NationFirst

NationFirst Our Agenda:
1. Against Caste Based Reservation
2. Review SC/ST Act
3. Demand Savarn Aayog
4. Environmental Awareness
5. Fight Against Corruption. etc

19/08/2026

अगर कोई चमार, वाल्मीकि या पासी मिठाई की दुकान खोलेगा, तो उसकी दुकान से कौन खरीदेगा? चंद्र शेखर रावण ।

अरे भाई, तुम लोग ही तो दावा करते हो कि तुम्हारी आबादी 85% है। चलो मान लिया 15% सवर्ण जाति के लोग तुम्हारी दुकान से नहीं खरीदेंगे, तो क्या तुम्हें इतना भी भरोसा नहीं है कि बाकी 85% खरीदेंगे?
या तुम भी यह अच्छी तरह जानते हो कि चमार की दुकान से पासी नहीं खरीदेगा और वाल्मीकि की दुकान से चमार नहीं खरीदेगा?
अरे भाई तुम्हारी दुकान चल रही है न भाड़ में जाए देश । राना ठाकुर

पिता की मौत भी नहीं तोड़ सकी नाराजगी, करोड़पति की अंतिम यात्रा में बेटे  नही हुए शामिल इटावा में इंसानियत को झकझोर देने ...
18/08/2026

पिता की मौत भी नहीं तोड़ सकी नाराजगी, करोड़पति की अंतिम यात्रा में बेटे नही हुए शामिल

इटावा में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।

सैफई मेडिकल कॉलेज में 70 वर्षीय कारोबारी राजकुमार सक्सेना की करीब एक महीने तक इलाज चलने के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राजकुमार सक्सेना मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले थे और कभी करोड़ों की संपत्ति के मालिक रहे थे।

सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि उनकी मौत की खबर मिलने के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए पत्नी, बेटा और बेटी सामने नहीं आए। परिवार की ओर से बताया गया कि राजकुमार सक्सेना से वर्षों पहले ही रिश्ते खत्म हो चुके थे। उनकी पत्नी ने कथित तौर पर करीब 20 साल पहले संबंध समाप्त होने की बात कही।

राजकुमार की मौत के बाद जब उनके गाजियाबाद स्थित घर पर टीम पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। इस बीच अस्पताल की मोर्चरी में उनका शव करीब 72 घंटे तक रखा रहा। इंतजार इस बात का था कि शायद कोई अपना अंतिम विदाई देने पहुंच जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बताया गया कि जिंदगी के एक दौर में करोड़ों की संपत्ति रखने वाले राजकुमार सक्सेना के अंतिम दिन आर्थिक तंगी और अकेलेपन के बीच बीते। वह वृद्धाश्रम में रह रहे थे और इलाज के दौरान भी उनके साथ परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

आखिरकार जब परिवार की ओर से कोई अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा, तो पुलिस और रक्तदाता समूह से जुड़े लोगों ने जिम्मेदारी उठाई। एक स्थानीय NGO और सहयोगियों की मदद से राजकुमार सक्सेना का अंतिम संस्कार कराया गया।

यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि रिश्तों और बदलते सामाजिक सरोकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद अगर जीवन के अंतिम पड़ाव पर इंसान अकेला रह जाए, तो यह समाज के लिए सोचने का विषय है।

राजकुमार सक्सेना को अंतिम विदाई भले ही उनके अपनों ने न दी हो, लेकिन अनजान लोगों ने इंसानियत का फर्ज निभाया। अब यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर दौलत से भरी जिंदगी के बाद भी एक इंसान को अंतिम समय में अपनों का साथ क्यों नहीं मिल सका।

18/08/2026

यदि आप सवर्ण वरिष्ठ नेताओं से विधायक सांसदों से

पूछने की हिम्मत नहीं रखते

तो उनकी औलादों के पीछे जो भागे फिरते हो

कम से कम उनसे तो बात करो।..

इनके राजशाही ठाठ को चुनौती दो
.इनसे प्रश्न करो..

मैं अपनी कार का एवरेज 15-20% कम देख रहा हूँ सरकार चाहे कुछ भी कहे। आप सब साथी क्या फ़र्क़ देख रहे कृपया बतायें?
18/08/2026

मैं अपनी कार का एवरेज 15-20% कम देख रहा हूँ सरकार चाहे कुछ भी कहे।
आप सब साथी क्या फ़र्क़ देख रहे कृपया बतायें?

