25/03/2022
❗️❗️सावधान अति आवश्यक, जानिये इन कालनेमियो को...❗️❗️
चिंतन मनन का विषय।
मित्रो,
उत्तराखण्ड में,ऋषिकेश भारत का एकमात्र ऐसा शहर है, जिसमे एक भी मस्जिद नहीं है.
हम सभी सनातन धर्मावलम्बियों के लिये, "ऋषिकेश" एक शहर मात्र नहीं,अपितु,सनातन धर्मालंबियों का,एकमात्र पूरी तरह से पवित्र व पूज्यनीय स्थल है.
एक और बिशेष बात,ऋषिकेश उत्तराखण्ड का
ऐसा शहर है जिसमें तीन जिले एक ही शहर में,पड़ते हैं।
साथ ही साथ ऋषिकेश,उत्तराखण्ड की पवित्र"चार धाम यात्रा" का प्रवेश द्वार भी है।
हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा अन्य शहर होगा, जहां मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा नहीं हों. कम से कम हर शहर में मंदिर और मस्जिद तो जरूर होते हैं ,लेकिन अगर कोई ऐसी पोस्ट मिल जाए, जिसमें दावा किया जाए कि देश के फलाने शहर में कोई मस्जिद नहीं है, तो यकीन करना मुश्किल होगा।
लेकिन अब वहां भी,एक ख़तरनाक घुसपैठ की शुरुआत हो चुकी है।
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खतरनाक प्रयोग!
नीचे की तस्बीरों में,
ये ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन के वर्तमान अध्यक्ष हैं *चिदानंद सरस्वती* और दूसरे इनके भाईचारे वाले भाईजान हैं, *देवबंद के राष्ट्रीय इमाम संघ* के मुख्य *इमाम उमेर अहमद इलियासी!*
अभिनव प्रयोग ये है की शायद *धार्मिक सौहार्द बढ़ाने हेतु मदरसे के 100 छात्रों को गुरुकुल में ठहराया गया* इस प्रकार *मुस्लिम छात्र आरती में शामिल हुए और नमाज के लिए गुरुकुल के ऋषि कुमारों से गंगा तट धोकर साफ करवाया गया?*
मदरसे वालों ने आश्रम में सात्विक आहार लिया, बदले में अब इन गुरुकुल के छात्रों को भी मदरसे में जाना होगा और जाहिर है की वहां थूक मिला प्रसाद भी लेना पड़ेगा?!?
हिंदू छात्रों ने जहां *वसुधैव कुटुंबकम्* और *सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।*
*सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।।*
अर्थात संसार में *सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।* गंगा मां, महादेव से प्रार्थना की होगी, इसका अर्थ भी बताया होगा!
वहीं *नमाज में मदरसे के छात्रों ने क्या प्रार्थना की, इस्लामिक लोगों के लिए और काफिरों के लिए... ये पूछना निश्चित ही महाराज भूल गए होंगे और मौलाना किस मुंह से बताएंगे?*
हमारे सभी आधुनिक भंडाराखोर संतो को *विवेक अग्निहोत्री* की फिल्म *TheKashmirFiles* देखनी चाहिए, रहा सवाल इन देवबंदी मौलानाओं का तो इनको सब पता है, इस्लामिक आतंकवाद, कश्मीर, केरल और पश्चिम बंगाल से लेकर दुनिया भर का सारा जेहाद... क्योंकि *इन्हीं देवबंदी मौलानाओं की देखरेख में होता है*...
और अब ये मौलाना तैयार कर रहे हैं अगली खेप और उसे दिखा रहे हैं चारा कर्टेसी हमारे अज्ञानी व्यापारी संत?
कभी आपने विचार किया है... आखिर हमारे... हिंदू मंदिरों, गुरुद्वारों, जैन, बौद्ध मंदिरों और उनके धर्माचार्यों को ऐसी क्या चाट है, अली मौला की, या क्या मजबूरी है... की ये एक के बाद एक... सनातन धर्म द्रोहियों को हमारे मंदिरों में नमाज पढ़ने के लिए बुलवाते हैं... इनका बंधन हो चुका है... या फिर विदेशी महिला पाप की गठरी में कोई राज है जो, मौलाना को तो अपने साथ बिठाते हैं, और हिन्दू भक्तों को अपने से नीचे...
ये तो राजनेता भी नहीं की वोट मिलेंगे, इसका मतलब माजरा कुछ और ही है!?!
अब बारी महाराज की है थूक वाला आहार तो लेना ही पड़ेगा... ऋषिकुमार बेचारे मजबूर हैं?
आश्रम में रहना है तो माननी पड़ेगी, अभी नमाज के गंगा तट साफ करवाया है अध्यक्ष महोदय कहेंगे तो जीभ से जूते भी साफ करने पड़ सकते हैं!?!
और एक बात क्या आजतक किसी हिंदू को इन मौलानाओं ने मस्जिद में पूजा पाठ, हवन के लिए, या गुरुग्रंथ साहिब के पाठ के लिए बुलाया है!?!
क्या कोई हिंदू मक्का मदीना में जा सकता है!?!
विचार करें सब समझ आ जायेगा, अधिकांश आश्रमों का ये हाल हो गया है की ये होटल बन चुके हैं, अरमार्थ, परमार्थ के नाम पर निहित स्वार्थ पूर्ति के व्यापारिक संस्थान, ऐसे भगोड़े धनपशुओं के अड्डे जो संसार में अन्य कुछ करने में असमर्थ रहे!?!
हिंदुओं नेताओं को छोड़ें, संत महात्मा भी अब धर्मरक्षक नहीं रहे... अतैव अब आपको समझ आ जाना चाहिए की आपका दायित्व ये है की अपने परिवार की रक्षा हेतु, आत्मनिर्भर बनें, और जागरूक भी वरना आपका क्या होने वाला है, इसको जानने के लिए न आप सावरकर की मोपला, पढ़ सकते हैं, ना स्वामी दयानंद सरस्वती का सत्यार्थ प्रकाश तो इसे प्रचलित माध्यम से जानने हेतु 2.5 hour की फिल्म देख लें... (The KashmirFiles) द कश्मीर फाइल्स, शायद कुछ समझ आ हो जाए... अंतिम स्पीच ध्यान से सुनना, इतिहास वहीं है, हिंदुओं की हत्या, लूट, बलात्कार तो वर्तमान है... इसको इतिहास समझने की भूल तो फिल्मी कपल गधा और गधी ही कर सकते हैं... या फिर जोकर्स
इनके साथ क्या करना हैं, ये आपको पता हैं।
फिलहाल पोस्ट को पढ़कर श्येर भी करते रहिए।