13/05/2026
जो हिम्मत थलापति विजय ने मुख्यमंत्री रहते हुए दिखाया है, और जिस सच्चाई को देश के सामने रखा है, यह साहस Indian National Congress के पूर्व के नेताओं ने दिखाया होता तो आज भारत नफरती एजेंडे वाले हिंदुओं के फर्जी ठीकेदारी के कब्जे में नहीं आती।
बांकी कुछ और लिखने से पहले मैं भी यह बता दूं कि मैं भी और उसके अनुषांगिक संगठनों से इसी लिए नफ़रत करता हूं क्योंकि जब हम इतिहास पढ़ते हैं तो देश को आजाद कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की एक बात चंद्रशेखर आजाद जी, भगत सिंह जी से लेकर नेहरू जी, गांधी जी पटेल जी सुभाषचंद बोस जी सभी इस बात से एकमत थे की ये और दक्षिणपंथी कट्टर नफरती लोग देश के #गद्दार है। ये मौका पाते ही बाप बदलने में माहिर है, और अपने फायदे के लिए बाप बदलते रहते हैं।
Indian National Congress ने आजादी की जो लड़ाई लड़ी, अन्य सारे पक्षों के साथ वैचारिक असहमति के बावजूद भी सबका सम्मान और सहयोग करती थी, चाहे भगत सिंह जी के लाहौर षडयंत्र केस में पैरवी करना हो, गोलमेज सम्मेलन और इरविन पैक्ट में शर्ते रखनी हो, चंद्रशेखर आजाद जी को आर्थिक सहयोग और शहीद होने पर माता जी को आर्थिक मदद लगातार करना हो करती रही। यही चीज सुभाष चन्द्र बोस जी के परिवार के साथ भी रहा।
लेकिन जो दक्षिणपंथी #सावरकर #गोलवलकर #हेडगेवार #बीएसमुंजे हो इनकी नकारात्मक भूमिका, आजादी के आंदोलन के बीच हिंदू मुसलमान जैसे नफरती एजेंडे चला कर अंग्रेजों की मदद करने के घटना कार्यशैली को आजादी के बाद भी भारत की जनता को नहीं बताना ये #कांग्रेस का अपराध मानता हूं।
यहां तक कि #मुस्लिम_लीग के साथ मिलकर सरकार चलाने वाले
#श्यामा_प्रसाद_मुखर्जी ( बंगाल और नॉर्थ फ्रंटियर स्टेट, पाकिस्तान) को तव्वजों देना क्या गुनाह नहीं था।
जो भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों के पक्ष में आंदोलन को कुचलने की तरकीबें सुझा रहा था।
जब सुभाष चंद्र बोस #आजाद_हिंद_फौज की सेना लेकर अंग्रेजों से लड़ने अंडमान निकोबार तक आ गए थे तब #सावरकर अंग्रेजों की सेना में कट्टर नफरतियों को भर्ती कर रहा था कि आजादी ना मिले। यही सावरकर जो 11 बार अंग्रेजों से माफ़ी मांग कर 60 रुपया/ महीना पेंशन अंग्रेजों से लेकर उसकी मदद कर रहा था।
जिसे चंद्रशेखर आजाद जी ने #भाड़े_का_टटू और #हरामखोर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है ( पुस्तक : सिंहावलोकन:- यशपाल लिखित)
भगत सिंह इसे रंगा हुआ भेड़िया कहते थे। ख़ुद बल्लभ भाई पटेल कहते थे कि RSS वाले अगर बोलें कि पूरब दिशा में जा रहे हैं तो उसे पूरब के बजाय तीनों दिशाओं में ढूंढना चाहिए।
अगर मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग की और भारत के टुकड़े हुए तो इसका बीज किसने बोया था ?
