हमारा देश भारत वर्ष वर्तमान में विश्व के शक्तिशाली राष्ट्रों में अपनी पहचान स्थापित करने में सफल हुआ है। इसमें आप सभी का योगदान है।
भारत एक प्रजातांत्रिक देश है, धर्म निरपेक्ष होने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि स्थान दिया गया है। भारत की संस्कृति विभिन्नता में एकता लिए हुए है, जो सम्पूर्ण विश्व को आकर्षण और अदभुत अनुभूति से ओतः प्रोतः करती है।
पश्चिमी देशों के लोग भोगवाद से ऊबकर भारत के आध
्यात्म और संस्कृति में जीवन का सुख ख़ोज रहें हैं।
महानगरों में मानव केवल मशीन बनकर रह गया है। निरंतर भोगवाद की प्रवृति में हमारा मानवीय आधार कहीं खो गया है। बाज़ारवाद व भोगवाद की प्रवृति ने मानवीय संवेदना पर बहुत भयानक प्रहार कर दिया है।
जिसके लिए आप सभी लोगों को आगे आना होगा और मानवता को बचाना होगा।
मनुष्य इस धरती का सर्वश्रेठ प्राणी है और हमारा यह भरसक प्रयास रहेगा कि मानव का नेसर्गिक स्वरूप इस धरती पर बना रहे। यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स फेडरेशन आपका ध्यान उन कारकों की ओर आकृष्ट करेगा जहाँ पर मानवीय मूल्यों का हनन हो रहा हो।
आये दिन ह्रदय को झकझोरने वाले अपराधों से भी सम्पूर्ण मानव जाति को एक बार फिर से समझने की आवश्यकता है, कि किस प्रकार की सोच किस तरह की संस्कृति हमारे चारों और विकसित हो रही है। मानव अधिकार हमें यह सिखाता है की प्रत्येक व्यक्ति को अपना जीवन ईमानदारी से जीने का अधिकार है।
लकिन उसे समाज में यदि ...:
1. जातीय आधार पर।
2. वर्ण भेद के आधार पर।
3. लिंग भेद के आधार पर।
किसी भी प्रकार से डराया, धमकाया या दबाया जाता है, तो उसे यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स फेडरेशन विशेष अधिकार प्रदान करेगी ताकि वह मुकाबला कर सके।
सामाजिक स्तर पर UHRF के कार्य:
1. जेलों में कैदियों की स्थति, उनके अपराधों का अध्यन और यदि किसी को निरपराध बंद किया गया है तो उसे मदद करना।
2. मानसिक रोगियों के अस्पतालों की स्थिति का अध्यन तथा उसके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार तो नहीं हो रहा है स्थिति का पता लगाना।
3. सरकार द्वारा संचालित वृद्धा आश्रम, अनाथा आश्रम एवं महिला आश्रम अदि की देख-रेख व उनकी समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाना।
4. गुमशुदा बच्चों को सरकार तथा UHRF के सहयोग से उनके परिवार तक पहुँचाना।
5. खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य पदार्थों की देखभाल।
6. कुपोषण के शिकार लोगों को सरकार के समक्ष लाना व उनकी मदद करना। असक्त व्यक्तियों के अधिकारों को देना, वृद्ध, बच्चे महिलाएं जिन्हें घर से निकल दिया जाता है या उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार होता है, उनकी मदद करना।
8. कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन शोषण व मानसिक शोषण के खिलाफ संस्थान के सदस्यों द्वारा उनकों हर संभव मदद पहुँचाना।
9. प्राकृतिक आपदा एवं निमार्ण कार्यों के कारण हज़ारों लोगों को बेघर होकर विस्थापित होना पड़ता है, उन परिवारों के सांस्कृतिक एवं भावनाओं का विशेष ध्यान रखने हेतु UHRF सहयोग प्रदान करेगा।
वर्तमान में हमारे फेडरेशन में उच्च कोटि के अधिवक्ता, भूतपूर्व न्यायधीश सहयोग कर रहे हैं, जोकि क़ानूनी सलाह व फेडरेशन की कार्यप्रणाली की पूरी देख-रेख रखते हैं। इसके अतिरिक्त समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं साहित्य संस्कृति व कला के क्षेत्र से अनेक लोग अपना समय व सहयोग प्रदान कर रहें हैं।
हमारा यह लक्ष्य रहेगा की आप अपने अधिकारों के प्रति सजग हों, वहीँ आपके कर्तव्यों की भी जानकारी होना आवश्यक है। आपको यह जानने का अधिकार है कि सरकार द्वारा दी जा रहीं सुविधाएँ आम लोगो तक पहुँच रहीं या नहीं। यदि नहीं तो इस संबंद में जानकारी हांसिल करें तथा फेडरेशन को सूचित करें।
यह फेडरेशन समय-समय पर अपने कार्यक्रम एवं विचारों से आपको अवगत कारता रहेगा।
हमें विश्वास है की आप अपनी ताकत को दूसरों की तकलीफ़ दूर करने में इस्तेमाल करेंगे।