MEWAT RTI MANCH

MEWAT RTI MANCH RAJUDDIN MEWAT
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गांव कल्लूगढ़ी में लंबे समय बाद एक भावुक और यादगार दृश्य देखने को मिला, जब तीनों बहनें अपने भाइयों से मिलीं। जैसे ही वे ...
23/04/2026

गांव कल्लूगढ़ी में लंबे समय बाद एक भावुक और यादगार दृश्य देखने को मिला, जब तीनों बहनें अपने भाइयों से मिलीं। जैसे ही वे घर के आंगन में पहुंचीं, खुशी और भावनाओं से पूरा माहौल भर गया। भाइयों ने बहनों के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया, और इस स्नेह भरे पल ने सभी के दिलों को छू लिया। लंबे समय बाद हुए इस मिलन से बचपन की यादें ताजा हो गईं। हंसी, मुस्कान और अपनापन हर चेहरे पर साफ झलक रहा था। परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों के लिए भी यह पल बेहद खास और सुखद बन गया।

23/04/2026

“सिर पर हाथ रखकर दिया आशीर्वाद, खुशी से खिल उठे चेहरे।”

CMO Haryana Pankaj Nain IPS
21/04/2026

CMO Haryana Pankaj Nain IPS

मरणोपरांत आशा भोसले को भारत रत्न देने की मांग तेजमेवात आरटीआई मंच एवं मौजी फाउंडेशन द्वारा महान पार्श्व गायिका आशा भोसले...
16/04/2026

मरणोपरांत आशा भोसले को भारत रत्न देने की मांग तेज

मेवात आरटीआई मंच एवं मौजी फाउंडेशन द्वारा महान पार्श्व गायिका आशा भोसले को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व समाजसेवी राजुद्दीन जंग एवं सबीला जंग कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि आशा भोसले के अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न दिया जाए। अभियान के तहत लोगों को जोड़कर हस्ताक्षर व पोस्टकार्ड भेजने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि इस मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके। संस्थाओं का कहना है कि आशा भोसले ने अपने लंबे संगीत करियर में हजारों गीत गाकर भारतीय संगीत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धियां और योगदान इस सम्मान के पूरी तरह योग्य हैं। अभियान के संयोजकों राजुद्दीन जंग व सबीला जंग ने सरकार से मांग की है कि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे देश की इस महान कलाकार को उचित सम्मान मिल सके।

👍 मरहूम अजरा खान को श्रद्धांजलि: शिक्षा के क्षेत्र की समर्पित प्रिंसिपलकभी-कभी कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने कर्म...
15/04/2026

👍 मरहूम अजरा खान को श्रद्धांजलि: शिक्षा के क्षेत्र की समर्पित प्रिंसिपल

कभी-कभी कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने कर्म, सादगी और समर्पण से समाज में एक अलग पहचान बना जाते हैं। अजरा खान भी उन्हीं चुनिंदा शख्सियतों में से एक थीं, जिन्होंने कम उम्र में ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकेड़ा की प्रिंसिपल के रूप में उनका कार्यकाल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

उनसे हुई हर मुलाकात आज भी यादों में ताजा है। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, विनम्र और सम्मानपूर्ण था। चाहे फोन पर बातचीत हो या विद्यालय में आमने-सामने मुलाकात—वह हर बार बड़े आदर के साथ “सर” कहकर संबोधित करती थीं। उनका यह विनम्र स्वभाव आज के समय में विरले ही देखने को मिलता है।

मेवात क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा को नई दिशा देने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकेड़ा में अपग्रेड कराने के लंबे संघर्ष में उनका सहयोग और सकारात्मक सोच हमेशा प्रेरणा देती रही। वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह प्रयास 20 नवंबर 2025 को उस समय ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल गया, जब विद्यालय का सफलतापूर्वक उन्नयन हुआ।

इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा था—
“राजुद्दीन जी, आपके अथक संघर्ष और निरंतर प्रयासों के कारण मेवात क्षेत्र में 40-50 से अधिक विद्यालयों का अभूतपूर्व अपग्रेडेशन संभव हुआ है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद पैदा की है। आपके प्रयासों की बदौलत ही आज नए-नए लेक्चरर प्रिंसिपल बनने लगे हैं। अन्यथा यह केवल एक सपना ही रह जाता, जो शायद उम्र के अंतिम पड़ाव में ही पूरा होता। अब आपके संघर्ष से यह सपना साकार होने लगा है, जो हम सभी के लिए गर्व और खुशी की बात है।”

