22/04/2026
बिहार की राजनीति एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी के चलते सुर्खियों में है। जेडीयू विधायक Anant Singh ने पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
दरअसल, विवाद की शुरुआत पप्पू यादव के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि राजनीति में आने वाली “90 प्रतिशत महिलाओं को किसी नेता के कमरे में जाना पड़ता है।” इस टिप्पणी ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा की। महिला संगठनों और कई सामाजिक समूहों ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामला बढ़ने पर संबंधित आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने पप्पू यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले व्यक्ति को खुद पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इस तरह के बयान देने वाला व्यक्ति संतुलन खो चुका है। उनके इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच सियासी टकराव और गहरा गया है।
पप्पू यादव ने अपने बयान में महिला आरक्षण और महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बातें अक्सर केवल राजनीतिक मंचों और सदनों तक सीमित रह जाती हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। हालांकि, उनके बयान के अंदाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
इस बीच, अनंत सिंह ने जेडीयू के अंदरूनी मामलों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने Shravan Kumar को विधायक दल का नेता बनाए जाने को सही फैसला बताया और कहा कि वे लंबे समय से पार्टी के प्रति समर्पित रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बिहार की स्थिति में सुधार हुआ है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav के शासनकाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस दौर में अपहरण और अपराध आम बात थे, जबकि अब कानून-व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।
कुल मिलाकर, पप्पू यादव के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब बड़े सियासी टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और बयानबाज़ी होने की संभावना है, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल बनी रह सकती है।