Mahanth Sah Memorial Gramin Vikas Sansthhan

Mahanth Sah  Memorial Gramin Vikas Sansthhan This community Organisation works for improve the status of Villagers - health care, livelihood, harmony, education, vocational training, job placements

यदि आप दिव्यांगजन हैं और भारतीय रेल में दिव्यांग रेल पास (Divyang Railway Concession Pass) बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए...
06/08/2025

यदि आप दिव्यांगजन हैं और भारतीय रेल में दिव्यांग रेल पास (Divyang Railway Concession Pass) बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएँ:

1. पात्रता (Eligibility)
• यह सुविधा केवल दिव्यांग व्यक्तियों को उपलब्ध है, जिनके पास सरकारी मान्यता प्राप्त दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) हो।
• रेल पास उन्हीं दिव्यांगजनों को मिलता है, जिनकी श्रेणी भारतीय रेल द्वारा मान्य है, जैसे –
• दृष्टिबाधित (Blind)
• श्रवणबाधित (Deaf & Dumb)
• मानसिक विकलांग (Mentally Re****ed)
• शारीरिक विकलांग (Orthopaedically Handicapped / Locomotor Disability)
• कुछ विशेष गंभीर रोगों के मरीज

2. आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
1. दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) – CMO/Medical Board द्वारा जारी
2. आधार कार्ड या पहचान पत्र
3. पासपोर्ट साइज फोटो (ताजा)
4. रेलवे का निर्धारित फॉर्म (Station Master या DRM Office से प्राप्त करें)

3. आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
1. नजदीकी रेलवे स्टेशन के मुख्य स्टेशन मास्टर/वाणिज्य निरीक्षक (Commercial Inspector) से दिव्यांग रेल पास का फॉर्म प्राप्त करें।
2. फॉर्म को आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।
3. रेलवे डॉक्टर द्वारा शारीरिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा सकता है।
4. सत्यापन के बाद आपका दिव्यांग रेल पास जारी कर दिया जाएगा।

4. लाभ (Benefits of Divyang Railway Pass)
• रेल यात्रा में मुफ़्त या रियायती किराया (Concession)
• अधिकांश मामलों में एक सहायक यात्री (Es**rt) को भी रियायत मिलती है।
• पास बन जाने के बाद टिकट बुकिंग के समय इसे दिखाकर किराए में छूट प्राप्त कर सकते हैं।

सुझाव:
• पास बनवाने के लिए अपने जिले के मुख्य स्टेशन पर सीधे संपर्क करें।
• यदि कोई कठिनाई आती है तो डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) कार्यालय में आवेदन करें।

🙏 डॉ शिवाजी कुमार

https://www.facebook.com/share/1Cap8589SZ/?mibextid=wwXIfr

यदि आप दिव्यांगजन हैं और भारतीय रेल में दिव्यांग रेल पास (Divyang Railway Concession Pass) बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएँ:

1. पात्रता (Eligibility)
• यह सुविधा केवल दिव्यांग व्यक्तियों को उपलब्ध है, जिनके पास सरकारी मान्यता प्राप्त दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) हो।
• रेल पास उन्हीं दिव्यांगजनों को मिलता है, जिनकी श्रेणी भारतीय रेल द्वारा मान्य है, जैसे –
• दृष्टिबाधित (Blind)
• श्रवणबाधित (Deaf & Dumb)
• मानसिक विकलांग (Mentally Re****ed)
• शारीरिक विकलांग (Orthopaedically Handicapped / Locomotor Disability)
• कुछ विशेष गंभीर रोगों के मरीज

2. आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
1. दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) – CMO/Medical Board द्वारा जारी
2. आधार कार्ड या पहचान पत्र
3. पासपोर्ट साइज फोटो (ताजा)
4. रेलवे का निर्धारित फॉर्म (Station Master या DRM Office से प्राप्त करें)

3. आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
1. नजदीकी रेलवे स्टेशन के मुख्य स्टेशन मास्टर/वाणिज्य निरीक्षक (Commercial Inspector) से दिव्यांग रेल पास का फॉर्म प्राप्त करें।
2. फॉर्म को आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।
3. रेलवे डॉक्टर द्वारा शारीरिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा सकता है।
4. सत्यापन के बाद आपका दिव्यांग रेल पास जारी कर दिया जाएगा।

4. लाभ (Benefits of Divyang Railway Pass)
• रेल यात्रा में मुफ़्त या रियायती किराया (Concession)
• अधिकांश मामलों में एक सहायक यात्री (Es**rt) को भी रियायत मिलती है।
• पास बन जाने के बाद टिकट बुकिंग के समय इसे दिखाकर किराए में छूट प्राप्त कर सकते हैं।

