22/09/2024
अमेरिका का थिंक टैंक बहुत जोर शोर से भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की वकालत कर रहा है.
उनका कहना है कि भारत को अगर अभी रोका नहीं गया तो आने वाले समय में भारत चीन से भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा.
क्योंकि, उनका मानना है कि जिस गति से भारत प्रगति कर रहा है...
अगले 5 से 10 वर्षों में वह चीन को पीछे छोड़कर अमेरिका के टक्कर में आ जाएगा..
और, उस समय भारत को काबू करना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
अतः , भारत पर अभी से प्रतिबंध लगाने अति आवश्यक हैं.
परंतु, पूरी दुनिया को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्रियों की धौंस देने वाले अमेरिका की ये भी चिंता है कि भारत पर प्रतिबंध लगाने से भारत का बहुत कुछ नहीं बिगड़ेगा.
क्योंकि, अब भारत 1960 वाला भारत नहीं है जिसे अपनी जनता के पेट भरने के लिए भी अमेरिका या विदेशों से अनाज मंगवाना पड़ता था.
इसका कारण ये है कि... भारत मुख्यतः तेल का आयात करता है जो उसे हर हालत में रूस, यूएई, और ईरान से मिल ही जाएगा.
वैसे भी, भारत अगले एक-दो वर्षों में तेल के बारे में भी आत्मनिर्भर हो जाएगा.
तथा, हथियारों को बनाने में भारत लगभग आत्मनिर्भर हो ही चुका है.
सिर्फ इतना ही नहीं...
बल्कि, मोदी द्वारा प्रस्तावित ब्रिक्स करंसी और भारत के यूपीआई का मेल डॉलर की छाती पर नासूर का जख्म साबित होगा क्योंकि इससे 75 वर्षों से दुनिया पर राज कर रहे डॉलर की औकात दो कौड़ी की भी नहीं रह जाएगी.
और, ऐसी चिंता सिर्फ अमेरिका की ही नहीं है..
क्योंकि, खबरों के अनुसार.. चीन की बिगड़ते हालात एवं भारत के आर्थिक विकास की गति को देखते हुए हाल के दिनों में चीन में जाने वाला अधिकतर विदेशी निवेश अब चीन के बजाए भारत आ रहा है.
इसके इतर... पिग्गिस्तान का अलग ही दुख है कि... विदेशी रोटी खा कर कल तक शेर की दहाड़ने वाला पिग्गिस्तान आज दाने-दाने को मुंहताज है.
और, इन सबका का कारण सिर्फ एक है..... मोदी.
इसीलिए, वे लोग अच्छी तरह जानते हैं कि जबतक भारत में मोदी है... तबतक किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध भारत पर कारगर नहीं होगा..
अतः.... उनका सिंपल कैलकुलेशन है कि भारत में प्रतिबंध वगैरह लगा कर झमेला बढ़ाने से बेहतर है कि इसके कारण अर्थात मोदी को ही हटा दिया जाए.
लेकिन, भारत की जनसंख्या है 140 करोड़ और यहाँ सत्ताधीश लोकतंत्र के माध्यम से चुने जाते हैं.
इसीलिए, अगर मोदी को हटाना है तो फिर उन्हें वोटिंग के जरिए ही हटाया जा सकता है.
लेकिन, ये बात वे लोग अच्छी तरह जानते हैं कि... जबतक मोदी के साथ यहाँ का बहुसंख्यक समाज है तबतक उन्हें सत्ता से हटा पाना हद से भी ज्यादा मुश्किल है.
इसीलिए, अगर मोदी को हटाना है तो पहले यहाँ की बहुसंख्यक जनता के मन में मोदी के प्रति असंतोष भरना होगा.
तथा, ये असंतोष कोई मुसरिम, हिसाई या वामपंथी बनकर नहीं कर सकता है क्योंकि ऐसा बनकर हिंदुओं का विरोध करने पर हिन्दू और भी ज्यादा एकजुट हो जाएंगे...
इसीलिए, हिन्दूओं को तोड़ने के लिए तुम्हें उससे भी बड़ा कट्टर हिन्दू बन जाना है.
इसके लिए हमारे दुश्मन देशों (जैसे कि जॉर्ज सोरोस, पिग्गिस्तान, चीन, अमेरिका आदि) से देश के गद्दारों (टूलकिट / स्लीपर सेल) को पैसा आता है कि तुम्हें किसी भी मुद्दे को धार्मिक भावना का एंगल देना है और उसमें ये प्रूफ करना है कि...
मोदी, हिंदुओं का सबसे बड़ा दुश्मन है.
इसके लिए, तुम्हें असली देशभक्तों से भी ज्यादा अधिक कट्टर हिन्दू बनकर तुम्हे मोदी का विरोध करना है.
जैसे, मान लो कि.... मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवा दिया तो उन्हें इसमें एंगल निकालना है कि...
ये मोदी ने नहीं बल्कि... कोर्ट ने किया है.
मोदिया तो इसको लटकाना ही चाहता था..
वो तो सुप्रीम कोर्ट के कारण मोदी मंदिर बनवाने को मजबूर हो गया.
