Haq Educational & Welfare Trust

Haq Educational & Welfare Trust Education is more powerful than a weapon VPO ALI MEO TEH HATHIN DISST PALWAL HR

12/04/2022

जिला में 500 प्राईमरी टीचर व 500 टीजीटी सहायक टीचर एनजीओ की मदद से लगाए जाएगें : उपायुक्त

नए सत्र में चलेगी बालिका शिक्षा वाहिनी :

नूंह जिला में नए सत्र में नहीं रहेगी शिक्षिकों की कमी :

मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव ने डीसी के साथ वीसी के माध्यम से की विकास कार्यो की समीक्षा

नूंह (व्योरो) मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी ने सोमवार को नूंह जिला के उपायुक्त अजय कुमार के साथ वीडियों काफ्रैंस के माध्यम से नूंह जिला में हो रहें विकास कार्यो की समीक्षा की। श्री डीएस ढेसी ने नूंह जिला में लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि लड़कियों के इस सत्र में ज्यादा से ज्यादा दाखिला हो, इसके लिए प्रवेश उत्सव मनाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का नूंह जिला के विकास की तरफ विशेष ध्यान है। अब मेवात में महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी रिक्त पदों को भरा जा चुका है।
शिक्षिकों की कमी को नए सत्र में पूरा किया जाएगा, जून माह के बाद नूंह जिला में शिक्षिकों की कमी नहीं रहेगी तथा जिले के स्थानीय युवाओं को इसमें प्राथमिकता मिलेगी। जिला में 500 प्राईमरी टीचर व 500 टीजीटी सहायक शिक्षक एनजीओ की मदद से लगाए जाएगें। इन टीचरों को जिन स्कूलों में अध्यापक नहीं है तथा जिन में केवल एक अध्यापक है उनमें एक वर्ष के लिए नियुक्त किया जाएगा उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि बालिका वाहिनी योजना के तहत बेटियों को घर से स्कूल व स्कूल से घर छोडऩे के लिए बस नि: शुल्क सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जहां एक ओर बेटियों की स्कूलों में ड्रॉपआउट संख्या में कमी आएगी वहीं दूसरी ओर सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को भी बल मिलेगा। जिले की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती देने के लिए पढऩे वाली लड़कियों के लिए 25 बसे चलाई जाएगी। डीसी ने बताया कि बालिका वाहिनी योजना प्रदेश के उन गांवों में चलाई जा रही है जहां बेटियों को स्कूल पहुंचने में कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जिले के सरकारी स्कूलों की छात्राओं को अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने में कोई परेशानी न हो इसके लिए जिले के सभी खंडों में रूट बनाए गए हैं। योजना के तहत सरकारी स्कूलों की छात्राओं को हरियाणा रोडवेज की बसें उनके गांव से स्कूल और स्कूल से वापिस उनके गांव प्रतिदिन पहुंचाया करेंगी। पूर्ण रूप से नि:शुल्क बालिका शिक्षा वाहिनी योजना की बसों में सिर्फ छात्राएं ही सफर करेंगी। उपायुक्त ने कहा कि मेवात के सरकारी स्कूलों की छात्राओं को अपनी आगे की पढाई जारी रखने मे कोई परेशानी न हो इसके लिए जिले के सभी खंडों में रूट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सरकारी स्कूलों की छात्राओं को हरियाणा रोडवेज की बसें उनके गांव से स्कूल और स्कूल से वापिस उनके गांव प्रतिदिन पंहुचाया करेंगी। उन्होंने बताया कि यह सेवा पूर्ण रूप से नि: शुल्क बालिका शिक्षा वाहिनी योजना की बसों मे सिर्फ छात्राएं ही सफर करेंगी किसी अन्य को इन बसों मे सफर करनें की अनुमति नहीं होगी। इस अवसर पर जीएम रोड़वेज एकता चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी डा. अब्दुल रहमान, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी राजूराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजदू रहें ।

*https://twitter.com/immyk4*

01/03/2022

बहुत ही दुःखद खबर: यूक्रेन खारकीव में एक भारतीय छात्र की मौत😭

28/02/2022

नई शिक्षा नीति को केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी
10वीं बोर्ड खत्‍म, MPhil भी होगा बंद
==============================

