12/05/2026
बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अब लोन के लिए एजेंटों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सरकार की ओर से इन्हें 'ऑन-डिमांड' वेतन/पेंशन अग्रिम योजना लागू की है। अब कर्मी अपनी आकस्मिक जरूरतों के लिए वेतन का 30 गुना तक लोन ले सकेंगे, जिसे चुकाने के लिए 5 साल (60 महीने) का समय मिलेगा। ये पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल होगी और 'शून्य लागत' मॉडल पर आधारित है, जिससे सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। अल्पकालिक अग्रिम को समय पर लौटाने पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। बिहार सरकार इस व्यवस्था में गारंटर की भूमिका निभाएगी, जिससे कर्मियों को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के तुरंत लोन मिल सकेगा।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी ये है कि राज्य सरकार पर इसका कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह पूरी तरह से 'शून्य लागत एवं शून्य दायित्व' (Zero cost & Zero liability) मॉडल पर काम करेगा। क्रेडिट जोखिम, जैसे कि बकाया राशि की वसूली न हो पाना, पूरी तरह से संबंधित बैंकों की ओर से वहन किया जाएगा। बिहार सरकार इस पूरी प्रक्रिया में केवल एक 'गारंटर' की भूमिका निभाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई आंच नहीं आएगी।