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01/09/2026

UGC के बाद गरीबों के आरक्षण और आरक्षण सुधार की मांग पर सुपौल में गरजे अंशुमान मोहन। चिराग पासवान के स्टैंड पर सवाल, संतोष मांझी के बयान के साथ खड़े नजर आए!

सुपौल: अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक में आरक्षण व्यवस्था और गरीबों के अधिकारों को लेकर महासभा के यूथ विंग के कार्यकारी अध्यक्ष अंशुमान मोहन ने मुखर होकर अपनी बात रखी। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब वर्गों के लिए आरक्षण की मांग के साथ-साथ मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में सुधार और इसके लाभ को वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में अंशुमान मोहन ने आरक्षण के आधार और उसकी मौजूदा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के हितों को भी आरक्षण की बहस के केंद्र में लाया जाना चाहिए।

अंशुमान मोहन ने चिराग पासवान के आरक्षण संबंधी स्टैंड पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों और नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए स्पष्ट रुख की आवश्यकता बताई।

बैठक के दौरान अंशुमान मोहन बिहार सरकार के मंत्री संतोष मांझी के बयान के साथ भी नजर आए, जिसे आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े इस पूरे विमर्श के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की इस बैठक में आरक्षण, आर्थिक आधार पर आरक्षण और गरीबों के अधिकार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। बैठक से यह संकेत भी मिला कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आवाज और तेज हो सकती है।

“भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई ऊंच-नीच की श्रेणी” — जाति व्यवस्था पर मोहन भागवत का बयान फिर चर्चा में👇       #जातिव्यवस...
31/08/2026

“भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई ऊंच-नीच की श्रेणी” — जाति व्यवस्था पर मोहन भागवत का बयान फिर चर्चा में👇

#जातिव्यवस्था #मोहनभागवत

Mohan Bhagwat Statement: “भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई ऊंच-नीच की श्रेणी” — मोहन भागवत का जाति व्यवस्था पर बयान Posted on August 31, 2026 by BiharTalkies News...

“भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई ऊंच-नीच की श्रेणी और जाति की खाई” — मोहन भागवत का विवादित बयानमुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक...
31/08/2026

“भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई ऊंच-नीच की श्रेणी और जाति की खाई” — मोहन भागवत का विवादित बयान

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का जाति व्यवस्था को लेकर दिया गया एक पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में है। फरवरी 2023 में मुंबई में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा था कि भगवान के लिए सभी मनुष्य समान हैं और समाज में जाति तथा ऊंच-नीच की श्रेणी ईश्वर ने नहीं बनाई, बल्कि इसे पंडितों ने बनाया। उन्होंने इसे गलत व्यवस्था बताया था।

भागवत ने अपने संबोधन में कहा था कि भगवान ने हमेशा यही बताया है कि उनके लिए सभी एक समान हैं। उनके अनुसार, भगवान के सामने किसी तरह का जाति या वर्ण भेद नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में अलग-अलग श्रेणियां बनाई गईं और यही व्यवस्था आगे चलकर ऊंच-नीच के भेद में बदल गई।

“हर काम समाज के लिए है तो कोई ऊंचा-नीचा कैसे?”

RSS प्रमुख ने अपने संबोधन में पेशे और सामाजिक जिम्मेदारी को भी जाति व्यवस्था से जोड़ते हुए सवाल उठाया था कि जब हर व्यक्ति का काम समाज के लिए महत्वपूर्ण है, तो फिर किसी को ऊंचा और किसी को नीचा कैसे माना जा सकता है?

उन्होंने कहा था कि व्यक्ति की आजीविका केवल अपने परिवार या पेट भरने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रति भी उसकी जिम्मेदारी होती है। उनके मुताबिक समाज में किसी काम को छोटा या बड़ा समझने की मानसिकता बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन जैसी समस्याओं को बढ़ाती है।

समाज के बंटवारे को लेकर भी साधा था निशाना

भागवत ने अपने भाषण में भारतीय समाज के बंटवारे को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि समाज के विभाजन का फायदा बाहरी लोगों ने उठाया और इसी कारण देश को लंबे समय तक नुकसान झेलना पड़ा।

उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा था कि जब समाज में अपनापन खत्म होता है तो स्वार्थ बढ़ता है। उनका तर्क था कि समाज को जाति और ऊंच-नीच के आधार पर बांटने के बजाय आपसी एकता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत किया जाना चाहिए।

संत रविदास की शिक्षाओं का किया जिक्र

यह टिप्पणी उन्होंने संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में की थी। भागवत ने संत रविदास की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए समाज को जोड़ने और सामाजिक समानता पर जोर दिया था।

उन्होंने कहा था कि धर्म का उद्देश्य केवल व्यक्ति के निजी हित तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज की उन्नति और पूरे समाज को जोड़ने के लिए काम करना भी धर्म का हिस्सा है।

भागवत ने संत रविदास सहित कई संतों और विचारकों का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके कहने का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन समाज को जोड़ना और धर्म से जुड़े रहना उनकी शिक्षाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

रामचरितमानस विवाद के बीच आया था बयान

भागवत का यह बयान उस समय सामने आया था जब देश में रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद चल रहा था। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस के कुछ अंशों पर सवाल उठाते हुए जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया था। इसी राजनीतिक-सामाजिक माहौल में भागवत की जाति व्यवस्था पर टिप्पणी ने व्यापक बहस को जन्म दिया।

बयान पर हुआ था विवाद

भागवत के “पंडितों ने श्रेणी बनाई” वाले बयान के बाद अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे जाति व्यवस्था के खिलाफ महत्वपूर्ण टिप्पणी बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे ब्राह्मण समाज के लिए आपत्तिजनक बताया।

