19/05/2025
स्वतंत्रता के बाद के दौर में, विशेष रूप से 1958–59 में, भारत सरकार ने मजनू का टीला क्षेत्र में पुनर्वास योजना शुरू की। इस प्रयास के तहत, उत्तर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों को 40 वर्ग गज के कुल 925 प्लॉट आवंटित किए गए।
यह विकास अरुणा नगर की स्थापना का कारण बना, जो इस क्षेत्र की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में से एक है।
इन प्लॉटों का आवंटन शहरी विकास मंत्रालय के भूमि और विकास प्रभाग (Land and Development Wing) द्वारा किया गया था।