20/12/2023
राजा भर्तहरि राजा गोपीचन्द
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी ॥
राजा गये जंगल के मांय,
लगा रह्यो हेला-लगा रहयो हेला।
म्हाने मिल गया गोरखनाथ, मुंड लिया चेला ॥ 1॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
चेला जाओ महल के मांय लगाओ फेरी-लगाओ फेरी।
पींगला को कहियो मात, करो मत देरी 12 ॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
राजा गये महल के मांय, लगा रहयोपैरी-लगा रहयो फेरी।
भिक्षा देवो पींगला मातकरो मत देरी ॥3 ॥॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
रानी खड़ी महल के मांय
लटइया तोड़े लटइया तोड़े ।
राजा इक दिन पकड़यो हाथ, प्रीत मत छोड़े। 4 ॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
रानी पड़ी महल के मांय, तड़फ रही काया-तड़फ रही काया।
थारा मर जावे गोरखनाथ राज छुटवाया
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
रानी मत दे ने , लिखा मैं पायालिखा मैं पाया
म्हारा धन-धन गोरखनाथ, अमर करवाया ॥ 6॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी
राजा सुन्य शिखर के मांघ, सांकड़ी सेरी-सांकड़ी सेरी ।
थाने गावे ‘इरनानाथ’, भजन का लहरी 7 ॥
सफल कमाई महाराज भरथरी थारी-भरथरी थारी।
ईश्वर के कारण योग फकीरी धारी ।।