28/09/2025
नमश्चण्डिकायै!
माँ पराम्बा राजराजेश्वरी के मंदिर के निर्माण की प्रगति की कुछ मनभावन छवि....
शुभचिंतको , एक निवदेन , सहयोग के लिए निवेदन ..
वर्तमान में , श्रीकंठ महादेव फाउंडेशन को आपके सहयोग की आवश्यकता है , आप जीस भी तरीके से सहयोग कर सकते हैं कीजिये...
तन से ,
मन से ,
धन से,
प्रचार से ,
प्रसार से
हर प्रकार से सहयोग कीजिये...
सभी शुभचिंतक गुरुजनों, धर्मनिष्ठ बंधुओं, अनन्य मित्रजनों, मेरी भागवती कथाओं के श्रोताओं, आयोजकों, सभी शिष्यों एवं इस पटल पर मेरे प्रिय भाई-बहनों को अवगत कराते हुए हर्ष का अनुभव हो रहा है कि उत्तराखंड की शिवालिक पर्वतश्रेणी के अंचल में दिव्य पौराणिक मार्कण्डेय पर्वत की सन्निधि में ग्राम सुआधार-चोपड़ा, ज्योलिकोट, नैनीताल में श्रीकण्ठ महादेव फाउण्डेशन धर्मार्थ न्यास के तत्वावधान में दिव्य शिवधाम निर्माण के साथ साथ वैदिक-पौराणिक शिक्षा का केन्द्र गत दो वर्षों स्थापित करने का प्रयास हम रहे हैं। अनेकानेक मानवीय, प्राकृतिक, आर्थिक विघ्नों ने अनेक बार हमें लक्ष्य से विचलित भी किया। विघ्नों के कारण निराशा इतनी गहन थी कि अंत में अपने ईष्टदेव देवाधिदेव महादेव की शरणागति के सिवा कोई उपाय शेष नहीं रहा। उन्हीं करुणानिधान आशुतोष सदाशिव की अपार करुणा हुई और उन्होंने ही संकेत दिया कि सर्वप्रथम पराम्बा त्रिपुरसुन्दरी राजराजेश्वरी को स्थापित किया जाय तो ही संकल्प सुचारू रूप से पूर्ण होगा। अब शिवजी के दिये आदेश का ही पालन करते हुये जून 2025 में भूदेवी का पूजन कर शिलापूजन कर अम्बा राजराजेश्वरी के मन्दिर का निर्माण शुरु किया। वास्तविक परीक्षा अब शुरु हुई। इस वर्ष की अतिवृष्टि ने सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिये। इतनी वर्षा मैंने अपने जीवनकाल में नहीं देखी, उस पर पहाड़ के लगभग शिखर पर निर्माण का कार्य और दुर्गम मार्ग पर प्रतिदिन 60-65 किमी की स्वयं कार ड्राईव। अंत में दयानिधि राजराजेश्वरी की कृपा हुई, परीक्षा सम्पन्न हुई और मुझे आप सबको बताते हुये हर्ष हो रहा है कि गहन वृक्षों से आच्छादित दिव्य भूमि में अत्यंत सुंदर मन्दिर के साथ साथ तीन सुंदर सी कुटिया भी बनकर लगभग तैयार हो गई हैं, कार्य प्रातः 8 बजे से लेकर रात्रि 11-12 बजे तक चल रहा है क्योंकि ईष्टकृपा से 2 अक्टूबर विजयादशमी से 6 अक्टूबर शरदपूर्णिमा पर्यंत माँ पराम्बा राजराजेश्वरी मन्दिर का उद्घाटन, प्राणप्रतिष्ठा का कार्यक्रम सुनिश्चित हुआ है। आगे चलकर श्रीकण्ठ महादेव मन्दिर, गुरुकुल और छात्रवास के साथ-साथ गोशाला निर्माण की ओर हम अग्रसर होंगे।
इस पुनीत कार्य में अनेकानेक धर्मनिष्ठ लोगों का हमें सहयोग प्राप्त हो रहा है। धर्म का बल भी सहभागिता, सहयोग, सहकारिता, संगठन और सहसमन्वय ही है, इसके बिना धर्म का कार्य असम्भव है। हमारी गति अवश्य बहुत धीमी है क्योंकि मांगने की प्रवृति मुझमें नहीं है, अब तक बिना मांगे ही यहाँ तक कि यात्रा सम्पन्न हुई है, पवित्र उद्देश्य को यहाँ तक लाने में मैंने अपना दायित्व पूर्ण निष्ठा से निर्वहन किया है। किंतु अब सहयोग, सहभागिता, सहकारिता, संगठन, सहसमन्वय की आवश्यकता है।
यदि आपको मुझ पर विश्वास है तो आप मेरे इस संकल्प के साथ जुड़ें। हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर क्रमशः दस वर्षों, पचास वर्षों, सौ वर्षों से लेकर सातत्य तक हिन्दुत्व, हिंदू धर्म को वैभव तक ले जाने का महनीय दायित्व निर्वहन करेंगे।
किसी ने मुझसे प्रश्न किया था कि मनुष्यता क्या है? मैंने उसे व्यासपीठ की कृपा से उत्तर दिया था - "संस्कृति, सभ्यता, रीति रिवाज, परम्पराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित करने की सामर्थ्य ही मनुष्यता है। आइये अपने भीतर इस भाव को सिद्ध करें। आप सबका सहयोग हमारे लिये प्रेरणा है।
जिन सुहृदय मित्रों ने बिना कुछ कहे अब तक सहयोग दिया है, उन सभी के प्रति मैं कृतज्ञ हूँ, धन्यवादित हूँ, नतमस्तक हूँ।
आप सभी को हृदय से माँ पराम्बा राजराजेश्वरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में निमन्त्रण है। संलग्न निमन्त्रण पत्र को व्यक्तिगत निमन्त्रण पत्र की मान्यता देकर हमें अनुगृहीत करें।
नमः परमशिवाय।।
भवदीय
"धर्म-मार्तण्ड" नमनकृष्ण भागवत्किंकर।
श्रीकण्ठ महादेव फाउण्डेशन धर्मार्थ न्यास।
ग्राम सुआधार - ज्योलिकोट, नैनीताल।।