22/06/2026
⚔️ #वीर_शिरोमणि_बाबा_चौहरमल ⚔️
संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय के अमर प्रतीक
बाबा वीर चौहरमल बिहार की धरती पर जन्मे ऐसे महान लोकनायक थे, जिन्होंने शोषण, अन्याय और सामंती अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। वे केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और मानवता के महान प्रतीक भी थे।
दुसाध (पासवान) समाज सहित अनेक समुदाय उन्हें लोकदेवता के रूप में पूजते हैं। उन्होंने वंचित और शोषित वर्गों को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
♦️ #सामंती_अत्याचार_के_विरुद्ध_संघर्ष
बाबा चौहरमल ने सामंती व्यवस्था द्वारा किए जा रहे दमन का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने चाराडीह क्षेत्र को संगठन, प्रतिरोध और जनजागरण का केंद्र बनाया तथा समाज के कमजोर वर्गों को एकजुट किया।
♦️ #आत्मनिर्भरता_और_सामूहिक_कृषि
लोक परंपराओं के अनुसार उन्होंने सामूहिक खेती की व्यवस्था को बढ़ावा दिया, जिससे गरीब और वंचित समाज आर्थिक रूप से मजबूत बन सके तथा अन्यायपूर्ण नाकेबंदी का सामना कर सके।
♦️ #रेशमा_चौहरमल_की_लोकगाथा
बिहार की लोकसंस्कृति में रेशमा और चौहरमल की कथा आज भी लोकगीतों और जनश्रुतियों में जीवित है। यह कथा उनकी वीरता, स्वाभिमान और जननायक छवि को और भी गौरवशाली बनाती है।
♦️ #सामाजिक_समरसता_का_संदेश
बाबा चौहरमल का जीवन मानवता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। वे समाज के सभी वर्गों के सम्मान और समान अधिकारों के पक्षधर थे।
🌺 #प्रेरक_संदेश
"वीरता केवल युद्ध जीतने में नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने में है।"
बाबा चौहरमल का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, संगठन और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
🙏 जय वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल!
🌹 जय समता • जय न्याय • जय मानवता 🌹
राष्ट्रीय दुसाध्य महाक्रांति मोर्चा
#अखिल_भारतीय_दुसाध_एकता_परिषद
#पासवानएकता