माननीय मंत्री , शिक्षा विभाग , भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षा नीति 2020को आज केन्द्रीय कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी । आज केन्द्रीय सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद 36साल बाद देश में नई शिक्षा नीति लागू हो गई ।

कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है. 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है. नई शिक्षा नीति की उल्लेखनीय बातें सरल तरीके की इस प्रकार हैं:

----5 Years Fundamental---
1. Nursery @4 Years
2. Jr KG @5 Years
3. Sr KG @6 Years
4. Std 1st @7 Years
5. Std 2nd @8 Years

---- 3 Years Preparatory---
6. Std 3rd @9 Years
7. Std 4th @10 Years
8. Std 5th @11 Years

----- 3 Years Middle---
9. Std 6th @12 Years
10.Std 7th @13 Years
11.Std 8th @14 Years

---- 4 Years Secondary---
12.Std 9th @15 Years
13.Std SSC @16 Years
14.Std FYJC
15.STD SYJC @18 Years

खास बातें :

---- केवल 12वीं क्‍लास में होगा बोर्ड
---- MPhil होगा बंद, कॉलेज की डिग्री 4 साल की

---10वीं बोर्ड खत्‍म, MPhil भी होगा बंद,

---- अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा. बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा।

---- पहले 10वी बोर्ड की परीक्षा देना अनिवार्य होता था, जो अब नहीं होगा.

---- 9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी. स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा।

---- वहीं कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी. यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्‍लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी.।

----3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है. वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी. 4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स एक साल में MA कर सकेंगे.

---- MA के छात्र अब सीधे PHD कर सकेंगे.

---- स्‍टूडेंट्स बीच में कर सकेंगे दूसरे कोर्स. हायर एजुकेशन में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 50 फीसदी हो जाएगा. वहीं नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकता है.

---- हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं. सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं. इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे. वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे. एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा. बता दें कि देश में 45 हजार कॉलेज हैं.

---- सरकारी, निजी, डीम्‍ड सभी संस्‍थानों के लिए होंगे समान नियम।

माननीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुस्मन दौरे जमा हमारा।
08/02/2022

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुस्मन दौरे जमा हमारा।

15/01/2022

मेवात के भविष्य का जिम्मेदार कौन?

आज सर्वे को एक सप्ताह पूरा हो गया दूसरा सप्ताह भी खत्म होने को है।
Haq Educational &Welfare trust
जिसका शार्ट नाम HEWT रखा गया या पुकारा जाता है,द्वार डोर टू डोर अभियान चलाया गया ड्राप आउट बच्चे या नेवर एनरोलमेंट बच्चों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए।

मौलाना मुबारक की अध्यक्षता में ये प्रोग्राम चलाया गया है।
नूह जिले में चार ब्लॉक बनाकर इस काम को अंजाम दिया जा रहा है।
मैं पुन्हाना ब्लॉक में आता हूँ तो पुन्हाना ब्लॉक की जिम्मेदारी मास्टर हाशिम को दी गई।
मास्टर हाशिम की अगवाई में हमने जमीनी हकीकत पर सर्वे किया।
जब हमने सर्वे किया डोर टू डोर तो मेवात के भविष्य की जमीनी हकीकत कुछ और ही थी।

इस सर्वे में हमने कुछ सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश की

हर साल EVs ड्राप आउट बच्चो की सर्वे करते हैं
उनका डाटा कलेक्ट करते है
9 महीने स्कूल मे पढ़ाते है
उनका एड्मिसन करवाक़र देश की मुख्यधारा से जोड़ देते।

फिर अगले साल EVs सर्वे करते है अगली बार इससे भी ज्यादा ड्राप आउट बच्चे मिलते है

ऐसा क्यों?

