Jai Baba Laal Begh Dharmarth Seva Samiti

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Jai Baba Laal Begh Dharmarth Seva Samiti A Religious Charitable Organisation

18/10/2025
10/10/2025

🌕✨ करवा चौथ 2025

इस वर्ष करवा चौथ का व्रत शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
🕕 पूजा मुहूर्त: शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक
🌕 चाँद उदय समय: लगभग 8:13 PM बजे (दिल्ली अनुसार)

इस पवित्र रात्रि में जब चाँद उदय हो, तब अर्घ्य अर्पित करते समय “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें। यह मंत्र वैवाहिक सौभाग्य, प्रेम और जीवन में सामंजस्य को सशक्त बनाता है।

🙏 माता पार्वती और भगवान शिव सभी को प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का आशीर्वाद प्रदान करें।

19/09/2025

इस बार शारदीय नवरात्रि 9 दिन कि ना होकर 10 दिन कि रहेगी, जब नवरात्रि मे एक दिवस बढ जाता है तब इसे और अधिक विशेष शुभफलदायी माना जाता है। इस बार 10 दिवस कि नवरात्रि होने का कारण तृतीया तिथि दो दिवस मे होना है। अत: जो अपने आराध्यदेव कि उपासना करना चाहते है,उनकी विशेष कृपा पाना चाहते है, वे इस नवरात्रि मे सच्चे भाव से प्रेमपूर्वक उपासना करे।

05/09/2025

।। चंद्र_ग्रहण ।।
7 सितंबर 2025 की रात्रि में भारत सहित समस्त विश्व में चन्द्र ग्रहण है। जहां भी उदयानुसार चन्द्रमा आकाश में दिखाई देगा, वहां खग्रास चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार 7 सितंबर की रात 9.57 से अर्धरात्रि 1.27 मिनट तक देखा जा सकता है।

भारत में भी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात 9.57 से शुरू है तथा रात 11.41 पर ग्रहण मध्य में पूरा बिम्ब पृथ्वी की छाया से ढ़का (खग्रास ग्रहण) होगा। खग्रास चंद्रग्रहण रात 11 बजे 12.23 तक देखा जा सकता है।
ग्रहण की समाप्ति रात 1बजकर 27 मिनट पर होगी।

यह ग्रहण 9.57 से 1.27 तक साढ़े तीन घंटे का होगा।

इस दौरान साधक किसी तीर्थ ,नदी पर स्नान, जप तप करें। तथा सामान्य जन भगवद् नाम संकीर्तन करें।

गर्भवती महिलाएं अपनी गोद में ग्रहण के दौरान नारियल/गोला/फल रखें। उसको अगले दिन मंदिर में जाकर चढ़ाएं या नदी में प्रवाहित करें।
इस दौरान खाना पीना, सोना तथा अन्य समस्त कार्य वर्जित हैं।
चन्द्र ग्रहण का सूतक 7 सितंबर दोपहर भारतीय समयानुसार 12 बजकर 57 मिनट पर आरंभ हो जाएगा।
इस दिन का भोजन और श्राद्ध इससे पहले ही करें या फिर दोपहर बाद करना है तो सूखा आटा आदि वस्तुएं ही दान करें।

सूतक काल में भी बच्चों, वृद्धों तथा जरुरतमंद को छोड़कर खाना वर्जित है, यदि सामर्थ्य है तो व्रत करें और ग्रहण के बाद स्नान कर चंद्रमा को अर्घ्य दें। भोजन अगले दिन सूर्योदय के बाद ही करें। इन देशों में ग्रहण देखा जा सकता है भारत नेपाल भूटान बांग्लादेश श्रीलंका पाकिस्तान अफगानिस्तान ईरान इराक तुर्की इजरायल सऊदी अरब जिंबॉब्वे अंगोला अल्जीरिया मिश्र सूडान अफ्रीकी प्रायद्वीप यू कैन फ्रांस रूस जर्मनी पोलैंड ब्रिटेन ग्रीस नॉर्वे स्वीडन समीरपुर यूरोप कजाकिस्तानश्री आदि शक्ति ज्योतिष परामर्श केंद्र 7 सितंबर 2025 को चंद्र ग्रहण पर बनेगा ग्रहण योग जाने राहु चंद्रमा की युक्ति का राशि पर प्रभाव मेष राशि वालों के लिए ग्रहण योग आर्थिक उतार-चढ़ाव मानसिक स्थिति खराब रहेगी वृष राशि वालों के लिए व्यावसायिक परेशानियां कोर्ट कचहरी में हर मिल सकती है पिता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है स्वयं सेहत पर विशेष ध्यान रखें मिथुन राशि वालों के लिए ग्रहण योग थोड़ा काम प्रभाव पड़ेगा लेकिन अपमानित होने का भय रहेगा कर्क राशि वालों के लिए ग्रहण योग सबसे खराब रहेगा आपको आर्थिक मानसिक व शारीरिक रूप से प्रभावित करेगा सेहत का विशेष ध्यान रखें सिंह राशि वालों के लिए ग्रहण का योग स्वास्थ्य व जीवनसाथी का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण का योग आप पर शत्रु हावी हो सकते हैं लेकिन अंत में आपकी ही विजय होगी तुला राशि वालों के लिए ग्रहण का योग मानसिक परेशानियां संतान से दिक्कत प्रेम परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है वृश्चिक राशि वालों के लिए ग्रहण का योग भूमि भवन वाहन