सावरकर ने। इसी ने द्विराष्ट्र सिद्धांत अहमदाबाद में 1937 के हिन्दू महासभा के अध्यक्षीय भाषण में दिया था, उसके बाद 1940 में जिन्ना ने भी इसी मांग को 1940 में दोहराया। तात्पर्य यह कि दोनों मिले हुए थे, दोनों अंग्रेजों के एजेंट थे, दोनों अंग्रेजों से फंड लेते थे,
यही दोनों देश के बंटवारे , नफरत और हिंसा के जिम्मेदार थे।
इसी चीज को #राष्ट्रपिता_महात्मा_गांधी रोकना चाहते थे, लेकिन भारत की आजादी लिए कांग्रेस इततोना आगे बढ़ चुकी थी कि देश का आजाद होना ब्रिटिशराज ने स्वीकार कर लिया। तो इस नफरती संगठन को लगा उसका हिन्दू राष्ट्र का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा तो देश को हिंसा में झोंक दो , उधर जिन्ना भी अपने स्वार्थ में पाकिस्तान की मांग पर अड़ा था जो ब्रिटिश भी चाहते थे और अंततः कांग्रेस को भी मानना पड़ा। इस सच्चाई को जनता में नहीं ले जाना कांग्रेस की गलती थी।
साथ ही अपने नफरती पागलपन के कारण महात्मा गांधी की हत्या इसी संगठन ने की इसके कई पुख्ता प्रमाण है। लेकिन सावरकर तब भी बच निकला, क्योंकि मोरारजी देसाई ने बंबई प्रोविंस के । मुख्यमंत्री रहते साक्ष्य छुपा दिया।
आपको यह भी जानकारी होना चाहिए महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता सुभाषचंद्र बोस जी ने रेडियो शिलांग से संबोधित करते हुए कहा था।
नेहरू जी को भगत सिंह स्वयं देश का प्रधानमंत्री देखना चाहते थे। बल्लभ भाई पटेल नेहरू जी को अपना नेता और भावी प्रधानमंत्री बोलते थे। सारी चिट्ठियां और प्रमाण उपलब्ध है। लेकिन सही शिक्षा के अभाव में, और हिन्दू शब्द के आवरण में छुपे इनके ढोंग से देश भ्रमित हो जाता है और इनकी झूठ को ही सच मानकर , सच को जानने से भी इनकार करने लगता है। #दक्षिणपंथी_दोगले लोग महात्मा गांधी की हत्या को पाकिस्तान और मुसलमान परस्ती से जोड़ कर जो झूठ देश में फैलाया है वो सरासर झूठ है।
सच्चाई यह है कि गांधी की हत्या की साजिश 1934 से ही रची जा रही थी, 1932 के पूना पैक्ट के कारण, यानी गांधी जी की हत्या छुआछूत उन्मूलन, अस्पृश्यता उन्मूलन के कारण किया था।
आज ये पिल्ले हिंदू एकता की बात करते हैं, किस मुंह से करते है?
रोज हिंसा, नफरत, पाकिस्तान मुसलमान के एजेंडे में देश को उलझाकर रखा हुआ है, देश सही इतिहास पढ़ने में रुचि नहीं लेता है और स्वयं अपना और देश का नुकसान कर रहा है।
ना ये हिंदू के हितैषी है ना #सनातन के, बस पूंजीपतियों के साथ मिलकर हमको आपको लूटने के लिए देश की सत्ता को #चुनावआयोग #सुप्रीमकोर्ट सबको मैनेज करके देश लुट रहे हैं।
हम हमारे बच्चे , आने वाली नस्ल अशिक्षा, बेरोजगारी महंगाई और हिंसा नफरत के शिकार हो रहे हैं, इन्हें जितना जल्दी हो समझकर समाधान निकालना होगा।
#सामाजिक_न्याय #बीजेपी Narendra Modi BJP Bihar Reborn Manish Indian Youth Congress Sheetal P Singh Bihar Pradesh Youth Congress अनूप नारायण सिंह JDU - जदयू Shiv Kant Reborn Chandan Singh DrRakesh Pathak JDU - जदयू