10/10/2022
*शरद पूर्णिमा*
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शिवाजी प्रभात शाखा, परसाबाद के स्वयंसेवकों के द्वारा देवी मड़ई (रेलवे फाटक परसाबाद के बगल) में मनाया गया। सह खंड कार्यवाह संतोष कुमार ने शाखा लगाकर इसकी शुरुआत करी। खंड कार्यवाह सुनील यादव जी ने सामूहिक गीत के बाद मुख्य अतिथि का परिचय करवाया। पीयूष और आयुष गुप्ता जी ने सुभाषित और अमृत वचन का वाचन किया। तत्पश्चात, मुख्य अतिथि श्री बिंदेश्वरी बिहारी जी का बौद्धिक हुआ। उन्होंने शरद पूर्णिमा के विषय में बताया कि ऐसी मान्यता ही नहीं बल्कि सच्चाई है कि आश्विन पूर्णिमा की रात्रि की चाँदनी रात में खुले आसमान के नीचे खीर रखने से चंद्रमा के औषधीय गुण इसमें आ जाते हैं, क्योंकि इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण रहता है तथा धरती के नजदीक भी होता है। खीर का सेवन करने से जातक की रोगप्रतिरोधक क्षमता दोगुनी हो जाती है। शरद पूर्णिमा के समय चंद्रमा की किरणें अमृत की वर्षा करती हैं। समापन संबोधन वर्तमान जिला परिषद सदस्य केदारनाथ यादव जी ने की।उन्होंने संघ की शाखा को सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया। इस साल शरद पूर्णिमा आज ही 09 अक्टूबर को पड़ रही है। आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तिथि रविवार दिन, 09 अक्टूबर 2022 को चांदनी रात में रखा खीर का सेवन करने से असाध्य रोगों से निदान पा सकते हैं।
कुछ समय के लिए पूर्व प्रमुख, जयनगर पूर्वी जय प्रकाश राम जी ने भी अपनी दृष्टिकोण से बातें रखते हुए कहा कि आज के वैज्ञानिकों तथा सनातन वैदिक साहित्य में हज़ारों वर्ष पहले लिखी बातों की तुलनात्मक बातें बताते हुए शरद पूर्णिमा का महत्व बताया। ऐसी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सत प्रतिशत खरी उतरने वाली बातें दुनिया की किसी भी पवित्र पुस्तक में नही मिलती जितनी सनातन के शास्त्रों में मिलता है। इसलिए अपने संस्कृति को बचाते हुए इसे सहजता से पालन करते रहने की आवश्यकता है जिसे धीरे धीरे पूरी दुनिया भी स्वीकार रही है।
अंत में सभी ने एकसाथ बैठकर शीत रूपी अमृत मिला प्रसाद 'खीर' को सामूहिक भोजन मंत्र के बाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में शाखा कार्यवाह ओमप्रकाश वैशख़्यार जी,जिला धर्म जागरण प्रमुख मुकेश राणा जी, विभाग धर्म जागरण संजोजक किसुन यादव जी, ओमप्रकाश जी, महेंद्र जी, आशीष जी, मानवाधिकार अध्यक्ष चंद्रभूषण मिश्र, रितेश जी, अविनाश जी, शशिकांत जी, शुभांकर, शोभित, आयुष, प्रिंस, उज्जवल सहित कई बाल, तरुण व बड़े स्वयंसेवक उपस्थित थे।