से परेशानियां हो सकती हैं मां का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है कोई बड़ा घरेलू कलह हो सकती है धनु राशि वालों के लिए ग्रहण का योग नाक कान गला परेशानी आ सकती है सावधान रहें मकर राशि वालों के लिए ग्रहण का योग धन हानि कर सकता है कुंभ राशि वालों को मानसिक शारीरिक से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है मीन राशि वालों के लिए ग्रहण का योग पार्टनरशिप से दिक्कत मानसिक परेशानी अनाप-शनाप खर्च कर्ज की स्थिति संतान प्रेम में दिक्कत आ सकती है

8 या 9 अगस्त कब है रक्षाबंधन? यहां जानें सही तारीख और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त● भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक...
04/08/2025

8 या 9 अगस्त कब है रक्षाबंधन? यहां जानें सही तारीख और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

● भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं।

● कब है रक्षा बंधन - सावन महीने की पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त को दोपहर 02:12 पर शुरू होगी और 09 अगस्त को दोपहर 01:24 पर समाप्त होगी, उदया तिथि के अनुसार, 9 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा।

● पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - अगस्त 08, 2025 को 02:12 पी एम बजे
● पूर्णिमा तिथि समाप्त - अगस्त 09, 2025 को 01:24 पी एम बजे

● कब से कब तक रहेगी भद्रा - भद्रा काल की बात करें, तो यह 8 अगस्त को दोपहर 02:12 बजे शुरू होकर 9 अगस्त की अर्द्धरात्रि 01:52 बजे तक रहेगा, रक्षा बन्धन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी इसलिए इस वर्ष राखी बांधने पर भद्रा का कोई असर नहीं पड़ेगा।

● राखी बांधने का शुभ मुहूर्त - रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय 9 अगस्त की सुबह 05:47 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक रहेगा, हालांकि इस बीच राहु काल भी पड़ेगा, जिसमें राखी बांधना वर्जित माना गया है, इस दिन सुबह 09:07 से सुबह 10:47 तक राहुकाल रहने वाला है।

28/03/2025

भारत में सूर्य ग्रहण कल लगेगा या परसों? जानें सूतक काल मान्य होगा या नहीं
29 मार्च 2025 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस बार सूर्य ग्रहण के दिन चैत्र अमावस्या का संयोग भी बनने जा रहा है. साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च, शनिवार को दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से शुरू होगा और समापन शाम 6 बजकर 14 मिनट पर होगा. तो चलिए जानते हैं साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं l

सौरमंडल में ग्रहण भले ही एक खगोलीय घटना हो, लेकिन ज्योतिष के अनुसार इसका प्रभाव लाभदायक या हानिकारक हो सकता है, जिसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है. 29 मार्च 2025 यानी कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो कि भारत में दृश्यमान होगा. साथ ही, कल शनि अमावस्या का संयोग भी बन रहा है l

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास महत्व रखती है. इस बार का सूर्य ग्रहण आंशिक होने वाला है. जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब यह खगोलीय घटना घटित होती है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है. हालांकि, साल 2025 के पहले सूर्य ग्रहण को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह भारत में दिखाई देगा और इसका समय क्या होगा? आइए जानते हैं l

भारत में कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण :

साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि 29 मार्च यानी कल लगेगा. यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा. यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. मूल रूप से यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, आंशिक उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी ध्रुव, आर्कटिक महासागर और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार, 29 मार्च यानी कल लगने वाले सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 21 मिनट पर होगी और इसका समापन शाम 6 बजकर 14 मिनट पर होगा. इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 53 मिनट की रहने वाली है l