उनकी सोच स्पष्ट और दूरदर्शी थी—“अगर बेटियां शिक्षित होंगी, तो समाज स्वतः प्रगति करेगा।”
इसी विचारधारा के साथ उन्होंने विद्यालय में शिक्षा का ऐसा वातावरण बनाया, जहां छात्राओं को न केवल पढ़ाई बल्कि आत्मविश्वास भी मिला।

मेवात आरटीआई मंच के निरंतर प्रयासों से आकेड़ा के साथ-साथ कंसाली और चंदेनी जैसे विद्यालयों का भी उन्नयन हुआ। इन विद्यालयों में 1 अप्रैल 2026 से कक्षा नौवीं के प्रवेश प्रारंभ होना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।

दुर्भाग्यवश, डिलीवरी के बाद अचानक ब्रेन हेमरेज के कारण मंगलवार को उनका आकस्मिक निधन हो गया। वह मूल रूप से रूपडाका गांव की निवासी थीं और मेवात कैडर में प्रिंसिपल के पद पर सेवाएं दे रही थीं। उनका इस प्रकार अचानक चले जाना न केवल शिक्षा जगत, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

आज जब हम उन्हें याद करते हैं, तो उनकी सादगी, उनका समर्पण और उनका शिक्षा के प्रति जुनून हमारे सामने एक प्रेरणा बनकर खड़ा हो जाता है। उनका जीवन भले ही अल्पकालिक रहा हो, लेकिन उनके कार्य और उनके द्वारा जगाई गई शिक्षा की अलख हमेशा समाज को रोशन करती रहेगी।
सौजन्य : राजुद्दीन जंग एवं सबीला जंग, गांव घगस
📞 9416636763, 8930366186
CMO Haryana Rao Inderjit Singh Deepender Singh Hooda Abhay Singh Chautala Bhupinder Singh Hooda Dushyant Chautala Digvijay Chautala PMO India

समता, न्याय और अधिकारों के महान प्रतीक, भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती प...
14/04/2026

समता, न्याय और अधिकारों के महान प्रतीक, भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

उनके विचार हमें समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

आइए, हम सब मिलकर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लें और एक मजबूत, समतामूलक समाज का निर्माण करें। जय भीम!

🌷 मेवात की अज़ीम शख्सियत चौधरी आस मोहम्मद जमादार 🌷🌻🌺🌸🌼🌹🌹 चौधरी आस मोहम्मद जमादार मेवात क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित, प्रभावश...
13/04/2026

🌷 मेवात की अज़ीम शख्सियत चौधरी आस मोहम्मद जमादार 🌷🌻🌺🌸🌼🌹

🌹 चौधरी आस मोहम्मद जमादार मेवात क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित, प्रभावशाली और सम्मानित शख्सियत के रूप में जाने जाते हैं। 360 गांवों की चौधर से जुड़ी उनकी पहचान न केवल एक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक नेतृत्व और न्यायप्रियता की मिसाल भी है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनके पिता चौधरी कमरुद्दीन के निधन के बाद विरासत में मिली, जिसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं।

🌼 हरियाणा के शाहपुर गांव में 22 फरवरी 1955 को जन्मे चौधरी आस मोहम्मद जमादार आज 71 वर्ष की आयु में भी समाज की सेवा में सक्रिय हैं। उनका व्यक्तित्व—5 फुट 8 इंच लंबाई, 103 किलोग्राम वजन, सांवला रंग, सुथरा नाक-नक्श और तेज़ निगाहें—उन्हें एक प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनाता है।

🌸 पंचायत के फैसलों में उनकी निष्पक्षता और जिम्मेदारी उन्हें “पंच परमेश्वर” के रूप में पहचान दिलाती है। वे हर विवाद को शांति, समझदारी और न्याय के साथ सुलझाने के लिए जाने जाते हैं, जिससे समाज में भाईचारा और विश्वास मजबूत होता है।

🌺 जमादारी का पद एक रसूखदार और सम्मानित पद माना जाता है, जिसे समाज में ‘चौधर’ के रूप में जाना जाता है। यह केवल प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, नेतृत्व और परंपरा का प्रतीक है। अंग्रेजी शासनकाल से चली आ रही यह परंपरा आज भी पूरी गरिमा के साथ कायम है।

