14/04/2026
प्रेस विज्ञप्ति
(बिहार राजस्व सेवा महासंघ “बिरसा” एवं “बिरसा यूनाइटेड” का संयुक्त संघर्ष मोर्चा)
पटना, पटना | डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर आज गाय घाट, पटना में आयोजित “महा जुटान–3” के माध्यम से बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों ने अपनी एकजुटता और दृढ़ संकल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बिहार राजस्व सेवा महासंघ “बिरसा” एवं “बिरसा यूनाइटेड” के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर से आए 600 से अधिक अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी तथा अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया और यह स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अब केवल मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय, सम्मान और अधिकारों की निर्णायक लड़ाई बन चुका है।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ से हुई, जिसके माध्यम से उपस्थित अधिकारियों ने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। इसके साथ ही मंच से यह भी कहा गया कि आज भी राजस्व सेवा के अधिकारियों को प्रशासनिक भेदभाव, गैर-बराबरी और संस्थागत अन्याय का सामना करना पड़ रहा है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया कि राजस्व सेवा के कैडर से जुड़े महत्वपूर्ण पदों को सुनियोजित तरीके से उनसे दूर किया जा रहा है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर संविधान की भावना को आहत किया जा रहा है।
बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने सामूहिक रूप से शपथ लेते हुए स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूर्णतः सेवा-संबंधी और न्यायसंगत है तथा यह केवल भूमि सुधार उप समाहर्ता पद पर राजस्व सेवा के अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार-निरोधी प्रयासों के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे स्वयं बिहार को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों ने अंचल स्तर से लेकर विभागीय स्तर तक पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करने का संकल्प भी दोहराया।
मंच से यह महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाया गया कि जब भूमि सुधार उप समाहर्ता का पद राजस्व सेवा का अभिन्न अंग है, तो इसे अन्य सेवा में समाहित करने का औचित्य क्या है। इस अवसर पर बिहार आपूर्ति संघ और ग्रामीण विकास सेवा संघ के पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए राजस्व सेवा के इस आंदोलन को समर्थन दिया, जिससे यह संघर्ष अब व्यापक स्तर पर विभिन्न सेवाओं के बीच एकजुटता का रूप लेता हुआ दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिरसा के अध्यक्ष आनंद कुमार और बिरसा यूनाइटेड के अध्यक्ष आदित्य शिवम शंकर सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी न्यायसंगत मांगों की अनदेखी जारी रही, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक तथा निर्णायक रूप लेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के साथ संवाद के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं, परंतु अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर की गई निलंबन की कार्रवाई को संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अत्यंत गंभीर और दमनात्मक कदम करार दिया है। अब तक निलंबित अधिकारियों में श्री रंजित कुमार उपाध्याय (अंचलाधिकारी, मखदुमपुर, जहानाबाद), श्री पुष्कल कुमार (अंचलाधिकारी, पहाड़पुर, पूर्वी चंपारण), सुश्री रश्मि प्रिया (अंचलाधिकारी, राघोपुर, सुपौल), श्री मधुसुदन चौरसिया (अंचलाधिकारी, नोखा, रोहतास), श्री निकिता अग्रवाल (अंचलाधिकारी, श्रीनगर, पूर्णिया), श्री अर्चना कुमारी (अंचलाधिकारी, टेटिया बंबर, मुंगेर), श्री मोहित सिन्हा (अंचलाधिकारी, परवलपुर, नालंदा), श्री नजमुल हसन (अंचलाधिकारी, जोकीहाट, अररिया), श्री सुमन सौरभ (अंचलाधिकारी, हिसुआ, नवादा), श्री विवेक कुमार सिंह (अंचलाधिकारी, गौनाहा, पश्चिम चंपारण), श्री लखेंद्र कुमार (अंचलाधिकारी, पिरो, भोजपुर), श्री पुनीत कौशल (अंचलाधिकारी, खगड़िया सदर), श्री नरेन्द्र कुमार सिंह (अंचलाधिकारी, बाढ़, पटना), श्री अमित कुमार (अंचलाधिकारी, बेलदौर, खगड़िया), श्री विश्वास आनंद (अंचलाधिकारी, घाटकुसुम्बा, शेखपुरा), श्री शैलेन्द्र कुमार यादव (अंचलाधिकारी, दाउदनगर, औरंगाबाद), श्री गजानंद मेहता (अंचलाधिकारी, बेलागंज, गया), श्री प्रेम आनंद प्रसाद (अंचलाधिकारी, सोनभद्र बंसी सूर्यपुर, अरवल), श्री कुमार रोहित (अंचलाधिकारी, तरियानी, शिवहर), श्री संजीव कुमार (अंचलाधिकारी, पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया), श्री विश्वजीत सिंह (अंचलाधिकारी, बोचहाँ, मुजफ्फरपुर), श्री मनीष कुमार (अंचलाधिकारी, बरारी, कटिहार), श्री उदयकांत मिश्र (अंचलाधिकारी, चौसा, मधेपुरा), श्री मोहित राज (अंचलाधिकारी, पोठिया, किशनगंज), श्री पंकज कुमार (अंचलाधिकारी, सिसवन, सिवान), श्री सतीश कुमार सिंह (अंचलाधिकारी, इसुआपुर, सारण), श्री प्रशांत कुमार झा (अंचलाधिकारी, झंझारपुर, मधुबनी), श्री रविकांत (अंचलाधिकारी, मनीगाछी, दरभंगा), श्री रविकांत (अंचलाधिकारी, लक्ष्मीपुर, जमुई), श्री राकेश आनंद (अंचलाधिकारी, बड़हिया, लखीसराय), श्री सतीश कुमार गुप्ता (अंचलाधिकारी, चाँद, कैमूर), श्री रंधीर रमण (अंचलाधिकारी, विभूतिपुर, समस्तीपुर) तथा श्री नंदन कुमार (अंचलाधिकारी, चेरिया बरियारपुर, बेगूसराय) प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भी कई अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास है, किंतु इससे अधिकारियों का मनोबल कमजोर नहीं होगा। अंत में मोर्चा ने सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया कि वह संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है, परंतु यदि न्यायसंगत मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा। अधिकारियों ने पुनः अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वे बिहार में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
— बिहार राजस्व सेवा महासंघ “बिरसा” एवं “बिरसा यूनाइटेड” का संयुक्त संघर्ष मोर्चा
Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar VIJAY KUMAR SINHA Samrat Choudhary Hindustan Dainik Jagran Dainik Bhaskar Prabhat Khabar