15/04/2026
👍 मरहूम अजरा खान को श्रद्धांजलि: शिक्षा के क्षेत्र की समर्पित प्रिंसिपल
कभी-कभी कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने कर्म, सादगी और समर्पण से समाज में एक अलग पहचान बना जाते हैं। अजरा खान भी उन्हीं चुनिंदा शख्सियतों में से एक थीं, जिन्होंने कम उम्र में ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकेड़ा की प्रिंसिपल के रूप में उनका कार्यकाल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
उनसे हुई हर मुलाकात आज भी यादों में ताजा है। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, विनम्र और सम्मानपूर्ण था। चाहे फोन पर बातचीत हो या विद्यालय में आमने-सामने मुलाकात—वह हर बार बड़े आदर के साथ “सर” कहकर संबोधित करती थीं। उनका यह विनम्र स्वभाव आज के समय में विरले ही देखने को मिलता है।
मेवात क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा को नई दिशा देने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकेड़ा में अपग्रेड कराने के लंबे संघर्ष में उनका सहयोग और सकारात्मक सोच हमेशा प्रेरणा देती रही। वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह प्रयास 20 नवंबर 2025 को उस समय ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल गया, जब विद्यालय का सफलतापूर्वक उन्नयन हुआ।
इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा था—
“राजुद्दीन जी, आपके अथक संघर्ष और निरंतर प्रयासों के कारण मेवात क्षेत्र में 40-50 से अधिक विद्यालयों का अभूतपूर्व अपग्रेडेशन संभव हुआ है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद पैदा की है। आपके प्रयासों की बदौलत ही आज नए-नए लेक्चरर प्रिंसिपल बनने लगे हैं। अन्यथा यह केवल एक सपना ही रह जाता, जो शायद उम्र के अंतिम पड़ाव में ही पूरा होता। अब आपके संघर्ष से यह सपना साकार होने लगा है, जो हम सभी के लिए गर्व और खुशी की बात है।”
उनकी सोच स्पष्ट और दूरदर्शी थी—“अगर बेटियां शिक्षित होंगी, तो समाज स्वतः प्रगति करेगा।”
इसी विचारधारा के साथ उन्होंने विद्यालय में शिक्षा का ऐसा वातावरण बनाया, जहां छात्राओं को न केवल पढ़ाई बल्कि आत्मविश्वास भी मिला।
मेवात आरटीआई मंच के निरंतर प्रयासों से आकेड़ा के साथ-साथ कंसाली और चंदेनी जैसे विद्यालयों का भी उन्नयन हुआ। इन विद्यालयों में 1 अप्रैल 2026 से कक्षा नौवीं के प्रवेश प्रारंभ होना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।
दुर्भाग्यवश, डिलीवरी के बाद अचानक ब्रेन हेमरेज के कारण मंगलवार को उनका आकस्मिक निधन हो गया। वह मूल रूप से रूपडाका गांव की निवासी थीं और मेवात कैडर में प्रिंसिपल के पद पर सेवाएं दे रही थीं। उनका इस प्रकार अचानक चले जाना न केवल शिक्षा जगत, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
आज जब हम उन्हें याद करते हैं, तो उनकी सादगी, उनका समर्पण और उनका शिक्षा के प्रति जुनून हमारे सामने एक प्रेरणा बनकर खड़ा हो जाता है। उनका जीवन भले ही अल्पकालिक रहा हो, लेकिन उनके कार्य और उनके द्वारा जगाई गई शिक्षा की अलख हमेशा समाज को रोशन करती रहेगी।
सौजन्य : राजुद्दीन जंग एवं सबीला जंग, गांव घगस
📞 9416636763, 8930366186
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