सूतक काल मान्य होगा या नहीं :

चूंकि, यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा. इसका सीधा अर्थ यह है कि इस ग्रहण का भारत या दुनिया पर किसी भी तरह का भौतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक या सूतक प्रभाव नहीं पड़ेगा. इस अवधि में भारत के लोगों की दिनचर्या पहले की तरह सामान्य बनी रहेगी. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव केवल उन्हीं क्षेत्रों में पड़ता है जहां इसे देखा जा सकता है. चूंकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई प्रभाव भारतीयों पर नहीं होगा l

कहां कहां दिखेगा ये सूर्य ग्रहण :

यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. बल्कि, यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, आंशिक उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी ध्रुव, आर्कटिक महासागर और अटलांटिक महासागर आदि जगहों पर दिखाई देगा l

कब लगता है सूर्य ग्रहण :

सूर्य ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच स्थित हो जाता है, जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पूरी तरह या आंशिक रूप से नहीं पहुंच पाता. इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के सामने आकर उसकी रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है, जिससे पृथ्वी पर उसकी छाया पड़ती है l

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें :

1. सूर्य ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान करें. पूरे घर और देवी देवताओं को शुद्ध करें l

2. ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य को देखने से बचना चाहिए l

3. ग्रहण के दौरान बाहर जाने से बचें. साथ ही ध्यान रखें कि आप कोई गलत काम न करें l

4. ग्रहण के बाद हनुमान जी की उपासना करें l

सूर्य ग्रहण के दौरान क्यों होता है खाना पीना वर्जित?

धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ भी नहीं खाना चाहिए. इस बात का स्कंद पुराण में भी उल्लेख है कि सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन करने से सेहत पर गलत असर पड़ता है. यह भी बताया गया है कि सूर्य ग्रहण के समय भोजन करने से सारे पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं l

13/03/2025

होलिका दहन मुहूर्त
होलिका दहन बृहस्पतिवार, मार्च 13, 2025 को
होलिका दहन मुहूर्त - 11:26 पी एम से 12:30 ए एम, मार्च 14
अवधि - 01 घण्टा 04 मिनट्स
रंगवाली होली शुक्रवार, मार्च 14, 2025 को
भद्रा पूँछ - 06:57 पी एम से 08:14 पी एम
भद्रा मुख - 08:14 पी एम से 10:22 पी एम
प्रदोष के दौरान होलिका दहन भद्रा के साथ
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - मार्च 13, 2025 को 10:35 ए एम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त - मार्च 14, 2025 को 12:23 पी एम बजे
होलिका दहन के दिन का पञ्चाङ्गहोलिका दहन के दिन का चौघड़िया मुहूर्त
टिप्पणी: सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में नई दिल्ली, भारत के स्थानीय समय और डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है) के साथ दर्शाये गए हैं।
आधी रात के बाद के समय जो आगामि दिन के समय को दर्शाते हैं, आगामि दिन से प्रत्यय कर दर्शाये गए हैं। पञ्चाङ्ग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और पूर्व दिन सूर्योदय के साथ ही समाप्त हो जाता है।

2025 होलिका दहन

हिन्दु धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, होलिका दहन, जिसे होलिका दीपक और छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है, को सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष के समय, जब पूर्णिमा तिथि व्याप्त हो, करना चाहिये। भद्रा, जो पूर्णिमा तिथि के पूर्वाद्ध में व्याप्त होती है, के समय होलिका पूजा और होलिका दहन नहीं करना चाहिये। सभी शुभ कार्य भद्रा में वर्जित हैं।

होलिका दहन के मुहूर्त के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिये -
भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिये उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परन्तु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिये। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूँछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। परन्तु भद्रा मुख में होलिका दहन कदाचित नहीं करना चाहिये। धर्मसिन्धु में भी इस मान्यता का समर्थन किया गया है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भद्रा मुख में किया होली दहन अनिष्ट का स्वागत करने के जैसा है जिसका परिणाम न केवल दहन करने वाले को बल्कि शहर और देशवासियों को भी भुगतना पड़ सकता है। किसी-किसी साल भद्रा पूँछ प्रदोष के बाद और मध्य रात्रि के बीच व्याप्त ही नहीं होती तो ऐसी स्थिति में प्रदोष के समय होलिका दहन किया जा सकता है। कभी दुर्लभ स्थिति में यदि प्रदोष और भद्रा पूँछ दोनों में ही होलिका दहन सम्भव न हो तो प्रदोष के पश्चात होलिका दहन करना चाहिये।