छत्तीसगढ़ में ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा इस बयान के विरोध में ज्ञापन दिए जाने की भी खबर सामने आई थी। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भागवत के बयान का समर्थन करते हुए इसे जाति व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति बताया था।

हालांकि, “पंडितों ने जाति की श्रेणी बनाई” वाला उनका कथन सबसे ज्यादा विवाद का विषय बना। इस बयान की अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समूहों ने अपने-अपने नजरिए से व्याख्या की।

आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए—विरोध नहीं, व्यवस्था में सुधार के लिए: पूर्व सांसद आनंद मोहनपूर्व सांसद आनंद मोहन का कहना ह...
30/08/2026

आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए—विरोध नहीं, व्यवस्था में सुधार के लिए: पूर्व सांसद आनंद मोहन

पूर्व सांसद आनंद मोहन का कहना है कि वे आरक्षण समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन समय के साथ बदली सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष एवं व्यापक समीक्षा होनी चाहिए।

जब देश की सत्ता और शासन-व्यवस्था में सवर्ण समाज की हिस्सेदारी अत्यधिक थी, तब सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से वंचित दलितों और पिछड़ों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की गई। लेकिन आज परिस्थितियाँ पहले जैसी नहीं हैं। शासन और राजनीति में पिछड़े वर्गों की भागीदारी पहले की तुलना में काफी बढ़ी है।

ऐसे में यह समीक्षा आवश्यक है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुँच रहा है या नहीं, जिनके लिए यह व्यवस्था बनाई गई थी।

समीक्षा इस बात की भी होनी चाहिए कि अब तक आरक्षण का लाभ किन लोगों को मिला, क्या इसका लाभ समाज के सबसे वंचित तबके तक पहुँच पाया और जो लोग आज भी इससे वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ किस तरह सुनिश्चित किया जा सकता है।

यदि आवश्यकता हो तो व्यवस्था में ऐसे सुधार किए जाएँ, जिससे आरक्षण का लाभ बार-बार उन्हीं परिवारों तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से वंचित और जरूरतमंद लोगों तक पहुँचे।

आरक्षण की समीक्षा, आरक्षण का विरोध नहीं है।
यह उस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और न्यायपूर्ण बनाने की कोशिश है, ताकि जिस उद्देश्य से आरक्षण दिया गया था, वह उद्देश्य वास्तव में पूरा हो।

आरक्षण समाप्त नहीं होना चाहिए, लेकिन आरक्षण की निष्पक्ष समीक्षा जरूर होनी चाहिए।

— आनंद मोहन, पूर्व सांसद

🚨 डस्टबीन घोटाले का ‘जन्मदाता’ है सीवान!पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर ने घोटाले की जांच के लिए बाकायदा चिट्ठी लिखी थी। जांच ...
30/08/2026

🚨 डस्टबीन घोटाले का ‘जन्मदाता’ है सीवान!

पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर ने घोटाले की जांच के लिए बाकायदा चिट्ठी लिखी थी। जांच हुई तो घोटाला सही पाया गया और आरोपों की पुष्टि हुई।

इस मामले में दरौंदा के भाजपा विधायक व्यास सिंह और भाजपा नेत्री अनुराधा गुप्ता चार्जशीटेड हैं और फिलवक्त दोनों जमानत पर बाहर हैं।

सवाल सीधा है—जब जांच में घोटाला सही पाया गया, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?

24/08/2026

#आरक्षण पर अटल

पटना के गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पत्रकारों के सवाल पर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह का ...
24/08/2026

पटना के गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पत्रकारों के सवाल पर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह का जवाब—
“हाथी चले बाजार... कुत्ते भौंके हजार...”

छात्र सवाल पूछ रहे हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था पर जवाब मांग रहे हैं, लेकिन अधिकारी का यह बयान क्या छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करने वाला रवैया नहीं दिखाता?

सोनिया गांधी भारतीय नागरिकता नहीं लेना चाहती थीं, और न ही उनके बेटे। सोनिया गांधी ने शादी के 15 साल बाद नागरिकता लिया।रा...
23/08/2026

सोनिया गांधी भारतीय नागरिकता नहीं लेना चाहती थीं, और न ही उनके बेटे। सोनिया गांधी ने शादी के 15 साल बाद नागरिकता लिया।

राहुल गांधी के खिलाफ भी दोहरी नागरिकता से जुड़ा एक केस चल रहा है।

ये आपदा में कभी भी देश छोड़कर भाग सकते हैं।

— गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री

21/08/2026

समस्तीपुर जिले के सभी रजिस्ट्रारों से विभाग ने किया शोकॉज, तीन दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश।

चार दिवसीय संसदीय क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रमपूर्व सांसद श्री आनंद मोहनएवंमाननीय सांसद श्रीमती लवली आनंदअपने संसदीय क्षेत्र ...
17/08/2026

चार दिवसीय संसदीय क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम

पूर्व सांसद श्री आनंद मोहन
एवं
माननीय सांसद श्रीमती लवली आनंद

अपने संसदीय क्षेत्र शिवहर के चार दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे।

📍 दिनांक 18 एवं 19 अगस्त 2026

स्थान — शिवहर जिला

📍 दिनांक 20 एवं 21 अगस्त 2026

स्थान — पूर्वी चंपारण जिला

इस दौरान पूर्व सांसद श्री आनंद मोहन एवं माननीय सांसद श्रीमती लवली आनंद क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा कार्यकर्ताओं एवं आमजन से संवाद करेंगे।

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