20/06/2026
कुछ इतिहास की किताबों में या कुछ स्कूलों में ये तो पढ़ाया जाता है कि आर्य भारत में बाहर से आए थे लेकिन ये बात ब्राह्मणों ने छुपा कर रखी थी कि आर्य कौन थे और आज उनके वंशज कौन लोग हैं...? रामायण और महाभारत में भी आर्य शब्द का जिक्र होता है और टीवी सिरिलियो में भी राजा खुद को आर्य पुत्र कहते हैं लेकिन यहां भी ये बात छुपा कर रखी गई कि आखिर #आर्य_कौन_हैं
लेकिन जब से हम ने बामसेफ को सुना तो ये बात समझ में आई कि #ब्राह्मण_आर्य_हैं और #ब्राह्मण_भारत_के_मूलनिवास_नहीं_हैं और 2001 में बामशाद की अध्यक्षता में हुई जांच से ये सच्चाई और भी खुल कर सामने में आ गई कि ब्राह्मणों का डी एन ए यूरेशिया के लोगों से मिलता है ना कि भारत में रहने एस सी एस टी ओबीसी समाज और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज से.... डी एन ए जांच से ये भी बात साबित हो गई कि ब्राह्मणों के घरों में रहने वाली महिलाओं का डी एन ए ब्राह्मणों से मेल नहीं खाता बल्कि उनका डी एन ए भी भारत के मूलनिवासी बहुजन समाज से मेल खाता है अर्थात ये बात पूरी तरह साबित हो गई है कि ब्राह्मणों की महिलाएं मूल रूप से भारतीय है और ये भी बात सामने आई कि जब ब्राह्मणों ने भारत में प्रवेश किया था तो वो अपने साथ अपनी महिलाओं को नहीं लेकर आए थे अर्थात उन्होंने भारतीय मूल की महिलाओं को जबरन अपने घरों में रखा और उनका जिस्मानी शोषण किया और बच्चे पैदा किए...यहां एक बात और भी समझने वाली है महिलाओं का डी एन ए आगे अपनी बेटियों में ही ट्रांसफर होता है और पुरुषों का डी एन ए भी सिर्फ पुरुषों में ही ट्रांसफर होता है...!
यही बड़ा कारण है कि जब ब्राह्मणों ने अपने धर्म ग्रंथ लिखे तो उन्होंने समस्त महिलाओं को ( भले ही वो ब्राह्मणों के घरों में रहती हों) शूद्रों की श्रेणी में ही रखा था और उनके साथ भी वैसा ही बर्ताव करने वाले नियम बनाए जो भारत के मूलनिवासी एस सी एस टी ओबीसी समाज के किया जाना चाहिए । लेकिन ब्राह्मण महिलाएं ब्राह्मण पुरूषों के मुकाबले एस सी एस टी ओबीसी समाज के साथ ज्यादा नफरत करती है लेकिन वो ये बात भूल जाती हैं कि वो भी सैद्धांतिक रूप में भारत की मूलनिवासी हैं ।
और यही कारण है कि बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय वामन मेश्राम जी खुले मंचों से ब्राह्मणों को विदेशी कहते हैं और आज तक किसी भी ब्राह्मण की इतनी औकात नहीं हुई कि वो मेश्राम साहब के खिलाफ किसी भी अदालत में केस भी कर सकें क्योंकि वो जानते हैं कि हम मूल रूप में विदेशी हैं और ये बात उनके बहुत सारे इतिहासकारों द्वारा लिखी भी गई है ।
कुछ इतिहास की किताबों में या कुछ स्कूलों में ये तो पढ़ाया जाता है कि आर्य भारत में बाहर से आए थे लेकिन ये बात ब्राह्मणों ने छुपा कर रखी थी कि आर्य कौन थे और आज उनके वंशज कौन लोग हैं...? रामायण और महाभारत में भी आर्य शब्द का जिक्र होता है और टीवी सिरिलियो में भी राजा खुद को आर्य पुत्र कहते हैं लेकिन यहां भी ये बात छुपा कर रखी गई कि आखिर #आर्य_कौन_हैं