होलिका दहन का मुहूर्त किसी त्यौहार के मुहूर्त से ज्यादा महवपूर्ण और आवश्यक है। यदि किसी अन्य त्यौहार की पूजा उपयुक्त समय पर न की जाये तो मात्र पूजा के लाभ से वञ्चित होना पड़ेगा परन्तु होलिका दहन की पूजा अगर अनुपयुक्त समय पर हो जाये तो यह दुर्भाग्य और पीड़ा देती है।

इस पृष्ठ पर दिया मुहूर्त धर्म-शास्त्रों के अनुसार निर्धारित है। हम होलिका दहन के श्रेष्ठ मुहूर्त को प्रदान कराते हैं। इस पृष्ठ पर दिया मुहूर्त हमेशा भद्रा मुख का त्याग करके निर्धारित होता है क्योंकि भद्रा मुख में होलिका दहन सर्वसम्मति से वर्जित है। होलिका दहन के साथ-साथ इस पृष्ठ पर भद्रा मुख और भद्रा पूँछ का समय भी दिया गया है जिससे भद्रा मुख में होलिका दहन से बचा जा सके। यदि भद्रा पूँछ प्रदोष से पहले और मध्य रात्रि के पश्चात व्याप्त हो तो उसे होलिका दहन के लिये नहीं लिया जा सकता क्योंकि होलिका दहन का मुहूर्त सूर्यास्त और मध्य रात्रि के बीच ही निर्धारित किया जाता है।

रंगवाली होली, जिसे धुलण्डी के नाम से भी जाना जाता है, होलिका दहन के पश्चात ही मनायी जाती है और इसी दिन को होली खेलने के लिये मुख्य दिन माना जाता है।

आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

27/12/2024

जो व्यसन और भोगों के साथ पार्टी करके नये वर्ष का स्वागत करते है ,वे इस बार सावधान रहे। क्योंकि 30 दिसंबर को अमावस्या रहेगी और 31 दिसंबर को सूर्य और चंद्र मे मात्र 2° का अंतर होगा। यह अमावस्या के निकट का चंद्र है।
मंगल नीच राशि मे वक्री होकर शनि और शुक्र पर अपनी दृष्टि बनाये रहेगा, ज्ञान और विवेक के स्वामी देवगुरु भी वक्री स्थिति मे है। दुर्घटनाओं के योग प्रबल है।
विशेष रूप से स्त्री जाति सावधान रहे , क्योंकि शुक्र भी 29 दिसंबर से मंगल और शनि के संपर्क मे आजायेगा।
जो दर्शाता है कि इस समय मे महिलाओं से संबंधित अपराध बढेंगे।
जो नये वर्ष पर दूर किसी मंदिर अथवा तीर्थ मे भी जाना चाहते है, वे भी इस समय मे यात्रा ना करे तो उनके लिये हितकर रहेगा।
वर्ष 2025 का स्वागत घर पर ही भारतीय संस्कृति के अनुसार अनंत कोटि ब्रह्मांडो के स्वामी भगवान का स्मरण करके प्रार्थना करके करे कि है प्रभु आपकी कृपा से वर्ष 2025 का यह काल समस्त जीवों के लिये मंगलमय हो।

30/10/2024

31 अक्टुबर दीपावली पर लक्ष्मीपूजन के लिये सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहुर्त ।

1. साॅंय वृष लग्न 6:59 से रात्रि 8:56 बजे तक ।
2. मध्य रात्रि सिंह लग्न 1:29 से 3:45 बजे तक ।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के उपरांत गणपति अथर्वशीर्ष व "श्रीसूक्त" का पाठ करे।

और सब त्यौहार में अलग बात है-वह सब त्यौहार एक दिन के होते हैं-दिवाली पूरे 5 दिन की होती है-इस पर कन्फ्यूजन सारे त्यौहार ...
29/10/2024

और सब त्यौहार में अलग बात है-वह सब त्यौहार एक दिन के होते हैं-दिवाली पूरे 5 दिन की होती है-इस पर कन्फ्यूजन सारे त्यौहार पर असर डालता है जिन विद्वानों ने यह सब किया है और पहल की है 31 अक्टूबर को मनाने की बात कहने की-बात मानने से कंफ्यूजन दूर हो सकता है। दीपोत्सव की अनंत शुभकामनाएं।

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