11/10/2025
भारतीय रणवीर पार्टी की स्थापना क्यों !!
बहुत से लोगों और शुभचिंतकों के दिमाग़ में यह आता होगा कि भारतीय रणवीर पार्टी की स्थापना क्यों हुई किसी से पूछा गया या फिर अपने हितों को साधने की यह मशीनरी होगी अन्य भी कई तरह तरह के सवाल आते होंगे आपके दिमाग में है ना ।। इस पोस्ट के माध्यम से बहुत कुछ बताऊंगा ।
पहला सवाल यह कि यह क्यों बनी या मेरे द्वारा ही क्यों बनायी गई ??
इसका जवाब यह है कि नक्सल आंदोलन के साथ ही रणवीर सेना जिस तरीके से तलवार म्यान से निकलती है अपने कार्यों को सम्पन्न करने के उपरांत पुनः मयान में चली गई लेकिन उसके बाद जब समाज धीरे धीरे धरातल पर मजबूत हो गया लेकिन समस्याएं खत्म नहीं हुई । नक्सलियों ने जैसे राजनीतिक चोला ओढ़ कर कई राजनीतिक संगठनों के माध्यम से आज भी कार्यरत हैं तो उनको मुंहतोड़ जवाब देने के लिये एक राजनैतिक संगठन की जरूरत थी जिसका निर्माण समाज को करना था लेकिन मुखिया जी के मृत्यु के पश्चात आज आज पंद्रह वर्ष बीत गये समाज एक अदद संगठन तक खड़ा नहीं कर पाया । भविष्य में अम्बेडकरवादियों, नक्सलियों, एवं उनके आतंक से कैसे लैड पाएगा जो आज भी नीला और लाल गमछा लेकर आपको चुनौती दे रहे हैं ।आज भले ही समाज ने अपनी गर्दन शुतुरमुर्ग की तरह ज़मीन में गाड़ लिया है लेकिन वास्तविक समस्याओं से आप भाग नहीं सकते उसके लिये आपको एक मजबूत राजनीतिक संगठन चाहिए ही ।
दूसरी बात आपने अभी तक क्या किया भैया हम रणवीर सेना के उद्भव के साथ ही प्रत्यक्ष रूप से इसके लाभ और हानि के साथ जुड़े रहे हैं और हमारे जैसे अनगिनत परिवार इस होम में स्वाहा हुए हैं इन कुर्बानियों और बलिदानों को उन जड़ों के तलवे चाटने से बचाने के लिये है । आज के परिवेश में जब भी अपने लोगों को उन्ही लोगों के पैरों में गिरा देखता हूँ तो कष्ट होता है जिनके कारण हमे और हजारों परिवारों को अपने प्रियजनों को खोना पड़ा और दर बदर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा ।
आज पूरे भारत में कोई भी ऐसी पार्टी नहीं है जो आपके साथ हो रहे अन्याय के लिये आपके साथ खड़ी हो जाये । ये सभी दल वोट बैंक की राजनीति के लिये सिर्फ़ और सिर्फ़ उनके साथ खड़ी होगी जो तथाकथित पिछड़े और ग़ुरबत के लोग हैं आप स्वर्ण हैं तो सबके लिये अछूत हैं आपकी हत्या कर दी जाएगी आपकी अस्मत को रौंद दिया जाएगा लेकिन दलित वोटबैंक की भूखी पार्टीयाँ आपके साथ खड़ी नहीं होंगी । कोई एक पार्टी तो होनी चाहिये जो वोट बैंक से ऊपर उठकर आपके लिये लड़े ।।
आज जिस तरह से आरक्षण और प्रमोशन में सरकारी दफ्तरों में भेदभाव हो रहा है उनके कई रहनुमा हैं लेकिन आपकी संख्या बल की दुहाई देकर लोग आपको प्रताड़ित करते हैं और आप कुछ कर नहीं पाते । इसके लिये कौन पार्टी आपके लिये लैड रही है । आपके साथ हो रहे अन्याय के लिये भारत में मैं पूछता हूँ कोई भी एक पार्टी का नाम बता दो जो खड़ी है । यह एक दो तीन या चार कारण नहीं है जो आपको गिनाऊ ऐसे अंत हीन सिलसिला है जिसे हमारा आम आदमी रोज जूझ रहा है। संख्या बल की दुहाई देकर रोज़ समस्याएँ खड़ी की जा रही है कौन आगे लड़ने आ रहा है ।
आज आप इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं लेकिन आपको जब समझ आएगा तो लगेगा एक आपका एक बेटा आपका भाई आपका दोस्त भविष्य के किन परिस्थितियों से बचने के लिये अपने लिये खड़ा होने को कह रहा था ।
मेरे लिये बहुत आसान रास्ता था किसी एक पार्टी की सदस्यता लेता कुछ दिन में पार्टी के माध्यम से विधायक या संसद का रास्ता तय कर लेता लेकिन नहीं मैंने संघर्ष की राह चुनी सिर्फ इसलिये क्योंकि मुझे सिर्फ अपना नहीं देखना था । मुझे उन करोड़ो परिवारों के लिये रास्ता बनाना है जिससे हम रहे या ना रहे उनकी तरफ़ आँख उठाकर देखनेवाला कोई पैदा ना ले । बाबा ब्रह्मेश्वर मुखिया जी के शव यात्रा ने एक सिख दी अपने लिये तो सब जीते हैं दूसरो के लिये जीना सीखो ।आज मेरे बहुतेरे मित्र हैं जो कहीं भी अच्छे पैसे कमाने में मेरी मदद कर सकते हैं लेकिन मैंने सपना देखा अपनी माटी और अपने लोगों की भलाई का । इसमें कहाँ तक सफल हो पाऊँगा मुझे नहीं पता लेकिन प्रयास भी नहीं किया इसका पछतावा जीवन भर रहता । आप साथ देंगे या नहीं देंगे मुझे इसकी भी परवाह नहीं लेकिन अपने सामर्थ्य के हिसाब से जीवन पर्यन्त आपके लिये खड़ा रहूँगा ये मेरा वादा है । आप विश्वास करें या ना करें लेकिन कर्म करने से भी आप मुझे नहीं रोक पाएँगे ये मेरी ज़िद है ।
ीर
ाबा_ब्रह्मेश्वर