25/07/2026
•दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस, RAF, व CISF द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, टियर गैस और पैलेट गन जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करने का विरोध करो।
साथियों,
छात्र संघर्ष मंच (CSM)हरियाणा, दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज, बल प्रयोग तथा कथित दमनात्मक कार्रवाई का पुरजोर विरोध करता है।
देशभर के लाखों युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष परीक्षाओं और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागना , पत्थर फेंकना, इलेक्ट्रिक शौक देना और महिलाओं के साथ अमानवीय कृत्य करना भारत के लिए शर्मनाक दृश्य है। एक तरफ तो भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते है जिसमें अरबों रुपए खर्च किए गए, लेकिन दूसरी तरफ वह बेटियों के साथ हुई अमानवीय कृत्य पर चुप्पी साधे हुए है।
साथियों, दिल्ली पुलिस ने वर्दीधारी गुंडों की तरह काम करते हुए और अन्य बलों जैसे RAF, CISF के साथ मिलकर, इस मनुवादी फासीवादी सरकार की सेवा की है। जब-जब आवाम अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष करती है तो सत्ताधारी व पूंजीपति वर्ग अपनी रक्षा व लूट को सुरक्षित रखने के लिए इन्हीं पुलिस,मिल्ट्री फोर्स को आवाम के दमन के लिए आगे कर देती है। इनका उद्देश्य आवाम की रक्षा करना नहीं, बल्कि सत्ताधारी व पूंजीपति वर्ग के हितों को आगे बढ़ाना है। राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मरक्षा के नाम पर, लगातार बढ़ती निगरानी का उद्देश्य केवल उन लोगों की पहचान करना, उन्हें निशाना बनाना और उन पर हमला करना है जो इस फासीवादी राज्य पर सवाल उठाते हैं और इसके खिलाफ संघर्ष करते हैं।
हम मानते हैं कि प्रत्येक नागरिक को अपने हक अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने,अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
हम संघर्ष में आगे आए छात्रों और युवाओं का समर्थन करते हैं और राज्य द्वारा की गई बर्बरता का कड़ा विरोध करते हैं सभी प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और क्रांतिकारी शक्तियों से इस फासीवादी राज्य के खिलाफ एकजुट संघर्ष करने का आग्रह करते हैं।
हमारी प्रमुख मांगें:
1.प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस, पत्थर से हमले करने वाले अधिकारियों के ऊपर उचित कार्रवाई की जाए
2.महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
3.पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
4.पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को 1-1 करोड़ मुआवजा दिया जाए।
5.सभी छात्रों के लिए मुफ्त, समान, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक शिक्षा सुनिश्चित की जाए।
6.युवाओं के लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए तथा असहमति का सम्मान किया जाए।
7.शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा लिया जाए।
जारीकर्ता:- छात्र संघर्ष मंच (CSM) हरियाणा।