26/09/2026
🌹 *हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन* 🌹
*मद्धेशिया वैश्य समाज के कोहिनूर*
*श्रीमान देवदत्त कांता प्रसाद गुप्ता जी, मुंबई*
आज (26.09.2026) का यह शुभ अवसर बाबा गणीनाथ- गोविंदजी चेरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली परिवार के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है कि समाज के प्रतिष्ठित उद्योगपति, दानवीर, समाजसेवी एवं जनकल्याण के प्रति समर्पित व्यक्तित्व श्रीमान देवदत्त कांता प्रसाद गुप्ता जी, मुंबई ट्रस्ट परिवार से *ट्रस्टी* के रूप में जुड़ रहे हैं।
आपका ट्रस्ट से जुड़ना केवल एक सदस्य का जुड़ाव नहीं, बल्कि अनुभव, सेवा, संस्कार, सामाजिक प्रतिबद्धता और उदारता की एक समृद्ध परंपरा का जुड़ाव है।
*कर्मयोगी पिता की विरासत के योग्य संवाहक*:-
श्री देवदत्त कांता प्रसाद गुप्ता जी, कर्मयोगी एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्री कांता प्रसाद गयाराम जी के ज्येष्ठ सुपुत्र हैं। आपके पूर्वज मूलतः उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के केराकत से सटे ग्राम *सरौनी* के निवासी रहे हैं और वर्तमान मे के.एम मुंशी मार्ग ( निकट इस्कौन टेंपल), चौपाटी, मुंबई (महाराष्ट्र) के निवासी हैं।
आपके पूज्य पिता श्री कांता प्रसाद गुप्ता जी वर्ष 1947-48 के आसपास मुंबई आए और अपनी अथक मेहनत, ईमानदारी, लगन एवं कर्मठता से व्यवसाय तथा समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। उनके सामाजिक एवं जनकल्याणकारी योगदान की स्मृति में सरकार द्वारा चीरा बाजार के समीपस्थ सड़क का नामकरण *“कांता प्रसाद गयाराम”* किया जाना उनके सामाजिक योगदान का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
पिता द्वारा स्थापित सेवा और कर्म की परंपरा को ज्येष्ठ पुत्र श्री देवदत्त कांता प्रसाद गुप्ता जी ने अपने भाइयों श्री रवींद्र कुमार जी एवं श्री दिलीप कुमार जी के साथ मिलकर व्यवसाय को आगे बढ़ाया और पारिवारिक व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ आपने दान, सेवा, परोपकार और जनकल्याण को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
*व्यवसाय से सेवा तक—एक विस्तृत कर्मयात्रा*
पिता द्वारा स्थापित “होटल शारदा” चीरा बजार, से प्रारंभ हुई व्यवसायिक यात्रा ने आगे चलकर शारदा डेयरी फार्म एंड स्वीट मार्ट, होटल शारदा रेस्टोरेंट एंड बार, खंडाला, तंत्रा वेज रेस्टोरेंट एड बार, हुगीस रोड, चौपाटी , शारदा टैक्सटाइल्स, ठाकुरद्वार, मुंबई सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का व्यापक स्वरूप ग्रहण किया है। व्यवसाय की सफलता के साथ समाज के प्रति दायित्वबोध को निरंतर जीवित रखना आपकी विशिष्ट पहचान रही है। इसी कारण आप एक सफल उद्योगपति एवं व्यवसायी के साथ-साथ मद्धेशिया वैश्य समाज के विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में समर्पित व्यक्तित्व के रूप में सम्मानपूर्वक स्मरण किए जाते हैं।
आप मद्धेशिया वैश्य समाज के प्रांतीय एवं राष्ट्रीय संगठनों से जुड़े रहे हैं तथा विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। समाज की अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों में आपका आर्थिक एवं नैतिक सहयोग लंबे समय से प्रेरणादायी रहा है।
*समाज के भविष्य की ओर एक सार्थक कदम* 🙏
वर्तमान युग और समय की आवश्यकता को समझते हुए बाबा गणीनाथ-गोविंदजी चेरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली जाति-समाज के समग्र, सार्थक एवं भविष्य-oriented विकास की दिशा में निरंतर कार्यरत है।
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल ईंट-पत्थर का भवन बनाना नहीं, बल्कि समाज की आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास, शिक्षण संस्थान, रोजगार एवं स्वरोजगार उन्मुख प्रशिक्षण, युवा मार्गदर्शन, नारी कल्याण तथा जनसेवा के अवसर विकसित करना है।
साथ ही भारत एवं नेपाल से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आने वाले जरूरतमंद बीमार लोगों एवं उनके तिमारदारों के लिए आवासीय सुविधा तथा सामाजिक मिलन, शुभ-मांगलिक एवं सामुदायिक गतिविधियों हेतु बहुउद्देशीय भवन (धर्मशाला) का निर्माण भी इसी व्यापक सेवा-यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ट्रस्ट की इन गतिविधियों से प्रभावित होकर आपने जिस प्रसन्नता एवं आत्मीयता के साथ ट्रस्ट की सेवा-यात्रा में सहभागी बनने की इच्छा व्यक्त की, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
*₹1,00,000 का सहयोग—एक राशि नहीं, एक विश्वास*
आपने ट्रस्ट के ट्रस्टी दायित्व हेतु ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) का सहयोग प्रदान कर अपनी दानशीलता, सामाजिक उदारता, धार्मिक आस्था एवं भावी पीढ़ियों के प्रति सकारात्मक सोच का परिचय दिया है।
यह सहयोग केवल आर्थिक योगदान नहीं है; यह उस विश्वास का प्रतीक है कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब सक्षम एवं समर्थ लोग अपनी सामर्थ्य का कुछ अंश समाज और मानव कल्याण के लिए समर्पित करें। आपका यह कदम समाज के अन्य समर्थ एवं प्रतिष्ठित बंधुओं को भी सेवा और सहयोग के लिए प्रेरणा देगा।
*BGGCT परिवार में हार्दिक अभिनंदन*
बाबा गणीनाथ-गोविंदजी चेरिटेबल ट्रस्ट, नई दिल्ली का समस्त परिवार एवं कार्यकारिणी आपको *ट्रस्टी* सदस्य के रूप में सादर स्वागत, हार्दिक अभिनंदन एवं आत्मीय धन्यवाद ज्ञापित करती है। हमें विश्वास है कि आपके अनुभव, मार्गदर्शन, सामाजिक संपर्क, उदार दृष्टिकोण एवं सेवा-भाव से ट्रस्ट की गतिविधियों को नई ऊर्जा और नई दिशा प्राप्त होगी।*
*हमारी हार्दिक कामना है कि देश-विदेश के प्रतिष्ठित, दानवीर, समाजसेवी, शिक्षाविद्, उद्योगपति, कलाकार एवं प्रबुद्ध स्वजन इस सेवा-यज्ञ से जुड़ते जाएँ और बाबा गणीनाथ-गोविंदजी चेरिटेबल ट्रस्ट समाजसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे।*
*“चले थे अकेले, कारवां बनता गया…*
*बूंद-बूंद से सागर बनता गया।”*
*आपका आगमन इस कारवां में एक और प्रकाशवान अध्याय का शुभारंभ है।*🙏