30/07/2026
हमें कमज़ोर न समझो
हमें कमज़ोर न समझो,हमने संघर्षों में राह बनाई है,बिना किसी सहारे के भीअपनी पहचान जग में कमाई है।
आरक्षण से आगे बढ़े हैं हम,मेहनत को अपना मान बनाया है,जब ठान लिया अपने मन से,हर मुश्किल को भी झुकाया है।
आज भी उन ऊँचे पदों परहमने जिम्मेदारियाँ सँभाल रखी हैं,जहाँ पहुँचने का कई लोग सपना देखते हैं,वहाँ हमने अपनी छाप लिखी है।
देश ही नहीं, विदेशों तकहमारी मेहनत का सम्मान है,हमें आँकने वाले याद रखें,हम किसी से कम नहीं — यही हमारी पहचान है।
संस्कारों से बँधे हैं हम,वरना इतिहास के हर पन्ने पर,त्याग, पराक्रम और कर्म की गाथा मेंहमारा ही उज्ज्वल नाम है।
Writer
Kavipriti singh