22/03/2026
मौलिक अधिकार
भारतीय संविधान के भाग III (अनुच्छेद 12-35) में निहित मौलिक अधिकार नागरिकों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिन्हें देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा संरक्षित किया गया है। वर्तमान में, छह मुख्य मौलिक अधिकार हैं: समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक/शिक्षा, और संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
भारतीय संविधान में 6 मौलिक अधिकार (Fundamental Rights):
1.समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18): कानून के समक्ष समानता, धर्म, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
2.स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22): भाषण, अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सभा, संघ बनाने, और देश में कहीं भी आने-जाने/निवास करने की स्वतंत्रता।
3.शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24): मानव तस्करी, जबरन श्रम (बेगारी), और बच्चों से मजदूरी कराने पर रोक।
4.धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28): किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
5.सांस्कृतिक और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29-30): अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार।
6.संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32): मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार।