Jaat Community INDIA

Jaat Community INDIA Official page of Jaat Community.All Jaat bhai bahan jyda se jyda page se jude.!Jai Jawan Jai Kisan ⛏️🔱
(2)

01/08/2026

उत्तर प्रदेश के किरावली मुख्य बाजार में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित होने पर आप सभी हिंदुओं को शुभकामनाएं |

यह प्रतिमा सिर्फ जाट समाज के लिए ही गर्व का विषय नहीं | बल्कि हर उस हिंदू के लिए गर्व का विषय है जो हिंदू धर्म के लिए लड़ने वाले योद्धाओं का सम्मान करता हो |

इस प्रतिमा को लगवाने वाले नगर पंचायत अध्यक्ष | साथ साथ सभी जनप्रतिनिधि और प्रदेश सरकार का आभार जो मूर्ति को सर्व समाज की सहमति से बिना विवाद के लगने दिया | जय महाराजा सूरजमल |

02/07/2026

🔥 शरीर थक सकता है, हौसला नहीं। 💯👊

02/07/2026
11/06/2026

बहुत से राजपूt बार-बार यह दावा करते हैं कि आजाद भारत से पहले उनकी आर्थिक स्थिति ऐतिहासिक रूप से बहुत अच्छी थी और जाटों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी; ऐसे लोगों को इस विषय पर उपलब्ध ऐतिहासिक और आर्थिक अध्ययनों को पढ़ना चाहिए।

पहली बात, आज़ाद भारत से पहले भी हरियाणा के जाटों की प्रति व्यक्ति आय (per capita income) सबसे अधिक थी; इसके बाद पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटों का स्थान आता है।

किन्तु यहाँ राजस्थान के जाटों की चर्चा सबसे महत्वपूर्ण है। राजस्थान के जाट, विशेषकर हरियाणा और पंजाब से सटे क्षेत्रों तथा जयपुर क्षेत्र के जाटों की प्रति व्यक्ति आय हरियाणा के जाटों के बराबर थी। अब यदि राजस्थान के अन्य क्षेत्रों के जाटों की बात करें, तो शेष जाटों की आर्थिक स्थिति या तो राजपूतों के समकक्ष थी अथवा उनसे बेहतर थी। मारवाड़ के जाट कृषि के रूप में सबसे कम कर (टैक्स) देने वालों में थे। अनेक जाटों को कर में विशेष छूट भी प्राप्त थी। यही कारण था कि जिन क्षेत्रों में लगान अत्यधिक था, वहाँ से अनेक जाट यहाँ आकर विस्थापित होते रहे।

जाटों की भाँति अनेक अन्य जातियाँ भी ऐसी मिल जाएँगी जिनकी स्थिति, कम-से-कम राजस्थान में, एक सामान्य राजपूत से बेहतर थी। कर-संबंधी अभिलेखों को देखें तो यह भी स्पष्ट होता है कि समय के साथ अनेक राजपूत समूहों की आर्थिक स्थिति ब्रिटिश काल में फिर से निरंतर कमजोर होती जा रही थी।

अतः अपनी शोषण-आधारित उस थोथी कथा, एकरेखीय और अतिरंजित कहानी से बाहर आइए। स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए भाटों और दरबारी कवियों द्वारा अनेक कपोल-कल्पित आख्यान गढ़े गए, जिन्हें आज़ादी के बाद विभिन्न समुदायों के नेताओं ने अपनी राजनीतिक आवश्यकताओं के अनुसार व्यापक रूप से प्रचारित किया। निस्संदेह, इससे उन्हें राजनीतिक लाभ भी मिला।

मुगल काल में सत्ता-संरचनाओं से जुड़ाव के कारण कुछ राजपूत समूहों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, जिससे वे अनेक अन्य अग्रणी समुदायों के समकक्ष खड़े हो सके। किन्तु बाद में अपने सामाजिक कुरीतियों, रेपिस्ट माइंडसेट और नशे की प्रवृत्तियों के कारण वे पुनः पिछड़ते चले गए। राजस्थान में एक दलित समुदाय हैं; मेघवाल, जिसका उदाहरण देखिए, जिसने पिछले पचास वर्षों में राजपूतों से कई गुना अधिक सामाजिक-आर्थिक प्रगति की है। इसी प्रकार दूसरा उदाहरण मीणा समुदाय का देख सकते है; हालाँकि मीणाओं की स्थिति पहले भी अपेक्षाकृत अच्छी थी।

22/05/2026

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज, अरुंधति चौधरी का कॉमनवेल्थ गेम्स में चयन होने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं।

यह पूरे देश और राजस्थान के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है कि आप ग्लॉस्गो में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर के रूप में कॉमनवेल्थ गेम्स में कदम रखकर आपने इतिहास रच दिया है।

मुझे न सिर्फ आशा बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आपकी कड़ी मेहनत, लगन से ग्लॉस्गो में तिरंगा लहराएगी और आप मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाएंगी। हमारी दुआएं और शुभकामनाएं आपके साथ हैं। 🇮🇳

Address

New Delhi
110001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jaat Community INDIA posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share