सुझाव:
• पास बनवाने के लिए अपने जिले के मुख्य स्टेशन पर सीधे संपर्क करें।
• यदि कोई कठिनाई आती है तो डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) कार्यालय में आवेदन करें।

🙏 डॉ शिवाजी कुमार

महन्थ साह ग्रामीण विकास संस्थान समाचारकिसानों के लिए सहकारिता विभाग का नया कदम – IVRS (सुगम कॉल सेंटर) सेवा शुरूबिहार सर...
03/08/2025

महन्थ साह ग्रामीण विकास संस्थान समाचार

किसानों के लिए सहकारिता विभाग का नया कदम – IVRS (सुगम कॉल सेंटर) सेवा शुरू

बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने राज्य के किसानों की सुविधा और समस्याओं के समाधान हेतु IVRS आधारित सुगम कॉल सेंटर की शुरुआत की है। अब किसान भाई-बहन अपने घर बैठे ही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी शिकायतें दर्ज कराकर समय पर समाधान पा सकते हैं।

टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 1800 110

सुगम कॉल सेंटर के उद्देश्य
1. सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।
2. किसानों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना।

किसानों से अपील

किसान भाईयों और बहनों से अनुरोध है कि निम्नलिखित योजनाओं की जानकारी व शिकायत निवारण के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग करें –
• खाद्यान्न अधिप्राप्ति योजना
• बिहार राज्य फसल सहायता योजना
• पैक्स सदस्यता और सहकारी बैंक योजनाएं
• बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण योजना
• मुख्यमंत्री हरित कृषि संज्ञान योजना
• विभिन्न वितरण योजनाएं

शिकायत निवारण की समय सीमा
• किसानों की शिकायतें निर्धारित समय सीमा के भीतर हल की जाएंगी।
• टॉल फ्री नंबर कार्यरत समय: सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।

महन्थ साह ग्रामीण विकास संस्थान किसानों से अपील करता है कि इस कॉल सेंटर का अधिकतम उपयोग करें और अपनी समस्याओं का समय पर समाधान प्राप्त करें।

15/07/2025
प्रेषक: महंथ साह ग्रामीण विकास समितिविषय: बिहार सरकार की नई पहल – राशन वितरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब सिर्फ एक कॉल...
02/07/2025

प्रेषक: महंथ साह ग्रामीण विकास समिति
विषय: बिहार सरकार की नई पहल – राशन वितरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब सिर्फ एक कॉल पर

पटना, बिहार – अब बिहार के ग्रामीण और शहरी नागरिकों को राशन कार्ड या खाद्यान्न वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है। बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (SFC) ने आम नागरिकों के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 3456 194 जारी किया है।

महंथ साह ग्रामीण विकास समिति इस प्रयास का स्वागत करती है और आमजन को जागरूक करने का कार्य कर रही है कि –

यदि राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण, डीलर की अनियमितता या अन्य किसी प्रकार की समस्या है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है।
एक कॉल करें – 1800 3456 194 पर
✔️ विशेषज्ञों से सीधे बात करें
✔️ समस्या का त्वरित समाधान पाएं
✔️ बिना किसी कार्यालय जाए, घर बैठे सुविधा प्राप्त करें

यह सेवा राज्य भर में कार्यरत है और किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन से कॉल की जा सकती है। यह सुविधा खासकर उन ग्रामीण परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, जिन्हें राशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

महंथ साह ग्रामीण विकास समिति सभी पंचायत प्रतिनिधियों, आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से आग्रह करती है कि इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

संपर्क में रहें, जागरूक बनें और अपने अधिकारों को पहचानें।

— महंथ साह ग्रामीण विकास समिति, बिहार
“आपका अधिकार, हमारी जिम्मेदारी”

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगासमाचार दिनांक: 28 जून 2025गांव का सजक, सुंदर और मनमोहक दृश्य बना आकर्षण का केंद्रद...
28/06/2025

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा
समाचार दिनांक: 28 जून 2025

गांव का सजक, सुंदर और मनमोहक दृश्य बना आकर्षण का केंद्र
दरभंगा ज़िले के ग्रामीण अंचल में आज का दिन एक नए अनुभव से भरा रहा, जब गांव की गलियों, खेतों और चौपालों का दृश्य अत्यंत सुंदर, सजक और मन को मोह लेने वाला प्रतीत हुआ। हरियाली से ढके खेत, बच्चों की खिलखिलाहट, महिलाओं की सहभागिता और बुजुर्गों की शांति भरी उपस्थिति ने इस वातावरण को एक जीवंत तस्वीर में बदल दिया।

🌾 यह दृश्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सामाजिक सौहार्द्र का भी परिचायक है।

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान ग्रामीणों के जीवन को उन्नत बनाने हेतु लगातार कार्य कर रहा है। संस्थान की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि गांव की यह प्राकृतिक सुंदरता और सामाजिक समरसता लंबे समय तक बनी रहे।