क्या इसके लिए भी विपक्ष ज़िम्मेदार है?करप्शन की सारी सीमाएं टूट चुकी हैं इस सरकार में।
18/08/2026

क्या इसके लिए भी विपक्ष ज़िम्मेदार है?
करप्शन की सारी सीमाएं टूट चुकी हैं इस सरकार में।

17/08/2026

कैसा रहे ये?

आरक्षण सिर्फ छात्रों पर नौकरियों में नहीं होना चाहिए यह किसी चुनाव में चुने गए विभिन्न प्रतिनिधियों पर भी लागू होना चाहिए जैसे कि किसी सामान्य या ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को 70% वोट प्राप्त हो और उसी के सामने यदि किसी अन्य वर्ग को 10% वोट मिल जाए तो 10% वाले को विजई घोषित करना चाहिए और 70% वाले को दूसरे नंबर पर जिससे आरक्षण का लाभ उस सबसे कमजोर और गरीब व्यक्ति को मिल सके जिनको सिर्फ 10% वोट मिल सका है

आज श्रावण मास की तीज महोत्सव के शुभ दिन को  देवधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक आचार्य कृष्णा मुरारी जी और उनकी टीम के द्वारा...
15/08/2026

आज श्रावण मास की तीज महोत्सव के शुभ दिन को देवधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक आचार्य कृष्णा मुरारी जी और उनकी टीम के द्वारा बहुत ही विस्तार से किया गया परिवार और दोस्तों के साथ पूजन किया। प्रतिष्ठित भोलेनाथ की झांकी बहुत ही सुंदर अद्भुत ओम नमः शिवाय

जिसको तलवार लगी वह मर गया जो तलवार चलाने वाला है, वह सीधा सीधा वीडियो में दिख रहा है इससे ज्यादा प्रमाण और क्या चाहिए गु...
13/08/2026

जिसको तलवार लगी वह मर गया जो तलवार चलाने वाला है, वह सीधा सीधा वीडियो में दिख रहा है इससे ज्यादा प्रमाण और क्या चाहिए गुनहगार को सजा देने के लिए 🤔
अब जाति के नाम पर राजनीति करने वालों से सवाल

गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली में शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में आशुतोष चौधरी, बिंदनिवास चौधरी, राहुल चौधरी और भानू चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने आशुतोष चौधरी के पास से एक तलवार बरामद करने की भी बात कही है।

अब उन नेताओं से सवाल है जो जाट, ओबीसी, एससी-एसटी और जाति के नाम पर राजनीति करते हैं—
ऐसी घटना पर आपकी आवाज़ कहाँ है?

क्या न्याय की आवाज़ भी जाति देखकर उठेगी?

शिवकुमार त्रिपाठी के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोष सिद्ध होने पर दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए।

अब अपना मुंह खोलिए—इंसाफ सबके लिए बराबर है या जाति देखकर?

#शिवकुमारत्रिपाठी #सिकरीगंज #गोरखपुर #न्याय #जातिकी #राजनीति #ओबीसी #एससीएसटी #जाट #गोरखपुरपुलिस #उत्तरप्रदेश

अभी कुछ दिन और रुकिए सवर्णों।ये नित नये संगठन और नई पार्टियां बनाने  और राष्ट्रीय अध्यक्ष  बनने का जो भूत सवार है न आप ल...
13/08/2026

अभी कुछ दिन और रुकिए सवर्णों।
ये नित नये संगठन और नई पार्टियां बनाने और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का जो भूत सवार है न आप लोगों पर सारा नशा लठ्ठों से उतार दिया जाएगा ।
डंडा उनके भी होगा जो दरियां बिछाने में मश्गूल हैं

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक ऐसा प्रस्ताव उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बढ़ोतरी को देखते हुए दिया है।
जिसमें sc st के लिए एट्रोसिटी मुआवजा राशि को 40 प्रतिशत बढ़ाने की सिफारिश की है
इस समय अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर एससी/एसटी वर्ग के पीड़ितों को 85,000 से लेकर 8.25 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है।
इस प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक अब न्यूनतम मुआवजा बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है, जो अधिकतम 12 लाख रुपये तक हो सकता है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार एससी/एसटी थानों के गठन के लिए राज्यों के एक बार 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी सोच रही है।
इन थानों पर जो बाद में खर्च आएंगे, वह संबंधित राज्य सरकारें उठाएंगी।
एससी/एसटी (उत्पीड़नों की रोकथाम) कानून के तहत विशेष थानों के गठन का प्रावधान है, लेकिन अभी तक सिर्फ सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ही ऐसे थाने बनाए हैं।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय की व्यय समिति को मंजूरी के लिए भेजा गया है।

Address

Noida

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when NationFirst posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to NationFirst:

Shortcuts

Share