14/12/2025
संजय झा कितने होशियार हैं !
"अनकर धन पर विक्रम राजा"
झा जी बहुत तेज है। पहले राजीव प्रताप रूडी के पिए थे. मौका देखकर तुरंत अरुण जेटली के यहां चले गए और जब देखे की बिहार में नीतीश कुमार का बहार आ रहा है तो तुरंत ही यह नीतीश कुमार के प्रदेश बिहार में भाजपा के पास आ गए और फिर छलांग मार के भाजपा से सीधे जदयू में चले गए. अब जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं. ब्राह्मण का पांच वोट जनता दल यूनाइटेड को ना दिलाते हैं किंतु अब राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनना चाहते हैं. इसके लिए ढाल बनाया है इन्होंने निशांत कुमार का. इन्होंने देखा की जनता दल यूनाइटेड का वर्कर इनको गरियाने लगा की यही भाजपा से बराबर सीट पर लड़ने को माना.
यह रूपया खर्च कर अपने आप को चाणक्य घोषित कर रहे थे तो जनता ने इनको जयचंद घोषित कर दिया. तब इनके दिमाग में क्लियर हो गया की इस जन्म में तो ये जनता दल यूनाइटेड के नेता नहीं बन सकते हैं, तब जाकर इन्होंने निशांत कुमार का सहारा लिया. जिसको पार्टी में आने के सवाल पर चुनाव के पहले आनाकानी करते थे. अब कह रहे हैं कि उनको आना चाहिए. इसका मतलब कि जनता दल यूनाइटेड का जो भी नेता हो उनके इशारे पर ही काम करने वाला होना चाहिए.
बेचारे नीतीश कुमार बुढ़ा गए हैं तो झा जी जैसे लाईजनरों का मालिकाना चल रहा है. अब कोई भी दलित पिछड़ा यदि तेज होगा और नीतीश की पार्टी का नेता बन जाएगा तो झाजी का बात कैसे मानेगा. इनका मालिकाना कैसे चलेगा. ऐसे में इन्होंने रास्ता निकाला है की आगे भी अप्रत्यक्ष रूप से इनका शासन चलता रहे. मिथिला हाट की जांच नहीं हो. एम्स के आसपास में जमीन जो है वह सब का जांच नहीं हो. दिल्ली में किसका फार्म हाउस है हजारों करोड़ों का उसकी जांच नहीं हो. पार्टी के अंदर पिछड़ा और दलित को लड़ा लड़ा के झा जी राजा बन रहे इसकी पूरी तैयारी किए हुए हैं हमारे मगध में इसको ही कहते हैं "अनकर धन पर विक्रम राजा".