09/01/2022
पिछले दिनों पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें 2 Oct. 2021 से 31 Jan 2022 के बीच सभी पंचायतों को अपने अपने पंचायतों में ग्राम सभा बुलाकर वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए "GPDP (ग्राम पंचायत विकास योजना)" तैयार कर मांगा गया है । ग्राम पंचायत गठित होने के बाद पिछले कुछ दिनों से बिहार में सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का तत्काल बैठक बुलाकर ग्रामपंचायत सचिव के द्वारा सभी पंचायत वासियों को सामान्य जानकारी के साथ ही सभी नव निर्वाचित सदस्यों को GPDP तैयार करने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है और साथ ही सभी ward members को अपने अपने वार्ड में वार्ड सभा लगाकर योजना तैयार कर आगामी ग्राम सभा (जो संभवत: 15-20 दिनों बाद फिर प्रस्तावित है) के सामने रखने की बात की गई है । साथ ही, सभी ward members को अपने अपने ward में "वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंध समिति" को गठित करने का भी निर्देश पंचायत सचिवों के द्वारा दिया जा रहा है जो अतिअनिवार्य है ।
कई जगहों पर ward members की अध्यक्षता में वार्ड सभा लगाने की शुरूआत भी हो चुकी है व अपने वार्ड के लोगों से विकास की योजनाएं ली जा रही है । वार्ड स्तर पर समिति के गठन की भी शुरूआत हो चुकी है । जहाँ अभी तक वार्ड सभा का आयोजन नहीं हुआ है वहाँ जल्द ही सभा आयोजित करवाना वार्ड सदस्य की जिम्मेदारी है । फिर एक अगली ग्राम सभा की बैठक जो 15-20 दिनों बाद होनी है जिसमें सभी ward से लिए गये योजनाओं पर विचार विमर्श किया जाएगा । और पंचायत स्तर पर GPDP योजना तैयार होगी व पंचायत के वार्षिक बजट को केन्द्र व राज्य सरकार को भेजा जाएगा । यह सरकार के द्वारा किया जा रहा काफी बेहतर प्रावधान है ।
लेकिन, पिछले दिनों हुई ग्राम सभा के बैठकों में देखा जा रहा है कि लोगों की उपस्थिति काफी कम है । जब तक गांव व गांव के लोगों व विकास के लिए बन रही योजना में ही लोगों की सहभागिता नहीं रहेगी तो आखिर कैसे होगा गांव व गांव के लोगों का विकास । हम ग्राम वासियों के पास शिकायतों का भंडार है - हम नाराज होते है अपने जनप्रतिनिधियों से, ward सदस्य से, मुखिया से, विधायक से, सांसद से , राज्य व केन्द्र सरकार से । लेकिन जब राज्य पंचायतीराज अधिनियम के द्वारा व केन्द्र सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय के द्वारा इस तरह का बेहतर प्रावधान है कि आप खूद अपने गांव के विकास के लिए योजनाएं व बजट बनाकर दीजिए और सरकार उस अनुसार पंचायतों को सहयोग करेगी । तब फिर ग्रामवासी पीछे क्यों ?? लोगों को आगे आना होगा । ग्राम सभा व वार्ड सभा में सक्रियता से भाग लेना होगा ।
खैर पहली ग्राम सभा तो हो गयी लेकिन उम्मीद है सभी पंचायतवासी 15-20 दिनों बाद होने वाली अगली ग्राम सभा में जरूर सक्रियता से भाग लेंगे व गांवों के विकास के लिए बन रही योजनाओं में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे । लेकिन इन दोनों ग्राम सभा के बीच एक वार्ड सभा लगाकर वार्ड स्तर पर योजना निर्माण का भी प्रावधान है । तो सभी ग्रामवासी अपने अपने वार्ड सदस्यों से वार्ड सभा कराना सुनिश्चित करे व सभी वार्डवासी उस सभा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे ।
संवादकर्ता :
आप और हम
अमन कुमार वर्मा
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