इसके बाद फिर, अगर मोदी ने मंदिर में पूजा की तो इसमें हल्ला मचाना है कि मोदी ने पूजा के दौरान गेंदा का फूल क्यों चढ़ाया ..?
पारिजात क्यों नहीं चढ़ाया क्योंकि भगवान राम को पारिजात का फूल पसंद है.
मान लो.. पारिजात का फूल भी चढ़ा दिया तो फिर एंगल होगा... सिर्फ भगवान राम को क्यों चढ़ाए ... सीता जी पर क्यों नहीं चढ़ाए ???
उसी तरह से... अगर उन्होंने वक्फ बोर्ड को JPC को भेज दिया तो फिर तुम्हे ये बोलना है कि इसको वक्फ बोर्ड खत्म ही नहीं करना है इसीलिए इसने इसे JPC को भेज दिया.
हटाने के लिए वोटिंग करवाये या फिर सलाह मांगे तो तुम्हे ये कहना है कि... खांग्रेस ने इसे लागू करते समय सलाह मांगा था जो अब खत्म करते समय सलाह मांग रहे हो ?
इसीलिए, हम सलाह या समर्थन देबे नहीं करेंगे.
अगर मान लो कि मोदी ने उसे किसी तरह उसे खत्म कर भी दिया तो तुम्हें ये बोलना है कि वक्फ बोर्ड खत्म करके क्या होना है ??
उससे सब जमीन क्यों नहीं छीने.
मान लो कि... जमीन भी छीन लिया तो भी बोलना है कि... जमीन छीनने से क्या होता है ?
वो जगह हम हिंदुओं के मंदिर को काहे नहीं दे दिए ??
कहने का मतलब है कि... अब टूलकिट द्वारा हिंदुओं का खुला विरोध नहीं किया जाता है कि... मोदी, हिंदुओ एवं देश के लिए इतना काम क्यों कर रहा है.
बल्कि... अब ये प्रूफ किया जाता है कि...
मोदी, हिंदुओं के लिए "कितना कम काम" या फिर "नहीं के बराबर" काम कर रहा है.
ताकि... हिंदुओं के दिमाग में ये ठूंस ठूंस कर बिठाया जा सके कि... मोदी को हरवाने से ही हिन्दू सुरक्षित रह पाएगा.
और, ये सब एंगल.... बड़े बड़े शातिर लोग बाकायदा अपने टीम के साथ बैठ कर खोजते हैं और अपने टूलकिट के जरिए उसे ट्रेंड में लाते हैं.
इधर... हमारे कुछ बेहद शातिर मठाधीश (जो पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं) योजनानुसार उस टूलकिट के पॉइंट को उठा कर पोस्ट करते रहते हैं.
और... जियो पॉलिटिक्स से अनजान भोले भोले हिन्दू (उनके फॉलोवर) को भी लगता है कि बात तो हमारे दद्दा सही ही बोल रहे हैं.
बाप रे... हमारे दद्दा कितने होशियार हैं कि इन्होंने इतनी बारीक बात भी पकड़ ली.
और... उनके वे दद्दा और फॉलोवर लाइक्स और वाहवाही के लालच में जाने अनजाने ही उस टूलकिट का हिस्सा बन जाते हैं.
उन्हें अंत तक यही लगते रहता है कि... वे ये सब अपने हिन्दू धर्म और देश के लिए कर रहे हैं.
मतलब कि... वे खुशी खुशी उसी डाल को काटने लगते हैं जिसपर वे बैठे हुए हैं.
और, उन्हें इस बात की खुशी भी होती है कि वे अपनी पूरी बुद्धि और बल लगाकर धर्मकार्य में जुटे हैं.
और.. ऐसे मठाधीश एक दो नहीं सैकड़ों हजारों में हैं.
ऐसा आप हजारों मठाधीशों को कहते सुन सकते हैं कि... मोदिया बेकार है.
मोदिया, हिंदुओं के लिए ये गलत कर दिया.
मोदिया को नोबल चाहिए इसीलिए ऐसा कर दिया.
ये पूजा ठीक नहीं हुआ.
मंदिर का मुंह उधर क्यों कर दिया.
इस बार के चुनाव में .. बीजेपी को हरवा के उसको सबक सिखाना है... आदि आदि..
इसीलिए... ऐसे पोस्ट और ऐसे पोस्टकर्ता से सावधान रहने की जरूरत है.
अगर उतना कॉम्प्लिकेटेड पॉलिटिक्स नहीं भी समझना है तो सिंपल समझ लें...
भारत के कटेशर.. और, भारत के दुश्मन देश पिग्गिस्तान, चीन, अमेरिका, जॉर्ज सोरोस, खांग्रेस आदि किसी भी मोदी को हरवाना चाहते हैं.
और, अगर आप भी वही चाहते हैं तो फिर आपको इस बात पर फिर से सोचने की जरूरत है कि... आपकी पसंद कटेशरों से , पिग्गिस्तान से, चीन से और खांग्रेस इतनी ज्यादा क्यों मिल रही है ???
कहीं ऐसा तो नहीं है कि... आप चीजों को समझने में गलती कर रहे हैं ???
अतः... दिमाग की बत्ती जलाएँ तथा उस बत्ती की रोशनी में देश और धर्म के गद्दारों को पहचानें...!
जय महाकाल...!!!