21/10/2025
"ग्रुप अपने आदर्श कभी नही त्यागता"
वन्देमातरम ग्रुप प्रत्येक वर्ष बड़े उत्सवों को जरूरतमंद परिवारों के साथ मनाता आया है, सबसे पहले ऐसे परिवारों का चयन किया जाता है जो वास्तविक रूप से जरूरतमंद हो,उसके बाद टीम उस परिवार तक कुछ दीपक,मिठाई,लक्ष्मी पन्ना,तेल,सभी मसाले,चाय-चिन्नी,सूकी सब्जियां आदि राशन सामग्री पहुँचाकर ऐसे पावन पर्व मनाती है,
यही हमारे लिए सच्ची खुशी है,छोटे बच्चों की प्रिय मुस्कान हजारों प्रकार की खुशियों से भी कही अधिक शुकुन देती है,
इन परिवारों हेतु ग्रूप की टीम में रमेशजी दाधीच,राकेशजी वैष्णव,वीरेंद्रसिंहजी,सुरेन्द्रजी हिंदुस्तानी एवं गोपीकिशनजी का हमेशा से ही सहयोग रहा है,
हम इतने समर्थ नही की इतनी सामग्रियां एकत्रित कर पाए, ऐसे में बस, मन विचलित सा हो जाता है यह सोच कर कि हम उन परिवारों के लिए कुछ भी नही कर पाएं है, लेकिन प्रभु कुछ न कुछ माध्यम से अवश्य ही व्यवस्था कर ही देते है, क्योंकि हमें यह भ्रम कभी नही होता है कि यह हम कर रहे है, मात्र माध्यम के सिवा कुछ भी तो नही,
ग्राम खेराट के ओमजी नायक जिनके करंट लगने से हाथ कट गए,माथे और पैरों में कभी न भरने वाले घाव,लेकिन ना ही ग्राम पंचायत ने ना ही किसी सरकारी नुमाइंदो ने इनपर ध्यान दिया,दो बच्चियां सरकारी स्कूल जाती है लेकिन फिर भी पालहनहार की सहायता नही है,ना ही पानी हेतु सरकारी टांके की कोई व्यवस्था और तो और सबसे बड़ी आवश्यकता इंग्लिश टॉयलेट की है लेकिन शौचालय तो कही आसपास ही नही,
पहले भी पूरी जानकारी के साथ आप सभी ने वीडियो के माध्यम से जाना ही होगा लेकिन सारे विभाग शायद कुम्भकर्णी नींद सोए है,
ठीक इसी तरह ग्राम चाऊ का 35 वर्षीय 'छोटू' बचपन से ही पिता का साया उठ गया, छोटू चलने में असमर्थ है,बोल नही सकता,सिर्फ सुनकर महसूस कर सकता है, एकमात्र माँ है जो भोजन से लेकर टॉयलेट तक खुद करवाती है, लेकिन अगर जरूरत पड़ जाए तो माँ भी छोटू का वजन उठा कर उसे कहि ईलाज हेतु,पेंशन वेरिफिकेशन हेतु या अन्य कार्यो से कहि भी ले जाने में समर्थ नही,मात्र पेंशन के सहारे ही जीवन गुजर रहा.,
Dr. Manju Baghmar
Surendra Panwar