“गांव की आत्मा को बचाना ही असली विकास है” — इसी संकल्प के साथ संस्थान समाज की जड़ों को सशक्त करने हेतु प्रतिबद्ध है।

प्रेषक: महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा
सम्पर्क: [email protected]

दिनांक: 27 जून 2025स्थान: दरभंगाप्महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा👇बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं ...
27/06/2025

दिनांक: 27 जून 2025
स्थान: दरभंगा
प्महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा
👇
बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा (संशोधन) योजना, 2024

कामगारों और शिल्पकारों के लिए एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा कवच

दरभंगा। बिहार सरकार द्वारा “बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा (संशोधन) योजना, 2024” का क्रियान्वयन राज्य के लाखों असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और शिल्पकारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इस योजना का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।

इस योजना को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच एवं बिहार श्रम संसाधन विभाग के नेतृत्व में लाया गया है। इसमें राज्य के प्रत्येक जिलों के निर्माण मजदूर, बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, बुनकर, कुम्हार, किसान मजदूर, घरेलू कामगार, फेरीवाले, ठेला चालक, रिक्शा चालक, वेल्डर, नाई, दर्जी, और अन्य शिल्पकारों को शामिल किया गया है।

मुख्य विशेषताएँ:
• ₹2 लाख तक का जीवन बीमा
• ₹1 लाख तक दुर्घटना बीमा
• निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज
• पेंशन योजना (60 वर्ष के बाद ₹1000 मासिक)
• बच्चों के लिए छात्रवृत्ति एवं शिक्षा सहायता
• महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ

इस योजना के तहत कामगारों का निबंधन अब सरल और ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पंचायत स्तर से किया जा रहा है।

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा द्वारा इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि हर जरूरतमंद तक इसकी जानकारी पहुंचे।

संस्थान के सचिव ने कहा –

“हमारा संकल्प है कि कोई भी मेहनतकश मजदूर या शिल्पकार इस सामाजिक सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। यह योजना श्रमिक सम्मान का प्रतीक है।”

हैशटैग्स:


सम्पर्क करें:
महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा
[समर्पित सेवा - समग्र विकास]

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगादिनांक: 27 जून 2025डिजिटली सक्षम होती पंचायतों के साथ, साइबर सुरक्षा भी बनी हर नाग...
27/06/2025

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा
दिनांक: 27 जून 2025

डिजिटली सक्षम होती पंचायतों के साथ, साइबर सुरक्षा भी बनी हर नागरिक की ज़िम्मेदारी

दरभंगा:
डिजिटलीकरण की दिशा में तेज़ी से बढ़ती भारत की ग्राम पंचायतें अब तकनीकी रूप से अधिक सशक्त हो रही हैं। महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा की ओर से यह संदेश दिया गया है कि डिजिटल प्रगति के साथ-साथ साइबर सुरक्षा भी प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है।

संस्थान ने ग्रामीण नागरिकों से अपील की है कि वे निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाकर साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें:
• OTP (वन-टाइम पासवर्ड) किसी के साथ साझा न करें।
• अपनी बैंक डिटेल्स गुप्त रखें।
• अज्ञात लिंक, संदिग्ध ईमेल या मैसेज पर क्लिक करने से बचें।
• यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी या साइबर अपराध का संदेह हो, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करें।

संस्थान के अध्यक्ष ने कहा, “डिजिटल सशक्तिकरण तभी सफल होगा जब हमारा समाज साइबर खतरों के प्रति जागरूक और सतर्क होगा। पंचायतों में तकनीक का विस्तार तभी प्रभावी हो सकता है जब प्रत्येक नागरिक सजग और सतर्क हो।”

सजग रहें, सुरक्षित रहें।
#साइबरसुरक्षा

प्रेषक:
महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान
दरभंगा, बिहार
(सामाजिक जागरूकता और डिजिटल ग्राम विकास हेतु प्रतिबद्ध)

समर्पण समाचारपटना | 24 जून 2025“खतियान” भूमि पर कानूनी अधिकार का प्रमाण है: भूमि विवादों और खरीद-बिक्री मामलों में अनिवा...
24/06/2025

समर्पण समाचार
पटना | 24 जून 2025

“खतियान” भूमि पर कानूनी अधिकार का प्रमाण है: भूमि विवादों और खरीद-बिक्री मामलों में अनिवार्य दस्तावेज

बिहार सरकार के सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा जारी सूचना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने स्पष्ट किया है कि खतियान (Record of Rights) दस्तावेज भूमि पर कानूनी अधिकार को सिद्ध करने का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है।

