12/05/2026
बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा मानवबल कर्मियों को अत्यंत कम वेतन देकर श्रमिक शोषण, मानवाधिकार उल्लंघन एवं विभागीय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिए जाने के संबंध में। बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL), पटना द्वारा निर्गत पत्रांक 1-58-Misc-10016/13, पत्र संख्या 196, दिनांक 19.05.2014 में मानवबल कर्मियों की व्यवस्था एवं उनके भुगतान का उल्लेख किया गया है। उक्त पत्र के अनुसार प्रशिक्षित/कुशल मानवबल हेतु मात्र ₹6000/- प्रतिमाह भुगतान निर्धारित बताया गया है।इतना कम वेतन देकर मानवबल कर्मियों एवं उनके परिवारों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जबकि इन कर्मचारियों से अत्यंत जोखिमपूर्ण एवं जिम्मेदारी वाला कार्य लिया जाता है। इतनी कम राशि में किसी भी कर्मचारी का सम्मानपूर्वक जीवनयापन संभव नहीं है।यह स्थिति न केवल श्रमिक शोषण एवं मानवाधिकार उल्लंघन को दर्शाती है, बल्कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, वेतन संहिता 2019, संविदा श्रमिक अधिनियम एवं अन्य श्रम कानूनों के संभावित उल्लंघन की ओर भी संकेत करती है।सबसे गंभीर विषय यह है कि जब कर्मचारियों को जानबूझकर इतना कम वेतन दिया जाता है कि उनका सामान्य
जीवन चलाना भी कठिन हो जाए, तब ऐसी व्यवस्था विभागीय भ्रष्टाचार को जन्म देती है। आर्थिक मजबूरी में कर्मचारियों पर गलत तरीकों की ओर जाने का दबाव बढ़ता है, जिसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ता है। जनता को नया कनेक्शन, लाइन, मीटर, जांच, रेड या तथाकथित “सेटलमेंट” के नाम पर परेशान किए जाने एवं अवैध वसूली जैसी शिकायतों की संभावना बढ़ जाती है। बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) इस व्यवस्था में प्रधान नियोजक (Principal Employer) की भूमिका में कार्य कर रहा है। मानवबल कर्मियों की वेतन संरचना, भुगतान व्यवस्था एवं कार्य प्रणाली का निर्धारण मुख्य रूप से इसी विभाग/कंपनी के स्तर से किया जाता है। इसलिए यदि मानवबल कर्मियों को अत्यंत कम एवं अमानवीय वेतन पर कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी सीधी जवाबदेही दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड एवं उससे संबंधित प्रबंधन पर बनती है।यदि वर्षों से मानवबल कर्मियों का आर्थिक एवं श्रमिक शोषण किया जा रहा है, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि विभागीय व्यवस्था की गंभीर विफलता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली स्थिति प्रतीत होती है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि:उक्त पत्र एवं मानवबल वेतन व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को प्रधान नियोजक मानते हुए उससे जवाब-तलब किया जाए।मानवबल कर्मियों को दिए जा रहे वास्तविक वेतन एवं सुविधाओं की जांच की जाए।PF, ESI एवं अन्य वैधानिक लाभों की स्थिति स्पष्ट की जाए।श्रमिक शोषण एवं विभागीय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं की जांच की जाए।
दोषी अधिकारियों, एजेंसियों एवं संबंधित प्रबंधन पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।मानवबल कर्मियों को सम्मानजनक एवं कानूनसम्मत वेतन सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगों की मुस्कान है हमारी पहचान तोशियास सचिव सौरभ कुमार।