🌻 वे सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी हैं और मेवात आरटीआई मंच एवं मौजी फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य एवं सलाहकार के रूप में समाज सेवा कर रहे हैं। उनके प्रयासों से शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

🌷 आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। दुआ है कि अल्लाह ताला उन्हें लंबी उम्र, अच्छी सेहत और इसी तरह समाज की सेवा करने की ताकत अता फरमाए। उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहे। CMO Haryana Rao Inderjit Singh Deepender Singh Hooda Abhay Singh Chautala Dushyant Chautala Digvijay Chautala Bhupinder Singh Hooda

पद्म विभूषण से सम्मानित महान गायिका आशा भोसले जी को  भावभीनी श्रद्धांजलि। 🎨उनकी सुरीली और अमर आवाज़ सदैव पीढ़ियों को प्र...
13/04/2026

पद्म विभूषण से सम्मानित महान गायिका आशा भोसले जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। 🎨

उनकी सुरीली और अमर आवाज़ सदैव पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

“आपकी आवाज़ हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।” 🙏

12/04/2026

मेवात की धरोहर: गुमटी बिहारी का ऐतिहासिक गुंबद उपेक्षा का शिकार
मेवात क्षेत्र के नागीना कस्बे से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित घुमाड़ी गांव में बना गुमटी बिहारी का ऐतिहासिक गुंबद अपनी अद्भुत वास्तुकला और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इसका निर्माण Mughal Emperor Akbar के शासनकाल में हुआ था, जो उस दौर की कला और संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
यह गुंबद एक विशाल चबूतरे के ऊपर निर्मित तीन मंजिला संरचना है। चबूतरे के नीचे बड़े-बड़े हॉल बने हुए हैं, जिनमें कुल 18 दरवाजे हैं। इन दरवाजों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है।
गुंबद के प्रथम तल पर चारों दिशाओं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—में बड़े-बड़े दरवाजे बने हुए हैं, जिनकी कलात्मक नक्काशी देखने योग्य है। इस तल तक पहुंचने के लिए चारों दिशाओं में सीढ़ियां बनाई गई हैं। गुंबद के अंदर सुंदर नक्काशी के साथ अरबी अक्षरों में एक कब्र भी मौजूद है, जो संभवतः किसी पीर-फकीर या उस समय के किसी दरबारी की हो सकती है।
दूसरे और तीसरे तल तक जाने के लिए भी चारों दिशाओं में सीढ़ियों की व्यवस्था है। सबसे ऊपर वाले गोल गुंबद तक पहुंचने पर दो घड़े-नुमा संरचनाएं दिखाई देती हैं, जो इस ऐतिहासिक इमारत का प्रमुख आकर्षण हैं।
यह स्थल 13वीं या 14वीं शताब्दी की स्थापत्य शैली का आभास कराता है और मेवात के समृद्ध इतिहास की गवाही देता है। हालांकि, हरियाणा का पुरातत्व विभाग इसके संरक्षण के लिए सक्रिय है, लेकिन चबूतरे के चारों ओर हो रहा अवैध अतिक्रमण इस धरोहर के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
जरूरत है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अनमोल विरासत को देख और समझ सकें।

जन्मदिन के अवसर पर मुझे स्नेह, प्यार और शुभकामनाएं देने वाले सभी सम्मानित साथियों, मित्रों, बड़े-बुजुर्गों एवं शुभचिंतको...
12/04/2026

जन्मदिन के अवसर पर मुझे स्नेह, प्यार और शुभकामनाएं देने वाले सभी सम्मानित साथियों, मित्रों, बड़े-बुजुर्गों एवं शुभचिंतकों का दिल की गहराइयों से धन्यवाद।

आप सभी के आशीर्वाद और स्नेह ने इस दिन को मेरे लिए विशेष बना दिया। मैं, श्री राजुद्दीन जंग जी (संरक्षक, मेवात RTI मंच), आप सभी का हृदय से आभारी हूँ और ईश्वर से आपके स्वस्थ, सुखी और उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।

आपका अपना
राजुद्दीन जंग
संरक्षक, मेवात RTI मंच 🙏

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