खतियान दस्तावेज न केवल मालिकाना हक को प्रमाणित करता है, बल्कि यह भूमि संबंधित सभी प्रकार के विवादों के समाधान, न्यायिक दावों, भूमि की खरीद-बिक्री, बँटवारे, किराएदारी और ऋण प्राप्ति जैसे कार्यों में एक प्राथमिक कानूनी आधार के रूप में कार्य करता है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने बिहार भूमि एवं राजस्व प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। खतियान, नक्शा, जमाबंदी और दाखिल-खारिज जैसे दस्तावेज अब ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं जिससे आम नागरिकों को पारदर्शिता और सुविधा मिल रही है।

राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि ज़मीनी अधिकारों की सुरक्षा और स्वामित्व की पारदर्शिता के लिए खतियान का अद्यतन और डिजिटलीकरण अत्यंत आवश्यक है।

सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को उसकी जमीन से जुड़ा स्पष्ट और वैध दस्तावेज उपलब्ध कराया जाए, जिससे भूमि विवादों को न्यूनतम किया जा सके और संपत्ति का सही हस्तांतरण सुनिश्चित हो।

हैशटैग्स:


समर्पण समाचार
पटना ब्यूरो

कोयर विकास योजना: ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में सशक्त कदमकच्चे माल के उपयोग को बढ़ावा, नवाचार व निवेश को प्रोत्साहन, और ...
23/06/2025

कोयर विकास योजना: ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में सशक्त कदम
कच्चे माल के उपयोग को बढ़ावा, नवाचार व निवेश को प्रोत्साहन, और ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा रोजगार

नई दिल्ली – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत संचालित कोयर विकास योजना (Coir Vikas Yojana) देशभर में कोयर उद्योग को न केवल एक नई दिशा दे रही है, बल्कि इससे हजारों कारीगरों, उद्यमियों और विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती भी मिल रही है।

इस योजना के माध्यम से:
• कच्चे माल के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे संसाधनों की बर्बादी घट रही है।
• उद्यमियों और श्रमिकों की आमदनी में वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
• नवाचार और बड़े स्तर पर निवेश को प्रेरणा मिल रही है, जिससे कोयर उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा रहा है।
• ग्रामीण महिलाओं को रोजगार व प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

कोयर विकास योजना को PM Vishwakarma Yojana, SC/ST Hub, KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग), NSIC, MGIRI, तथा NIMSME जैसे कई संस्थानों से तकनीकी और वित्तीय सहायता मिल रही है।

इस योजना का उद्देश्य सिर्फ उद्योग का विकास ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और समावेशी आर्थिक प्रगति को भी गति देना है।

डिजिटल बिहार की नई रफ्तार!अब मात्र 72 घंटों में राजस्व नक्शा आपके द्वार!बिहार सरकार ने भूमि सुधार और राजस्व सेवाओं को और...
23/06/2025

डिजिटल बिहार की नई रफ्तार!
अब मात्र 72 घंटों में राजस्व नक्शा आपके द्वार!

बिहार सरकार ने भूमि सुधार और राजस्व सेवाओं को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब राज्यवासियों को केवल 72 घंटों में राजस्व नक्शा उनके घर के पते पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके लिए नागरिकों को सिर्फ https://dlrs.bihar.gov.in पर जाकर
‘Doorstep Delivery of Revenue Maps’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। कुछ आसान स्टेप्स को पूरा करने के बाद, आप अपने भूमि नक्शे को घर बैठे मंगा सकते हैं।

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा की ओर से जनहित में सूचना:अब सरकारी दस्तावेज़ों के लिए टेंशन नहीं – DigiLocker आपक...
23/06/2025

महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा की ओर से जनहित में सूचना:

अब सरकारी दस्तावेज़ों के लिए टेंशन नहीं – DigiLocker आपके साथ!
अब सभी ज़रूरी सरकारी प्रमाण पत्र एक क्लिक में उपलब्ध — कभी भी, कहीं भी।

जैसे:
• जन्म प्रमाण पत्र
• विवाह प्रमाण पत्र
• जाति प्रमाण पत्र
• निवास प्रमाण पत्र
• शैक्षणिक प्रमाण पत्र
• ड्राइविंग लाइसेंस
• वाहन पंजीकरण
• पेंशन वेरिफिकेशन
• बैंकिंग KYC दस्तावेज़

फायदे:
• दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखने की सुविधा
• कहीं भी कभी भी एक्सेस
• सरकारी मान्यता प्राप्त
• बैंकिंग, स्कॉलरशिप, सरकारी नौकरी आवेदन में तुरंत उपयोग

क्या करें?
आज ही डाउनलोड करें – www.digilocker.gov.in


जन-जन तक डिजिटल सेवा पहुंचाने की पहल – महंथ साह ग्रामीण विकास संस्थान, दरभंगा

Address

Patna
847102

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Mahanth Sah Memorial Gramin Vikas Sansthhan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share