इस बात को जानने के लिए हमने डोर टू डोर ,वे चौक चोहराये और कुछ इस्लामिक मक़तमो में जाके इसका कारण जाना।

1.पहला सवाल ये की ये ड्राप आउट क्यो है?
2.ड्राप आउट बच्चों में लड़कियों ज्यादा क्यो?
3.किस काऱण स्कूल छोड़ा?
4. किन कारणों से छोड़ो?
5. इसका जिम्मेदार कौन है?
पेरेंट्स या अध्यापक
6.सरकार की नीति क्यों सफल नही ।
7.सरकार हर साल मेवात के लिए नई नीति लेके आती है जैसे
कदम
मेवात मॉडल स्कूल
आरोही स्कूल
फिर भी बच्चे स्कूल से दूर क्यो ?
इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने के लिए हमने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की
एक पेरेंट्स अपने बच्चों को बुलाता है सच्चाई सामने लाता है।
जिसका एक लड़का प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है, उसकी दो लड़की गवर्मेंट स्कूल में पढ़ती है।
अपने तीनों बच्चो को बुलाता हैं।
लड़का 3rd स्टैंर्डड में है लड़की 8th मे।
दोनो बच्चो से इंग्लिश रीडिंग करवाता है,
रीडिंग करवाने के बाद हमने पाया कि जो 3rd स्टैंडर्ड में था वो बेहतरीन था,
ओर 8th क्लास की लड़की पर इंग्लिश ही पढ़नी नही आती थी

ये केवल एक अकेली लड़की की कहानी नही थी
काफी बच्चों के ये ही हालात थे।
पहली कक्षा के बच्चों पर हिंदी की वर्णमाला का ज्ञान नही,इंग्लिश के अल्फाबेट नहीं आते!
एक प्राइवेट स्कूल का बच्चा सरकारी स्कूल के बच्चे से कही ज्यादा अच्छा था।
इसका नतीजा ये हुआ कि पेरेंट्स के अंदर हीनभावना पैदा है।
एक तो उनकी मानसिकता बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले से ही सही नही है।
इसलिए वो बच्चों को स्कूल नही भेजते खासतौर से लड़कियों को,
अगर स्कूल भेज भी दी जाती है परिणाम सामने हैं 8th क्लास के बच्चे पर इंग्लिश पढ़नी नही आती और सब्जेक्ट की तो बात ही क्या करे?
हमने इन्ही बच्चो के स्टैंडर्ड मस्जिद में जाकर इस्लामिक पढ़ाई में देखा तो अलग ही लेवल था।
अब बच्चों को कमजोर मांने या फिर नीति को?

हमारे गवर्मेंट स्कूल में वेल कुलीफिएड अध्यापक है
ओर प्राइवेट।
स्कूल में 12th पास अध्यापक याˌग्रैजुˈएश्‌न्‌ पास
कुछ अध्यापकों के पास
Htet या ctet पास मिल सकता है
फिर सरकारी स्कूल के
बच्चों में ओर प्राइवेट स्कूल के बच्चों में इतना अंतर क्यो?

दूसरा कारण जो रहा है वो एकाउंट का
एड्मिसन से पहले कंडीशन लगा दी जाती है कि पहले बच्चे का बैंक एकाउंट फिर एड्मिसन।
पेरेंट्स एकाउंट्स के चक्कर में भटकते रहते है
कुछ कारणों की वजह से समय पर एकाउंट खुल नही पाता है
ओर वो नेवर एनरोलमेंट रह जाते हैं।
बच्चों का टाइम टेबल
ड्रेस , इसकी तरफ भी ध्यान देने की जरूरत है।

ओर भी कई कारण रहे है।

ऐसा खिलवाड़ क्यो मेवात के भविष्य से।

07/01/2022

मोदी जी की शान में दो सब्द

मन की बात करेंगें तुमसे ये अन्नदाता की ख्वाहिश थी
खाली था पंडाल तुम्हारा रिमझिम रिमझिम बारिश थी

चन्नी को इल्ज़ाम ना दो,बस इतना बता दो साहब जी?
खुद की थी ये चाल,या फिर मोटा भाई की साज़िश थी

Zakir Zaraan की कलम से
Copy

02/01/2022
Desh badal raha h
23/12/2021

Desh badal raha h

Address

Palwal

Telephone

+18053641999

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Haq Educational & Welfare Trust posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Haq Educational & Welfare Trust:

Share