28/09/2026
नमस्कार साथियों 🚊
🚨 महत्वपूर्ण सूचना🚨
#
रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए IRHMC गठन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
6.50 लाख श्रमिकों और 1,200 रेलवे माल गोदामों का आंकड़ा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को प्रस्तुत
नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026।
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ ने रेलवे माल गोदामों में कार्यरत लाखों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, विधिक संरक्षण, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां तथा एक संगठित एवं पारदर्शी कार्य व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ वर्ष 1998 से रेलवे के विभिन्न माल गोदामों में कार्यरत लोडिंग एवं अनलोडिंग श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य करता आ रहा है।
इसी क्रम में संगठन द्वारा 7 अगस्त 2026 को माननीय केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मांडविया जी के समक्ष रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए “Indian Railway Hamal Management Corporation (IRHMC)” के गठन का विस्तृत नीतिगत प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य केवल श्रमिक कल्याण नहीं, बल्कि भारतीय रेल की माल परिवहन व्यवस्था को अधिक संगठित, पारदर्शी, सुरक्षित, जवाबदेह एवं प्रतिस्पर्धी बनाना है।
श्रम मंत्रालय द्वारा मांगे गए महत्वपूर्ण आंकड़े
7 अगस्त को प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव स्तर से संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी से संपर्क किया गया तथा देशभर के रेलवे माल गोदामों की संख्या, वहां कार्यरत श्रमिकों की संख्या तथा संगठन द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कराए गए श्रमिकों की संख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई।
संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी द्वारा मंत्रालय की मांग के अनुरूप 31 अगस्त 2026 को विस्तृत रिपोर्ट श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को प्रस्तुत की गई।
संगठन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार—
लगभग 1,200 रेलवे माल गोदाम देशभर में चिन्हित किए गए हैं।
इन माल गोदामों में लगभग 6.50 लाख श्रमिक कार्यरत हैं।
संगठन के प्रयास से लगभग 4.80 लाख रेलवे माल गोदाम श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया है।
ये आंकड़े रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की वास्तविक संख्या, उनकी व्यापक उपस्थिति तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे में उन्हें लाने के लिए संगठन द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हैं।
मंत्रालय स्तर पर IRHMC प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का आश्वासन
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय प्रभारी को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गई है कि संगठन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों एवं Indian Railway Hamal Management Corporation (IRHMC) के प्रस्ताव को समेकित करते हुए इसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार कर माननीय प्रधानमंत्री जी एवं रेल मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि प्रस्ताव पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श के माध्यम से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
संगठन इस सकारात्मक पहल का स्वागत करता है और आशा करता है कि रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की वर्षों पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
IRHMC क्यों आवश्यक है?
वर्तमान व्यवस्था में रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों की पहचान, पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल की मूलभूत सुविधाओं तथा उत्तरदायित्व निर्धारण से संबंधित अनेक चुनौतियां बनी हुई हैं।
संगठन का प्रस्ताव है कि IRHMC के माध्यम से—
👉1. देशभर के रेलवे माल गोदाम श्रमिकों का केंद्रीकृत डिजिटल पंजीकरण किया जाए।
👉2. प्रत्येक श्रमिक को प्रमाणिक डिजिटल पहचान उपलब्ध कराई जाए।
👉3. श्रमिकों को लागू श्रम कानूनों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा एवं वैधानिक लाभों से जोड़ा जाए।
👉4. कार्यस्थलों पर पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
👉5. माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही स्थापित की जाए।
👉6. दुर्घटना की स्थिति में उत्तरदायित्व एवं सहायता की स्पष्ट व्यवस्था हो।
👉7. अनावश्यक बिचौलिया व्यवस्था को नियंत्रित कर मालवाहकों एवं रेलवे के लिए अधिक पारदर्शी सेवा व्यवस्था विकसित की जाए।
👉8. भारतीय रेल की माल ढुलाई व्यवस्था को आधुनिक लॉजिस्टिक्स प्रणाली के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
👉9. नया श्रम कानून के तहत सभी श्रमिकों को उनकी हक का न्यूनतम वेतन DBT के माध्यम से उनके बैंक खाते में मिलना चालू हो।
संगठन का ऐतिहासिक संघर्ष
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ वर्ष 1998 से इस विषय को लगातार सरकार एवं संबंधित संस्थानों के समक्ष उठाता रहा है।
वर्ष 2003 में भारतीय रेल एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय बैठक, वर्ष 2004 से 2008 तक जंतर-मंतर पर आंदोलन, वर्ष 2017 में डिजिटल पहचान व्यवस्था, वर्ष 2021 में त्रिपक्षीय बैठक एवं श्रमिक हितों से संबंधित मांगों, तथा रेलवे माल गोदाम श्रमिकों को ई-श्रम व्यवस्था से जोड़ने की पहल के माध्यम से संगठन ने इस विषय को लगातार आगे बढ़ाया है।
वर्ष 2024 में संगठन द्वारा IRHMC गठन का प्रस्ताव भारतीय रेल एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के समक्ष रखा गया तथा वर्तमान व्यवस्था की जांच एवं सुधार की मांग की गई।
राष्ट्रीय हित से जुड़ा प्रस्ताव
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का मानना है कि IRHMC केवल श्रमिकों के हित में बनने वाला संस्थान नहीं होगा, बल्कि यह भारतीय रेल की माल ढुलाई क्षमता, लॉजिस्टिक्स दक्षता, राजस्व सुदृढ़ीकरण, माल सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक संस्थागत सुधार हो सकता है।
यह पहल भारत सरकार के “विकसित भारत”, PM Gati Shakti, Ease of Doing Business तथा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स आधुनिकीकरण जैसे व्यापक उद्देश्यों के साथ समन्वित की जा सकती है।
संगठन की मांग
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ केंद्र सरकार से आग्रह करता है कि—
👉1. IRHMC प्रस्ताव पर शीघ्र उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए।
👉2. रेल मंत्रालय एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाकर प्रस्ताव का परीक्षण किया जाए।
👉3. देशभर के रेलवे माल गोदामों एवं वहां कार्यरत श्रमिकों का व्यापक डिजिटल सर्वे कराया जाए।
👉4. संगठन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों एवं उपलब्ध सरकारी आंकड़ों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए।
👉5. एक पायलट परियोजना के माध्यम से IRHMC मॉडल को लागू करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
👉6. सफल परीक्षण के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश के रेलवे माल गोदामों में लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जाए।
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ इस विषय पर केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय एवं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ रचनात्मक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
संगठन का विश्वास है कि यदि IRHMC की स्थापना एवं कार्यान्वयन की दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाता है, तो इससे देश के लगभग 6.50 लाख रेलवे माल गोदाम श्रमिकों को संगठित एवं सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय रेल की माल परिवहन व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं दक्ष बनाने में सहायता मिल सकती है।
— भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ
राष्ट्रीय कार्यालय
नई दिल्ली