गदर्शक दीपक बनकर सामने खड़े हो गए। उन्होंने हमें यह सिखाया कि गुरु केवल शरीर से दूर हो सकते हैं, परन्तु उनके आशीर्वाद और उनकी शिक्षा सदैव हमारे साथ रहती है।
गुरु माँ का प्रेम सागर की तरह असीम था। वे अपने हर शिष्य को समान स्नेह देती थीं और हर किसी के दुःख को अपना दुःख समझती थीं। उनकी करुणा ने असंख्य लोगों के जीवन को दिशा दी। आज भी उनकी स्मृतियाँ और उनके उपदेश हमारे जीवन को प्रकाशमान करते हैं।
इस पावन दिन पर मैं, पं. सौरभ कृष्ण शास्त्री, अपने हृदय की गहराइयों से अपनी परमपूज्या गुरु माँ जी को कोटि-कोटि नमन करता हूँ। उनकी कृपा, उनका आशीर्वाद और उनकी शिक्षा सदैव हमारे जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
हे गुरुमाँ!
आपका स्नेह, आपका आशीर्वाद और आपका दिव्य मार्गदर्शन सदैव हमारे जीवन को आलोकित करता रहे। हम सभी शिष्य आपके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
आपको शत-शत नमन, कोटि-कोटि प्रणाम।
ॐ शांति।
आपका शिष्य
पं. सौरभ कृष्ण शास्त्री