सादर सूचनार्थ
सांगोपांग विकास के संकल्प के साथ इस संस्था का गठन किया गया. लगातार संकल्पित संगठन कर्ताओं केसामाजिक संगठन है. राजनीती में इसका सीधा प्रवेश नहीं होगा परन्तु लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में, प्रजातंत्र में पूरी निष्ठापूर्वक जागरूकता लाएगी एवं ब्राह्मण हित में राजनितिक दशा दिशा तय करेगी. गरीब मेधावी छात्र छात्राओं के पठन-पाठन की व्यवस्था होगी. परशुराम अंत्येष्टि योजना के माध्यम से वर्ष 200
8 से ही निर्धनतम ब्राह्मणों को यथा साध्य मदद उपलब्ध करायी गयी है और ये मदद आगे भी करायी जाएगी. महासभा लघु एवं मध्यम कुटीर उद्योगों के स्थापना एवं उनके प्रसार हेतु व्यवस्था एवं समुचित मदद उपलब्ध कराएगी. महासभा गरीब एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों की मातृभूमि से पलायन रोकने एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत “NO LOSS NO PROFIT” पर कार्य करेगी. महासभा आप सभी सुधि ब्राह्मणों से अन्यान्य कार्यक्रमों की रुपरेखा हेतु आपका सुझाव-सलाह, मार्गदर्शन की अपेक्षा रखती है. “सर्वे भवन्तु सुखिनः” महासभा कला मूलमंत्र है, ब्राह्मण सिर्फ एक जाति ही नहीं सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रवाद की विचारधारा है, इसे राजनीतिज्ञों ने अपने निहित स्वार्थ के कारण कुप्रचारित किया है. इसी कारण एक समग्र व सशक्त संगठन की अनिवार्य आवश्यकता आप सबों के ह्रदय में है. समय की मांग है हम सभी एकजुट होपकर अपने कल्याण की बात सोचें. हमलोगों का स्पष्ट मानना है की जो जाति का नहीं हो सकता वह जमात का और समाज का भला कैसे कर सकता है. हम समाजवादी हैं इस मिथक को तोडना होगा साथ ही यह समझना एवं समझाना होगा, पहले स्वयं फिर परिवार फिर जाति कुटुंब वर्ग फिर समाज एवं राष्ट्र कल्याण की यही कड़ी सर्वथा वास्तविक एवं प्रमाणिक है. अतः सबों से भावभीनी अपील है कि सकारात्मक सोच विकसित करें एवं महासभा की मजबूती से जाति समाज प्रदेश एवं राष्ट्र की मजबूती सिद्ध करें..................जय ब्राह्मण-जय परशुराम ..............
धन्यवाद करतव्यनिष्ठ भाव ने इसे प्रादेशिक स्तर पर स्थापित कर दिया है. फलस्वरूप 15 सितम्बर 2013 को पटना में सभी जिला के ब्राह्मण-समाज ने एकत्रित होकर प्रदेश स्तर पर चुनाव कर ई. आशुतोष कुमार झा, ग्राम+पोस्ट- मेंहथ, झंझारपुर, जिला- मधुबनी को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया. इसी दिन मंच के माध्यम से ही विभिन्न जिलों में चलने वाले ब्राह्मण हितैषी संगठनों को एक साथ-एकजुट होकर पुरे प्रदेश में एक मंच, एक बैनर, पंचायत से प्रदेश तक एवं सामाजिक हित में अपने व्यक्तिगत सोच को सकारात्मक बनाने के अभियान का आगाज भी हुआ. ये संकल्पित हुआ कि हमारी लड़ाई किसी जाति धर्म वर्ग संप्रदाय से नहीं है लड़ाई कुव्यवस्था से है व्यवस्था से नहीं. निरधारित किया गया कि सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, नैतिक, संवर्धन एवं आध्यात्म-उन्मुख क्रियाकलाप सभी स्तरों पर महासभा कार्य करेगी. महासभा विशुद्ध समाजिक संगठन है।।